20 साल पहले दुनियाभर में कंप्‍यूटर वायरस 'लव बग' फैलाकर हंगामा मचाने वाली निकली एक महिला

20 साल पहले दुनियाभर में कंप्‍यूटर वायरस 'लव बग' फैलाकर हंगामा मचाने वाली निकली एक महिला
साल 2000 में दुनिया भर में कंप्‍यूटर वायरस 'लव बग' फैलाकर हंगामा मचाने वाली महिला की पहचान हो गई है.

ईमेल के जरिये कंप्‍यूटर सिस्‍टम में फैलने वाला वायरस 'लव बग' (Love Bug) पहला ऐसा वायरस माना जाता है, जो साल 2000 में पूरी दुनिया में फैला था. इस कंप्‍यूटर वायरस (Computer Virus) के कारण अब तक 1 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है. अब इसे बनाने वाली महिला की पहचान कर ली गई है.

  • Share this:
कंप्‍यूटर वायरस (Computer Virus) का इतिहास वैसे तो काफी पुराना है, लेकिन साल 2000 में 'लव बग' (Love Bug) नाम से एक वायरस ने दुनियाभर में काफी नुकसान पहुंचाया था. ये वायरस लोगों के ईमेल के जरिये आता था, जिसका शीर्षक I Love You होता था. इसके साथ Love letter for you अटैचमेंट जुड़ा रहता है. इस मेल को खोलते ही यह वायरस एक्टिव हो जाता था और अपने आप सिस्टम में आ जाता था. इसके बाद यूजर के मेल बॉक्स में मौजूद 50 लोगों को यही मैसेज भेज देता था.

यह वायरस पूरे सर्वर सिस्टम को क्रैश कर देता था. यह वायरस अब तक कई बैंकिंग सिस्टम को बर्बाद कर चुका है. उस समय 'लव बग' के कारण कई पेजर और पेजिंग सर्विसेस को बंद करना पड़ा था. अब 20 साल बाद पता चला है कि इसे बनाने वाली फिलीपींस की एक 23 साल की महिला थी. बताया जा रहा है कि उस पर फिलीपींस में किसी भी आरोप में कोई केस नहीं चला है. अब तक यह माना जा रहा था कि इसे बनाने वाला मनीला का कोई युवक था.

डर था, नष्‍ट ना कर दिए हों वायरस से जुड़े सभी सबूत
कंप्‍यूटर वायरस के बनाने वाले को लेकर जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आ रही थी, चौंकाने वाली बातें सामने आ रही थीं. मनीला में राष्ट्रीय जांच ब्यूरो के एक अधिकारी का कहना कि अपराधी को कभी भी पकड़ा जा सकता है. इसकी हरसंभव कोशिश की जा रही है. इसके बाद पता चला कि वो कोई पुरुष ना होकर एक महिला है. अधिकारी ने कहा, 'हमें डर था कि वो हैकिंग से उसके संबंध को साबित करने वाले तमाम सबूत अब तक नष्‍ट कर चुकी होगी. हम लोगों की हताशा कई कारणों से बढती जा रही थी.'
अधिकारियों को डर था कि वो महिला हैकिंग से उसके संबंध को साबित करने वाले तमाम सबूत अब तक नष्‍ट कर चुकी होगी.




राष्ट्रीय जांच ब्यूरो के अधिकारी ने कहा कि हमें उसकी सही लोकेशन ढूंढने के साथ ही फिलीपींस के सुस्‍त और उलझी हुई न्‍यायिक प्रक्रिया से भी जूझना पड़ रहा था.' ब्‍यूरो के एंटी-फ्रॉड एंड कंप्‍यूटर क्राइम यूनिट के हेड नीलसन बार्टोलॉम ने बताया कि उन्‍हें संदिग्‍ध के कंप्‍यूटर्स को जब्‍त करने के लिए सर्च वारंट मिलने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

न्‍यायिक प्रक्रिया बनी मुसीबत, नहीं मिल पा रहा सर्च वारंट
नीलसन ने बताया कि अब हम एक ऐसे जज को ढूंढने की कोशिशों में जुटे हैं, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए इमरजेंसी में वारंट जारी कर सके, लेकिन मुझे ऐसे किसी जज के मिलने की उम्‍मीद नजर नहीं आ रही है. द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, नीलसन ने कहा कि हम कागजी कार्रवाई पूरी कर चुके हैं. हमारे पास गवाह हैं और हम निगरानी का काम कर रहे हैं. यही नहीं हमने संदिग्‍ध और उसके छिपने का इलाका भी ढूंढ लिया है.

नीलसन ने कहा कि फिलहाल हमारे सामने वारंट जारी करने वाले जज का मिलना सबसे बड़ी समस्‍या है. हालांकि, पुलिस भी पूरी दमदारी से यह बात नहीं कह पा रही है कि अगर उन्‍हें वारंट मिल गया तो मामला अब बंद हो जाएगा. पुलिस के प्रवक्‍ता ने कहा कि अभी सिर्फ वायरस को फैलाने वाले कंप्‍यूटर की तलाश पूरी हुई, लेकिन इसका इस्‍तेमाल कोई भी कर सकता है. फर्क सिर्फ इतना सा है कि हमने जिस व्‍यक्ति की पहचान की है वो इसकी रिजस्‍टर्ड ओनर है.

लव बग अब तक 1 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा चुका है.


अब तक 1 अरब डॉलर का नुकसान कर चुका है वायरस
विशेषज्ञों का कहना है कि लव बग का नया वैरिएंट अगले कुछ हफ्तों में कभी भी सामने आ सकता है. पहले ही मदर्स डे मैसेज, जोक्‍स और एंटी वायरस वार्निंग के तौर पर इस वायरस के कॉपीकैट वर्जन ढूंढे जा चुके हैं. एक अनुमान के मुताबिक, अब तक ये बग 1 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा चुका है. पिछले हफ्ते स्‍वीडन के एक कंप्‍यूटर एक्‍सपर्ट ने कहा था कि लव बग बनाने वाला 18 वर्षीय जर्मन स्‍टूडेंट ऑस्‍ट्रेलिया में रहता था, जो माइकल नाम का इस्‍तेमाल करता था.

हाल में ये बग फिलीपींस में एक्टिवेट किया गया था. हालांकि, ये साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि माइकल खुद वहां मौजूद हो. स्‍टॉकहोम यूनिवर्सिटी में सिस्‍टम रिसर्चर फ्रेडरिक ब्‍जॉर्क ने पिछले साल मेलिसा वायरस की शुरुआत करने वाले को ढूंढने में अमेरिका जांच एजेंसी एफबीआई की काफी मदद की थी. लव बग के मामले में ऑस्‍ट्रेलिया की पुलिस ने कहा कि जांच शुरू करने के लिए उनके पास ठोस सबूत नहीं हैं.

ये भी देखें:

जानें हांगकांग ने कोरोना वायरस की सेकेंड वेव को कैसे कर लिया काबू

इस बीमारी के मरीजों में कोरोना संक्रमित होने पर तीन गुना बढ़ जाती है मौत की आशंका

तो इसलिए चमगादड़ कोरोना वायरस शरीर में होते हुए भी नहीं पड़ते हैं बीमार

जानें कौन हैं कोरोना संकट के बीच गुजरात भेजे गए डॉ. रणदीप गुलेरिया

अब घर पर ही लार से किया जा सकेगा कोरोना टेस्‍ट, अमेरिका में नई टेस्‍ट किट को मिली मंजूरी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज