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IAS Success Story: बिना कोचिंग के चार महीने तैयारी कर सौम्या ऐसे बनीं IAS, बताई रणनीति

News18Hindi
Updated: April 4, 2020, 6:53 AM IST
IAS Success Story: बिना कोचिंग के चार महीने तैयारी कर सौम्या ऐसे बनीं IAS, बताई रणनीति
सौम्या ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली से कानून की पढ़ाई की है.सौम्या ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली से कानून की पढ़ाई की है.

IAS Success Story: सौम्या ने बताया कि जीएस-2 की परीक्षा के दौरान बीच-बीच में मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा रहा था. मैं तुरंत ऊर्जा के लिए चॉकलेट खाती और उत्तर लिखने में जुट जाती थी.

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IAS Success Story: आईएएस बनने का सपने तो सभी देखते हैं, लेकिन सपने को साकार करने वाले बहुत ही कम लोग होते हैं. कुछ लोग सालों की मेहनत के बाद यूपीएससी की परीक्षा पास करके IAS बन जाते हैं. तो कुछ लोग पहले प्रयास में इस सफलता को हासिल कर लेते हैं.

आज हम ऐसी ही एक महिला सौम्या शर्मा की कहानी बता रहे हैं जो आज भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. आईएएस अधिकारी बनने में इन्हें कौन-सी मुसिबतों का सामना करना पड़ा? परीक्षा में सफल होने के लिए इन्होंने क्या-क्या रणनीतियां अपनाई? इन सभी सवालों के जवाब आज हम आपको देने जा रहे हैं.

सौम्या ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली से कानून की पढ़ाई की है. उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पहली बार 2017 में दी थी. एनएलयू से पढ़ाई पूरी होने के वक्त सौम्या की उम्र 22 साल थी. सौम्या बताती ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी 19 फरवरी 2017 से शुरू की. यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा से करीब चार महीने पहले.



तब वह एनएलयू में लॉ की अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही थीं. उन्होंने अपना वैकल्पिक विषय भी कानून ही रखा था. सौम्या ने बताया कि मैंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए कोई कोचिंग नहीं की, लेकिन हां, ज्यादा से ज्यादा टेस्ट सीरीज में एनरोल जरूर हुई. इससे काफी मदद भी मिली.



परीक्षा के बीच में चढ़ी लेकिन नहीं मानी हार
सौम्या ने बताया कि मैंने प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली, लेकिन मुख्य परीक्षा से करीब एक हफ्ते पहले से उन्हें बुखार हो गया. सौम्या बताती हैं, 'पूरे सप्ताह मेरा बुखार नहीं उतरा. परीक्षा के दिन भी तापमान 102 से नीचे नहीं जा रहा था. कभी-कभी तो 103 डिग्री तक पहुंच रहा था. मुझे दिन में तीन बार स्लाइन ड्रिप चढ़ाई जा रही थी. यहां तक कि परीक्षा के बीच के ब्रेक में भी मुझे ड्रिप चढ़ी थी.

सौम्या ने कहा कि मुझे याद है जीएस-2 की परीक्षा के दौरान बीच-बीच में मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा रहा था. मैं तुरंत ऊर्जा के लिए चॉकलेट खाती और उत्तर लिखने में जुट जाती थी. बता दें कि सौम्या की सुनने की क्षमता भी काफी कमजोर है. वह हीयरिंग एड की मदद के बिना ठीक से सुन नहीं पातीं, लेकिन सौम्या ने इसका फायदा यूपीएससी परीक्षा में नहीं उठाया. उन्होंने सामान्य श्रेणी के तहत आवेदन किया था.

पहले ही प्रयास में सौम्या हुईं सफल 
यूपीएससी 2017 की परीक्षा में सौम्या को देशभर में नौवीं रैंक हासिल हुई. तब वह 23 साल की थीं. सौम्या ने परीक्षा के लिए अपनी तैयारी की पूरी रणनीति भी बताई है. उनकी रणनीतियों के बारे में आगे पढ़ें...

  • अखबार पढ़ने की मेरी आदत ने मुझे बचपन से ही हमेशा मदद की. इस परीक्षा के लिए भी मैं रोजाना कई अखबार पढ़ती थी.

  • मेरा मानना है कि सामान्य ज्ञान पर अच्छी पकड़ होना जरूरी है. इस विषय में मेरा आधार मजबूत था. इतिहास और भूगोल में सामान्य ज्ञान ने मेरी काफी मदद की.

  • मेरा वैकल्पिक विषय ऐसा था जिसकी पढ़ाई मैं पांच सालों से विवि में कर रही थी. इसलिए कम समय में इसकी तैयारी मेरे लिए ज्यादा मुश्किल नहीं रही.

  • मेरी पढ़ने और समझने की गति अच्छी है. इसलिए परीक्षा के दौरान प्रश्न पढ़ने और समझने में मैंने ज्यादा समय नहीं गंवाया.

  • मैंने विवि में प्लेसमेंट इंटरव्यू पास कर लिया था. इससे मुझे यूपीएससी के साक्षात्कार के तौर तरीके समझने में भी मदद मिली.


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First published: April 4, 2020, 6:53 AM IST
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