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दिल्ली में पैदा हुए मुशर्रफ की 10 खास बातें, जिन्हें सुनाई गई है मौत की सजा

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Updated: December 17, 2019, 7:15 PM IST
दिल्ली में पैदा हुए मुशर्रफ की 10 खास बातें, जिन्हें सुनाई गई है मौत की सजा
परवेज मुशर्रफ

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बारे में दस खास बातें, कैसे वो एक सैन्य अफसर से पाकिस्तान सेना के चीफ बने और फिर तख्ता पलट कर देश के सर्वेसर्वा बन गए. उन पर दो हत्याओं का आरोप भी है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो भी हैं

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  • Last Updated: December 17, 2019, 7:15 PM IST
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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ (Pervez Musharraf) को राष्ट्रद्रोह के मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई है. लाहौर हाईकोर्ट की विशेष बेंच ने उन्हें यह सज़ा सुनाई है. परवेज मुशर्रफ का जन्म दिल्ली में हुआ था. बंटवारे के दौरान उनका परिवार पाकिस्तान चला गया था.

1. परवेज मुशर्रफ का परिवार बंटवारे से पहले नई दिल्ली के दरियागंज इलाके में रहता था, जो दिल्ली का पुराना हिस्सा कहलाता है. मुशर्रफ का जन्म 11 अगस्त 1943 में हुआ. 1947 में उनका परिवार पाकिस्तान चला गया. उनके पिता पाकिस्तान सरकार में विदेश सेवा में अफसर थे. उनके पिता का तबादला कुछ समय के लिए तुर्की में भी हुआ. 1957 में पूरा परिवार पाकिस्तान लौट आया.

2. मुशर्रफ की कॉलेज की पढाई लाहौर के फॉरमैन क्रिश्चियन कॉलेज में हुई. वो कॉलेज में शानदार खिलाड़ी थे.



3. मुशर्रफ़ जब 18 साल के थे, तब वो सेना में शामिल हुए. 1965 में उन्होंने पहला युद्ध भारत के ख़िलाफ लड़ा. उन्हें वीरता का पुरस्कार भी मिला. 1971 में भारत के साथ दूसरे युद्ध में भी वो लड़े, तब पाकिस्तान को हार का मुंह देखना पड़ा.



4. अक्तूबर 1998 में मुशर्रफ को जनरल का ओहदा मिला. वो पाकिस्तान सेना के प्रमुख बन गए. 1999 में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ का तख्ता पलट दिया. फिर खुद देश की सत्ता चलाने लगे. वर्ष 2002 में वो आम चुनावों में बहुमत से जीतकर राष्ट्रपति बने. हालांकि उन पर आरोप लगते हैं कि चुनावों में उन्होंने जबरदस्त धांधली की थी.

परवेज मुशर्रफ ने 1999 में पाकिस्तान में परवेज मुशर्रफ सरकार का तख्ता पलट दिया था


5. मुशर्रफ जब तक पाकिस्तान की सत्ता पर काबिज रहे, उन्हें एक मजबूत नेता के रूप में देखा गया. उन्होंने उदार पाकिस्तान की नई तस्वीर बनाई. उन्हीं के शासन में लाल मस्जिद पर जुलाई 2007 में हुई सैनिक कार्रवाई में 105 से भी ज़्यादा लोग मारे गए थे.

6. अक्तूबर 2007 को वो फिर राष्ट्रपति चुनाव जीते. हालांकि जब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो उन्होंने देश में आपातकाल लागू कर दिया. 24 नंवबर को पाकिस्तान चुनाव आयोग ने मुशर्रफ के राष्ट्रपति के तौर पर पुनर्निर्वाचित होने की पुष्टि की. जनरल परवेज़ मुशर्रफ ने सैनिक वर्दी त्याग दी. पाकिस्तान के असैनिक राष्ट्रपति के तौर पर पद संभाला.



7 इसके एक साल बाद ही पाकिस्तान की नई गठबंधन सरकार ने परवेज मुशर्रफ पर महाभियोग चलाने का फ़ैसला किया. आखिरकार बढ़ते दबाव के बीच परवेज़ मुशर्रफ को इस्तीफा देना पड़ा.

8. परवेज मुशर्रफ की आत्‍मकथा 'इन द लाइन ऑफ फायर - अ मेमॉयर' वर्ष 2006 में प्रकाशित हुई थी. इसमें उन्होंने कई विवादास्‍पद बातें कहीं. उन पर दो बार जानलेवा हमले भी हो चुके हैं.

9. मुशर्रफ का शासन समाप्त होने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए देश छोड़ दिया. किंतु वापस आते ही उन पर कई मुकदमे चलाए गए. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन पर पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो तथा बलूचिस्तान के राष्ट्रवादी नेता अकबर खान बुगती की हत्या का आरोप है. इसके अलावा उनके खिलाफ 2007 में आपातकाल के दौरान जजों को हिरासत में लेने का भी मामला है.



10. मुशर्रफ के एक बेटा और एक बेटी है. बेटी आयला पेशे से आर्किटैक्ट हैं जबकि उनके पति आसिम राजा फिल्म डायरेक्टर. उनका बेटा बिलाल अमेरिका में नौकरी करता है. वो दुबई में रहकर इलाज करा रहे हैं.

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First published: December 17, 2019, 2:00 PM IST
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