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जानिए एक अकेला आदमी कैसे तोड़ सकता है कोरोना संक्रमण की चेन

News18Hindi
Updated: March 24, 2020, 5:51 PM IST
जानिए एक अकेला आदमी कैसे तोड़ सकता है कोरोना संक्रमण की चेन
अमेरिकी शोधकर्ताओं का मानना है कि कोरोना के फैलाव को रोकने में एक अकेल व्यक्ति का भी अहम रोल हो सकता है.

अमेरिकी शोधकर्ता मानते हैं कि इस समय लोगों को दूसरे देशों पर ध्यान देने के बजाए खुद पर ध्यान देना चाहिए. अगर आप खुद को अकेला रखकर संक्रमण की चेन तोड़ पाते हैं तो ये बड़ी कामयाबी है.

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  • Last Updated: March 24, 2020, 5:51 PM IST
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संक्रामक बीमारियों का अध्ययन करने वाले दो अमेरिकी शोधकर्ताओं का मानना है कि एक आम आदमी भी संक्रामक बीमारियों के फैलाव को रोकने में अहम रोल अदा कर सकता है. बिल हेनेज और हेलेन जेनकिन्स दंपति हावर्ड और बोस्टन यूनिवर्सिटी में रिसर्च कर रहे हैं. इन दोनों का मानना है कि संक्रामक बीमारियों में संक्रमण की चेन को रोकना भी एक महत्वपूर्ण कामयाबी है. इसके लिए उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग को अहम बताया है.

डॉ. हेलेन जेनकिन्स टीबी की बीमारी पर रिसर्च करती हैं. उन्होंने एक ट्री डाइग्राम बनाया है जिसके जरिए उन्होंने समझाया है कि संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए एक बाधा भी महत्वपूर्ण है. उनका कहना है कि इस संक्रमण चेन को आप किसी भी तरह तोड़ सकते हैं. जैसे वर्क फ्रॉम होम का ऑप्शन अपनाकर. दरअसल, संक्रामक बीमारी के फैलाव की सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं. और जब लेना शुरू करते हैं तब तक काफी देर हो चुकी होती है.

करोना का इलाज अब भी खोजा जा रहा है.
प्रतीकात्मक तस्वीर


वहीं डॉ. बिल हेनेज कहते हैं कि जैसे ही कोई संक्रमण आपके जरिए किसी दूसरे तक पहुंचता है तो आप उसे सिर्फ संक्रमित ही नहीं करते बल्कि वो सारी मुश्किलें उस पर डाल देते हैं जो अब तक आप पर थीं. कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि सबसे पहले आप संक्रमित न हों. दूसरी जरूरी बात है कि कोई आपसे संक्रमित न हो. आपकी ये समझदारी उस चेन को तोड़ देगी जिसे बेफिक्र लोग बढ़ा रहे हैं. हेनेज भी इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग को बेहद जरूरी मानते हैं.



दंपति का मानना है कि लोग खुद पर ध्यान देने से ज्यादा इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि चीन या इटली में क्या हुआ! अमेरिका और ब्रिटेन में लोग कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. लोग बस इसे दूर देश की खबरों की तरह ही देख रहे हैं. इस तरह से वो लोग खुद को रिस्क में शामिल कर रहे हैं.



दोनों रिसर्चकर्ताओं ने संक्रामक बीमारियों के फैलाव के रोकने के लिए व्यक्तिगत प्रयास को बड़ा माना है. हेलेन जेनकिन्स का ये भी मानना है कि अमेरिका ने कोरोना को लेकर तैयारियां करने में काफी देर कर दी है. देश को कोरोना के लिए पहले से तैयार होना चाहिए था. उनका कहना है कि कोरोना के खिलाफ अब मैराथन जंग चलने वाली है. इस लड़ाई में सरकारों के रोल से ज्यादा इंडिविजुअल रोल महत्वपूर्ण होगा. हम ये सोच ही नहीं सकते कि ये कोरोना का कहर बस कुछ हफ्तों में खत्म हो जाएगा और सब कुछ फिर दोबारा पटरी पर आ जाएगा.

दंपति के मुताबिक चीन में कोरोना के केस कम होने के पीछे वहां पर किए गए व्यापक बचाव उपाय हैं. अब कोरोना का वैश्विक केंद्रबिंदु न्यूयॉर्क बन चुका है. ऐसी स्थिति में लोग खुद को जितना ज्यादा अलग रख पाएंगे, संक्रमण की रफ्तार उतनी ही कम होगी. इस समय सबसे बड़ा उपाय यही है कि खुद को अलग रखकर संक्रमण की चेन को तोड़ दिया जाए. यह व्यक्तिगत कामयाबाी जब सामूहिक रूप में बदलेगी तो व्यापक स्तर बचाव होगा.

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First published: March 24, 2020, 3:47 PM IST
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