इस खास हफ्ते में टीकाकरण के लिए करें जागरुक, पूरी दुनिया की रहेगी आप पर नजर

इस खास हफ्ते में टीकाकरण के लिए करें जागरुक, पूरी दुनिया की रहेगी आप पर नजर
डब्‍ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार आज भी कई जरूरी टीकाकरण से भारतीय बच्चे दूर हैं. इनके चलते उन्हें घातक बीमारियां हो रही हैं.

डब्‍ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार आज भी कई जरूरी टीकाकरण से भारतीय बच्चे दूर हैं. इनके चलते उन्हें घातक बीमारियां हो रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2019, 7:42 PM IST
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‌अप्रैल के आखिरी हफ्ते को दुनिया भर में विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह (World Immunisation Week) के तौर पर मनाया जा रहा है. इसमें यह जागरुकता फैलाई जा रही है कि कैसे अपने इम्यूनिटी पावर यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त कर हम कई जानलेवा बीमारियों के चपेट में आने से बच सकते हैं. एक अध्ययन में ये देखा गया कि इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण विकासशील देशों में कई घातक बीमारियां ना केवल जन्म ले रही हैं बल्कि पनप भी रही हैं. इसके पीछे प्रमुख कारण प्राथमिक उपचार को लेकर शिक्षा और जागरुकता की कमी है.

ऐसे में हम अपने निजी प्रयासों से इस वैश्व‌िक स्वास्‍थ्य अभियान में एक अहम भूमिका अदा कर सकते हैं. एक हमारे प्रयास से हम किसी बच्चे को 25 तरह के संक्रमण होने से पहले ही बचा सकते हैं.

सबसे प्रमुख कामों में शामिल हो इम्यूनाईजेशन
खसरा, टेटनस, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया और पर्टुसिस जैसी घातक बीमारियों को जड़ से मिटाने के लिए पहली जरूरत हमारी मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) ही है. विश्व स्वास्‍थ्य संगठन (WHO) के रिपोर्ट के अनुसार जैसे-जैसे बच्चों में टीकाकरण की दर बढ़ती है वैसे-वैसे पूरी दुनिया में बीमारियों की दर घटती जाती है.
लेकिन डब्‍ल्यूएचओ की ही रिपोर्ट के अनुसार आज भी कई जरूरी टीकाकरण से भारतीय बच्चे दूर हैं. किंचित कारणों से उनतक आज भी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाले टीक नहीं पहुंच पा रहे हैं.



इस जागरुकता को बढ़ाने में आप क्या दे सकते हैं योगदान
इस जागरुकता अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सही समय पर आवश्वयक टीकाकरण करा देना है. इसमें पहली भूमिका आप यह अदा कर सकते हैं कि दुनिया को बताने से पहले सबसे आप खुद ही इसकी पूरी जानकारी हासिल करें.

इसमें आपकी सबसे उचित जानकारी आपके अपने फीजीशियन (आसपास के डॉक्टर या नजदीकी सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की सहायता ले सकते हैं) दे सकते हैं. अगर आपकी पत्नी गर्भवती हैं तो आप जिस डॉक्टर से परामर्श कर रहे हों, उनसे ही पूरी जानकारी मांग सकते हैं.

हमने डॉक्टरों से बातचीत और आपस में इम्यूनाइजेशन को लेकर जागरुकता को बढ़ाने के लिए कुछ प्रमुख बातों का उल्लेख नीचे किया है.

1. खुद को और अपने परिवार को रोग प्रतिरोधक क्षमता, प्रतिरक्षा प्रणाली और टीकाकरण की जानकारी देना और आसपास के क्षेत्र में इस बारे में चर्चा करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है. इसलिए अपने बातचीत के विषयों में इस खास विषय को भी प्रमुख मुद्दा बनाना चाहिए. मसलन आप अपने आस-पास किसी से पूछ सकते हैं कि क्या आपके बच्चों को इन चीजों के टीके लगे थे. हां, नहीं दोनों ही स्थितियों ने बात को आगे बढ़ाएं. आवश्यकता पड़े तो सामुहिक तौर पर डॉक्टर के पास जाकर परामर्श मांगे.

2. टीकाकरण बच्चों को कई दर्दनाक बीमारियों से बचाने में मददगार है. इसलिए अपने बच्चों से प्यार जताने के इस खास मौके का खयाल जरूर रखें.

3. डब्‍ल्यूएचओ ने अपने शोधों के आधार पर इस बात गारंटी दी है कि खसरा और कण्ठमाला जैसी खतरनाक बीमारियों से टीकाकरण के जरिए निजात पाई जा सकती है.

4. बीमारी किसी परिवार के लिए बेहतर नहीं होती. वो जब भी जब घर में बच्चा बीमार हो. बीमारी के बाद पैसे पानी की तरह बहते हैं पूरे घर की अर्थव्यवस्‍था चरमरा जाती है. इसलिए इस विषय पर ना केवल खुद सचेत रहने की जरूरत है बल्कि अपने सभी प्रियजनों को इस अभियान से जोड़ने की जरूरत है.
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