ब्रिटेन में 'अपस्‍कर्टिंग कानून' बनने के पहले साल में 4 दोषियों को हुई जेल, जानें क्‍या है सजा

ब्रिटेन में अपस्‍कर्टिंग कानून लागू होने के बाद एक साल में 16 लोगों को दोषी ठहराया जा चुका है.
ब्रिटेन में अपस्‍कर्टिंग कानून लागू होने के बाद एक साल में 16 लोगों को दोषी ठहराया जा चुका है.

ब्रिटेन (Britain) में 2019 में स्‍कर्ट के नीचे से फोटो लेने को अपराध घोषित कर दिया गया था. अपस्‍कर्टिंग कानून (Upskirting Law) के तहत दोषी को 2 साल तक की कैद हो सकती है. इंग्‍लैंड और वेल्‍स में 11 अप्रैल, 2019 को लागू हुए इस कानून को बनाने के लिए में कई महीने अभियान चला था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2020, 1:40 PM IST
  • Share this:
ब्रिटेन की सरकार ने 2019 में 'अपस्कर्टिंग' को घिनौना अपराध करार दिया. इसके बाद अपस्‍कर्टिंग कानून (Upskirting Law) के तहत दोषी को दो साल तक जेल की सजा का प्रावधान किया गया. जनवरी, 2019 में हाउस ऑफ लॉर्ड्स में अपस्कर्टिंग बिल को पारित कर कानून बनाया गया. अप्रैल, 2019 में इंग्‍लैंड (England) और वेल्‍स (Wales) में ये कानून लागू होने के बाद के एक साल में 4 दोषियों को जेल हुई है. अपस्कर्टिंग (स्‍कर्ट के नीचे से तस्‍वीर लेना) के खिलाफ कानून बनाने के लिए ब्रिटेन में कई महीने अभियान चलाया गया था. अभियान चलाने वालों का कहना है कि कानून तो बन गया, लेकिन लोग इसे लेकर जागरूक नहीं हैं. लोगों को इसकी गंभीरता बताने के लिए जागरूक करना जरूरी है.

अब तक 48 मामलों में 16 लोग ठहराए गए हैं दोषी
ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्‍यूशन सर्विस (CPS) के आंकड़ों के मुताबिक, 11 अप्रैल 2019 से अब तक सामने आए 48 मामलों में 16 लोगों को दोषी (Convicted) ठहराया जा चुका है. इनमें 33 घटनाएं सुपरमार्केट्स और दुकानों में हुईं. वहीं, 9 घटनाएं सार्वजनिक वाहनों में, 5 गलियों में और एक स्‍कूल में हुई. सीपीएस में यौन अपराध मामलों की राष्‍ट्रीय प्रमुख एस. ब्‍लैक कहती हैं कि अपस्‍कर्टिंग को अपराध घोषित हुए एक साल हो चुका है. इसके बाद भी घटनाएं थम नहीं रही हैं. देखा गया है कि इस तरह की वारदातें सार्वजनिक वाहनों और दुकानों में ज्‍यादा हो रही हैं. उनके मुताबिक, लोग सार्वजनिक वाहनों और दुकानों में पहले से ही कैमरे लगाकर वारदात को अंजाम देते हैं. ये गंभीर अपराध है और पुलिस व लोक अभियोजक इस कानून का लगातार इस्‍तेमाल कर रहे हैं.

अपस्‍कर्टिंग कानून बनने के दो साल पहले बर्मिंघम की स्‍टूडेंट जीना मार्टिन के साथ ऐसी घटना हुई थी. इसके बाद उन्‍होंने 18 महीने तक इसके खिलाफ अभियान चलाया.

बर्मिंघम की जीना मार्टिन ने चलाया था अभियान


अपस्‍कर्टिंग कानून बनने का श्रेय बर्मिंघम की 17 वर्षीय जीना मार्टिन (Gina Martin) को जाता है. दरअसल, एक म्‍यूजिक फेस्टिवल के दौरान मार्टिन की सहमति के बिना एक व्‍यक्ति ने स्‍कर्ट के नीचे से उनकी तस्‍वीर खींच ली थी. मार्टिन ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो आरोपी पर मुकदमा चलाने से इनकार कर दिया गया. इसके बाद मार्टिन ने अपस्‍कर्टिंग को अपराध घोषित करने और दोषी को सजा के लिए एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया. मार्टिन ने इसके खिलाफ 18 महीने तक अभियान चलाकर करीब एक लाख लोगों को अपने साथ जोड़ा. अपस्कर्टिंग के खिलाफ अभियान में हजारों महिलाओं ने हस्ताक्षर किए और अपने बुरे अनुभव साझा किए. इसके बाद ब्रिटेन की सरकार को कानून बनाकर सजा का प्रावधान करना पड़ा.

क्‍या है अपस्‍कर्टिंग और कितनी दी जाती है सजा 
अपस्कर्टिंग यानी स्कर्ट पहनी किसी युवती या महिला की स्कर्ट के नीचे से उसकी सहमति के बिना फोटो लेना होता है. यह ब्रिटेन में सार्वजनिक जगहों पर युवा कामकाजी महिलाओं और लड़कियों के लिए अकसर समस्या बन जाती थी. ब्रिटेन के कानून में इस हरकत को अपराध नहीं माना जाना इसकी बड़ी वजह थी. इसलिए पुलिस से शिकायत करने पर भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती थी. ऐसे में वहां के पुरुष लड़कियों की बिना किसी डर के तस्‍वीर खींचकर उनका मजाक उड़ाते थे. यही नहीं वे इन तस्‍वीरों को अपने दोस्‍तों के साथ भी शेयर करने में नहीं झिझकते थे, जिससे लड़कियों काफी अपमान और शर्मिंदगी झेलनी पड़ती थी. जीना ने अपने अपमान के बाद तय कर लिया था कि यह एक तरह का यौन शोषण है और वह इस शर्मनाक हरकत के लिए किसी को माफ नहीं करेंगी. अब इंग्‍लैंड और वेल्‍स में अपस्‍कर्टिंग अपराध है. इसके दोषी को दो साल की सजा का प्रावधान है.

मार्टिन कहती हैं कि अब भी लोगों में अपस्‍कर्टिंग को लेकर जागरूकता की कमी है.


मार्टिन कहती हैं, लोगों में नहीं है जागरूकता
जीना मार्टिन अब कहती हैं कि लोगों को तब ये सिर्फ एक मजाक लगता था. उन्‍हें ये समझ नहीं आता था कि उनकी इस हरकत से लड़कियों को कितनी शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है. अब अपस्‍कर्टिंग के खिलाफ एक सख्‍त कानून है. अगर लोगों को पता होता है कि उनकी किसी हरकत पर उन्‍हें दो साल के लिए जेल जाना पड़ सकता है तो जल्‍दी उनकी ऐसा करने की हिम्‍मत नहीं होगी. हालांकि, कानून तो ठीक है, लेकिन अब भी लोगों में अपस्‍कर्टिंग को लेकर जागरूकता की कमी है. लोगों को समझाना होगा कि आप जो कर रहे हैं वो गलत हरकत है. साथ ही उनके दिमाग में बैठाना होगा कि इस हरकत पर उन्‍हें कितनी सजा हो सकती है. साथ ही स्‍कूलों में भी इस अपराध की गंभीरता और सजा के बारे में बच्‍चों को समझाने की जरूरत है.

ये भी देखें:

Coronavirus: जानें ब्रिटेन ने भारत से क्‍यों खरीदे पैरासिटामॉल के 30 लाख पैकेट्स

देश के इन 10 राज्‍यों में कोरोना वायरस का पड़ा है सबसे बुरा असर, नियंत्रण में आंध्र-केरल के हालात

1980 से इस्‍तेमाल हो रही जुंए मारने की दवा से 48 घंटे में हो सकता है कोरोना वायरस का इलाज!

ICMR की रिपोर्ट: भारत में बिना संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आए भी फैल रहा है कोरोना वायरस
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज