होम /न्यूज /नॉलेज /10000 साल पुरानी कब्र ने किया खुलासा, कैसे थामा करते थे शिशुओं को इंसान

10000 साल पुरानी कब्र ने किया खुलासा, कैसे थामा करते थे शिशुओं को इंसान

पुरातन काल में भी बच्चों को पकड़ने के लिए झोले (Sling) जैसी चीजों का इस्तेमाल होता है. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

पुरातन काल में भी बच्चों को पकड़ने के लिए झोले (Sling) जैसी चीजों का इस्तेमाल होता है. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

पुरातन काल (Ancient Time) में जीवन कैसा हुआ करता था. इसके लिए इतिहासकारों को पुरातत्व उत्खनन (Archaeological Excavation ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

यूरोप में 10 हजार साल पुरानी कब्र में बच्चा रखने वाले झोले के प्रमाण मिले.
कन्या शिशु की कब्र में ऐसे प्रमाण मिले हैं इस तरह के उपकरण के होने की पुष्टि करते हैं.
उस दौर में भी खास खोल वाले इस तरह के झोले सजावट के साथ बनाए जाते थे.

आज हमें कई बार बाजार या फिर मॉल में कोई मां अपने शिशु (Infants) को पीठ पर किसी बैग से बांधे हुए दिख जाती है इस तरीके से मां के दोनों हाथ भी खाली हो जाते हैं और उसका बच्चा भी उससे सुरक्षित चिपका रहता है. लेकिन यूरोप (Europe) में दस हजार साल पुरानी एक कब्र के फिर से हुए अध्ययन में पता चला है कि उस दौर में भी शिशुओं को पीठ या शरीर से बांध कर रखने की व्यवस्था होती थी. पांच साल पहले मिली एक कन्या शिशु की कब्र (Ancient Grave) के फिर से किए गए अध्ययन में पता चला है कि 10 हजार साल पहले भी शिशुओं को पीठ या सीने से बांधने वाले झोले (Sling) जैसी चीजें बना करती थीं.

इस बात के प्रमाण मिलना बहुत मुश्किल
आज भी कई जगह खेतों में महिलाओं का पीठ पर अपने शिशुओं को बांध कर काम करते दिखना बहुत आम बात है. पर क्या लोग इस तरह की व्यवस्था पुराने समय में भी अपनाया करते थे.  इस बात के प्रमाण अभी तक पुरातत्वविदों को नहीं मिले हैं.  इसकी वजह यही बताई जाती रही है कि इस तरह के कपड़े काफी पहले ही नष्ट हो जाया करते होंगे और उनके अवशेष मिलना लगभग असंभव है.

एक पुरातन कब्र
वैज्ञानिकों ने यूरोप के इटली के आर्मा वेइराना गुफा में 2017 में एक कन्या शिशु की क्रब खोजी थी. उस बच्ची का नाम उन्होंने नेवे रखा था जिससे दांतों के विश्लेषण से पता चला था कि वह यूरोप के इतिहास में खोजी गई सबसे पुरानी कन्या शिशु थी. इसी क्रब के नई पड़ताल के नतीजे ने इस विचार को बल दिया है कि शिशु को बांध के रखने वाली वस्तुएं  प्रागैतिहिसाक काल में भी बहुतायत में उपयोग लाई जाती थीं.

कब्र का सामान
नेवे के समुदाय ने उनके दफानाने से पहले काफी कुछ सामान उसके साथ रखा था जिसमें बहुत सारे माला के दाने भी थे जिससे पता चलता है कि वह कितना सम्मान और प्रेम हासिल करने वाली बच्ची थी. कब्र के अवशेषों और उममें मिली अन्य चीजों के नए विश्लेषण से पता चला है कि नेवे को अपने छोटे जीवन में एक खोल से सजे कपड़े से बांध कर रखा जाता था.

Science, Europe, Prehistory, Archaeology, Ancient Grave, Female infant grave, Sling, Baby Carrier,

पुरातन में कब्र (Grave) का पास के सामान और उसके अवशेष काफी जानकारी दे देते हैं. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

खोल में मिले संकेत
उस कपड़े के अवशेष तो अब नहीं हैं, लेकिन नेवे के आसपास के खोल में इस तरह से छिद्र किए गए थे जिससे साफ पता चलता है कि उससे एक कपड़ा बंधा होता था. 2017 के पिछले अध्ययन में नेवे की कब्र में मिली माला के दाने बताते हैं उन्हें बनाने में कई  घंटों का समय लगा करता था.  उस दौर में इस तरह के गहनों को खरीदना का फैसला आसानी से नहीं लिया जा सकता होगा. इन पदार्थों ने मिल कर बच्चों को उठाने वाला झोला बनाया होगा.

यह भी पढ़ें: खोपड़ी की कम हड्डियों ने रोका था धरती के शुरुआती जानवरों का विकास

बच्चों को रखने का झोला
इस तरह के पदार्थों से झोला या फिर कंबल या फिर अंतरवस्त्र के रूप में कपड़ा बांधा जाता होगा. लेकिन एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के मानवविज्ञानशास्त्री क्लॉडीन ग्रेवल मगेल की अगुआई में हुए विश्लेषण में पाया गया कि वह वास्तव में बच्चों को रखने का झोला था इसके कुछ कारण हो सकते हैं.

Research, Science, Europe, Prehistory, Archaeology, Ancient Grave, Female infant grave, Sling, Baby Carrier,

आज भी दुनिया के कई ग्रामीण इलाकों में शिशुओं (Infants) को शरीर से बांध कर रखने कई तरीके अपनाए जाते हैं. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

किस तरह के संकेत
चूंकि शिशु के पैर उसके पेट के पास से चिपके हुए से थे जैसा कि  बहुत से खोल में होता है, ग्रेवल मगेल और उनके साथियों ने संदेह जताया कि इस तरह की सजावट अंतिम संस्कार वाली सजावट नहीं हो सकती है जो कब्र के ऊपर बिखेर दिए जाते हैं. इसकी जगह वे संभवतः शिशु के कपड़ों की सजावट के साथ थे या फिर बच्चों का झोला था जो शिशु के जीवन काल में उपयोग में लाया जाता रहा होगा.

यह भी पढ़ें: पौधों ने अचानक ही कैसे बदल दी थी पृथ्वी की संचरना?

खोल के कुछ सजावटी दाने शिशु की ऊपरी भुजा की हड्डी पर भी मिले हैं जिससे पता चलता है कि झोला का कपड़ा उसके शरीर से लिपटाया जाता रहा होगा. खोल का सावधानीपूर्वक स्कैन करने से पता चला उन्होंने बहुत अच्छे तरीके से पहनाया जाता था और उनका उपयोग इस 40 से 50 दिन के बच्चों के अलावा ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए भी उपयोग में लाया जाता रहा होगा. लेकिन यह भी साफ था इतना बड़ा झोला या इस तरह का झोला शिशु अकेला नहीं सहन कर पाता होगा यानि कि उसे  उसकी मां या कोई अन्य  वयस्क ही ढोता होगा. यह अध्ययन जर्नल ऑफ आर्कियोलॉजिकल मेथड एंड थ्योरी में प्रकाशित हुआ है.

Tags: Europe, Research, Science

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें