एक अणु बन गया क्वाटंम इंजन और क्वांटम फ्रिज में, जानिए क्यों अहम है यह अध्ययन

एक अणु बन गया क्वाटंम इंजन और क्वांटम फ्रिज में, जानिए क्यों अहम है यह अध्ययन
अणुओं के स्तर पर इस तरह का नियंत्रित प्रयोग अहम माना जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

अणुओं (Atomic) के स्तर पर हुए शोध से वैज्ञानिकों को क्वांटम कम्प्यूटिंग (Quantum computing) और अन्य तकनीकों में मदद मिल सकेगी.

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नई दिल्ली: कई बार छोटी से छोटी खोज भी बड़े और क्रांतिकारी आविष्कारों भूमिका बन जाती है. जो बात आम लोगों का नामुमिकन से लगे. आज के हालातों के हिसाब से गैरजरूरी लगे वही अगले कुछ सालों में दुनिया में बदल कर रख देती है. इन दिनों अन्य विषयों के साथ वैज्ञानिक नैनो तकनीक (Nano Technology) और क्वांटम कम्प्यूटिंग (Quantum Computing) पर का कर रहे हैं. इसी दिशा में उन्होंने यह दर्शाने में सफलता पाई है कि एक अणु खुद एक इंजन की तरह या फिर एक फ्रिज की तरह काम कर सकता है. दुनिया के बाकी शोधकर्ता इसे काफी अहमियत दे रहे हैं.

किसने किया शोध
सिंगापुर नेशनल यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग और सेंट फॉर क्वांटम टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने जर्मनी के ऑग्सबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के साथ मिल कर मशीनों को लघुतम रूप देने की दिशा में एक खास कार्य किया है. इस अध्ययन के नतीजे NPJ क्वांटम इंफॉर्मेशन जर्नल में प्रकाशित हुए हैं.

क्या था यह शोध
इस शोध के जरिए शोधकर्ताओं ने बताया है कि एक अकेला अणु ऐके ऐसे उपकरण के तौर पर काम कर सकता है जिससे भविष्य के कंप्यूटर बेहतर काम कर सकेंगे और वह ईंधन सेल में ऊर्जा के बहाव को भी नियंत्रित कर सकेंगे.  सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और डिजाइन के डारियो पोलेटी ने इसे समझाते हुए बताया, “जरा सोचिए कि कैसे एक कंप्यूटर और लैपटॉप के अंदर बहुत सारी चीजें  उसे गर्म करती रहती हैं. आज आप उसे पंखे की मदद से ठंडा करते हैं. नैनोमैकेनिक्स या क्वांटम कम्प्यूटरों में ठंडा करने वाले बहुत छोटे उपकरण बहुत ही उपयोगी हो सकते हैं.



Car
प्रयोग क्वांटम स्तर पर कार इंजन की तरह कार्य देता है. .


इंजन और फ्रिज की किस विशेषता को प्रभावित करता है यह शोध
यह शोध ऐसे ही उपकरण की मैकेनिक्स को एक नया आयाम देता है. इंजन और रेफ्रीजरेटर दोनों ही मशीनों के काम करने के तरीकों को विज्ञान की एक शाखा थर्मोडायनामिक्स व्याख्या करती है. इससे पता चलता है कि ऊर्जा इन मशीनों में कैसे और कहां कहां जाती है और कैसे इनसे उपयोग कार्य निकाला जा सकता है. इंजन रासायनिक ऊर्जा को जहां यांत्रिक ऊर्जा में बदल कर कार्य में बदलता है तो वहीं रेफ्रीजरेटर ऊष्मा निकालकर चीजों को स्थानीय तापमान के मुकाबले ठंडा करता है. दोनों ही एक दूसरे का विपरीत काम करते हैं.

कैसे संभव होगा यह इसी पर था ध्यान
प्रमुख शोधकर्ता मानस मुखर्जी बताया कि उनकी टीम ने कोशिश की कि वे कैसे कुछ ही अणुओं का उपयोग कर एक थर्मोडायनामिक उपकरण बना सकते हैं. उनका ध्यान यह जानने पर अधिक था कि यह कितना और कैसे संभव हो सकता है.

तो कैसे हुआ शोध
शोधकर्ताओं ने एक ही बैरियम अणु पर प्रयोग काय उन्हें लेसर के उपयोग से इस अणु के इलेक्ट्रॉन को एक ऊर्जा स्तर से दूसरे ऊर्जा स्तर पर पहुंचाया, उससे कुछ ऊर्जा अणु के कंपन में पहुंच गई. अणु ने इस ऊर्जा का प्रयोग अपनी कंपन गतिविधि के लिए किया. इस तरह यह अणु का कंपन ने एक बैटरी की तरह काम किया. इसी तरह अगर अणु की उर्जा निकाल ली जाए तो यह रेफ्रीजरेशन का काम करेगा. इस तरह से उन्होंने कई चक्रों में ऊर्जा बढ़ाकर और घटाकर पाया कि वे अणु ऊर्जा बढ़ाकर अणु को एक इंजन की तरह और उर्जा घटा कर उसे एक फ्रिज की तरह बना रहे हैं.

Quantum computing
यह खोज क्वांटम कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में बहुत उपयोगी हो सकती है.


शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन और प्रयोग में यह भी देखा कि क्या इन प्रक्रियाओं में वे किसी तरह की पर्याप्त ऊर्जा खो रहे हैं. उन्होंने पाया कि इस स्तर पर वे उस तरह से ऊर्जा नहीं खो रहे हैं जैसे कि वह बड़े इंजन या फ्रिज का काम करने पर खोते हैं. इस अध्ययन को अहम दिशा में शुरुआत के तौर पर देखा जा सकता है.

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