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इस देश में खुल रहे हैं सेक्स डॉल वाले वेश्यालय

एक सेक्स डॉल कंपनी के सीइओ मैट मैकमुलेन  का कहना है कि ये डॉल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करती है. सेक्स डॉल्स बातें भी करती हैं.

एक सेक्स डॉल कंपनी के सीइओ मैट मैकमुलेन का कहना है कि ये डॉल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करती है. सेक्स डॉल्स बातें भी करती हैं.

एक सेक्स डॉल कंपनी के सीइओ मैट मैकमुलेन का कहना है कि ये डॉल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करती है. सेक्स डॉल्स बातें ...अधिक पढ़ें

    दुनियाभर के लोग अकेलेपन से जूझ रहे हैं. अकेले महसूस करने वाले लोगों के लिए रोबोट डॉल्स बनाई गई हैं जिनसे लोग बात करने के साथ साथ सेक्स भी कर रहे हैं. कई सेक्स डॉल्स में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक का इस्तेमाल भी किया गया है. वे अपने मालिक से बात भी करती हैं और प्यार भी करती हैं. मार्केट में सेक्स डॉल के काफी चर्चे हैं. इन्हें बनाने वाली कंपनियों का दावा है कि इस आविष्कार के बाद लोगों को अपनी सेक्स डिजायर पूरी करने के लिए वाइफ या गर्लफ्रेंड की जरूरत नहीं होगी.

    कनाडा के टोरंटो में सेक्स रोबोट डॉल्स का एक वेश्यालय भी है और अब ऐसा ही एक और वेश्यालय ह्यूस्टन में भी खोलने की योजना बनाई जा रही है. कुछ आलोचकों का तर्क है कि यौन रोबोटों के प्रसार से वेश्यावृत्ति और सेक्स तस्करी में वृद्धि होगी. दुनिया भर के सेक्स मनोवैज्ञानिक इसपर चिंता जाता रहे हैं. पर कुछ लोगों का यह भी मानना है कि कहते हैं कि ऐसी तकनीक कुछ लोगों को आवश्यक साथी खोजने में मदद कर सकती है.

    ह्यूस्टन में सेक्स रोबोट वेश्यालय खोलने के खिलाफ वर्तमान में कोई कानून नहीं है, लेकिन हाल ही में एक खोलने की योजना की घोषणा की गई है जिसमें कुछ निवासियों का कहना है कि वहां होना चाहिए.

    एक टोरंटो स्थित कंपनी, किंकी एस डॉल्स 120 डॉलर में ग्राहकों को एक रोबोट सेक्स डॉल के साथ अकेले 80 मिनट का समय देती है. अमेरिका में खुलने वाला यह पहला सेक्स रोबोट वेश्यालय होगा.

    कंपनी के मालिक युवाल गेवरील अपने व्यापार को ‘सेक्स रोबोट का व्यापर’ नहीं कहते हैं, बल्कि एक तरह का ट्रायल कहते हैं. जो लोग डॉल खरीदना चाहते हैं वे यहां सस्ते में इस्तेमाल कर तय कर सकते हैं और उसके बाद खरीद सकते हैं.

    नाकाजीमा कहते हैं, पहली ही नजर में उन्हें इस डॉल से प्यार हो गया था.

    नाकाजीमा कहते हैं, पहली ही नजर में उन्हें इस डॉल से प्यार हो गया था.

    एक सेक्स डॉल कंपनी के सीइओ मैट मैकमुलेन  का कहना है कि ये डॉल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करती है. सेक्स डॉल्स बातें भी करती हैं. ग्राहकों को सप्लाई करने से पहले कई स्टेज में इनकी टेस्टिंग होती है. जॉर्ज के ट्रायल के बाद डॉल का इसान के साथ तालमेल को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है.

    अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और चीन समेत दुनिया भर में लोग इनका इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन अभी तक सेक्स डॉल का वेश्यालय कहीं नहीं खुला है.

    एक सेक्स डॉल की कीमत आमतौर पर 2.5-3 लाख रुपये होती है. सेक्स डॉल्स की बढ़ती मांग के कारण यह इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है. चीन, सेक्स डॉल्स बनाने में सबसे आगे है.

    Tags: America, China, Sexual Abuse

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