रेलवे की परीक्षा में फेल हो गया था ये वैज्ञानिक, बाद में जीता नोबेल पुरस्कार

रेलवे की परीक्षा में फेल हो गया था ये वैज्ञानिक, बाद में जीता नोबेल पुरस्कार
अब्दुस सलाम ने पिता की इच्छा रखने के लिए रेलवे का इम्तिहान दिया था.

विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए अब्दुस सलाम (Abdus Salam) को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2020, 4:58 PM IST
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पाकिस्तान (Pakistan) के इतिहास में सिर्फ एक व्यक्ति को नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) हासिल हुआ है. ये पुरस्कार विज्ञान के क्षेत्र में मिला था. अब्दुस सलाम (Abdus Salam) नाम के उन वैज्ञानिक को पूरी दुनिया में सराहा जाता है. लेकिन बेहद दिलचस्प संयोग है कि बचपन से विलक्षण विद्यार्थी रहे अब्दुस सलाम ब्रिटिश इंडियन रेलवे का इम्तिहान पास करने में नाकाम रहे थे.

अविभाजित पंजाब में हुआ था जन्म
29 जनवरी 1926 को पंजाब के झांग जिले में जन्मे अब्दुस सलाम अहमदिया इस्लाम से ताल्लुक रखते थे. पंजाब का ये इलाका आजादी के बाद पाकिस्तान में चला गया और अब्दुस सलाम भी पाकिस्तानी हो गए.

बचपन से थे विलक्षण छात्र



अपनी किशोरवस्था में ही अब्दुस सलाम ने पूरे पंजाब में अपनी छवि विलक्षण स्टूडेंट की बना ली थी. 14 साल की उम्र में सलाम ने पंजाब यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एक्जाम में सबसे ज्यादा नंबर लाए. उन्हें यूनिवर्सिटी की तरफ से फुल स्कॉलरशिप दी गई जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाने लगी. सलाम एक वर्सेटाइल स्कॉलर थे जिसका उर्दू और इंग्लिश लिटरेचर में समान रूप से इंटरेस्ट था. सलाम के मेंटॉर और टीचर चाहते थे कि वो अंग्रेजी के टीचर बनें. लेकिन सलाम ने मैथ्स की पढ़ाई पर फोकस किया.



पिता की इच्छा के लिए दिया रेलवे का एक्जाम
सलाम के पिता चाहते थे कि उनका बेटा इंडियन सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास करे. उस समय सिविल सर्विसेज भारतीय लोगों के लिए बेहद प्रतिष्ठा वाली बात थी. पिता की इच्छा थी कि सलाम एक सिविल सर्वेंट बनें और समाज में प्रतिष्ठा कमाएं. शायद सलाम के पिता को नहीं मालूम था कि उनका बेटा पूरी दुनिया में नाम कमाने वाला है.

खैर, सलाम ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा तो नहीं दी लेकिन उन्होंने एक बार इंडियन रेलवे की परीक्षा जरूर दी. लेकिन इस परीक्षा में वो नाकामयाब रहे. दरअसल वो मेडिकल ऑप्टिकल टेस्ट में फेल हो गए. वो बचपन से ही थे चश्मा पहनते थे और उनकी आंखें कमजोर थीं.

1979 में मिला था नोबेल पुरस्कार
लेकिन अब्दुस सलाम की इसके आगे की जिंदगी पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनी. बाद में उन्होंने अपनी पढ़ाई कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पूरी की. सलाम को 1979 में फिजिक्स में योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा उन्हें पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला. सिर्फ इतना ही नहीं अब्दुस सलाम के शिष्य को भी नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. सलाम की मौत 1996 में ब्रिटेन में हुई थी.

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