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अब्दुल करीम तेलगी: भारत के सबसे बड़े घोटालों में से एक का मास्टरमाइंड, जो मरने के बाद हुआ बरी

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Updated: December 31, 2018, 4:23 PM IST
अब्दुल करीम तेलगी: भारत के सबसे बड़े घोटालों में से एक का मास्टरमाइंड, जो मरने के बाद हुआ बरी
अब्दुल करीम तेलगी (फाइल फोटो)

तेलगी गर्ल का ड़ांस देखते हुए करोड़ो रुपये उड़ा दिया करता था.

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  • Last Updated: December 31, 2018, 4:23 PM IST
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अब्दुल करीम तेलगी स्टैम्प पेपर घोटाले का मास्टरमाइंड था. 16 राज्यों में फैले थे इसके तार. 2001 में उसे अजमेर से गिरफ्तार किया गया था. 20 हजार करोड़ का यह घोटाला भारत के सबसे बड़े घोटालों में से एक है. इसमें उसे 30 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी और वह बेंगलुरू के पाराप्पाना अग्रहारा सेंट्रल जेल में सजा काट रहा था. उस पर 202 करोड़ रूपये का जुर्माना भी लगाया गया था. 26 अक्टूबर 2017 को उसकी मौत हो गई. मौत की वजह मल्टीपल ऑर्गन फेलियर बताई गई. उसे डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी.

ठेले पर फल बेचने से करोड़ों के फर्जीवाड़े तक
करीम का जन्म 1961 में कर्नाटक के खानपुर में हुआ था. पिता रेलवे में कर्मचारी थे, मगर वो बहुत जल्दी गुजर गए. परिवार की जिम्मेदारी उस पर आ गई. उसने स्टेशन पर ठेला लगाकर फल बेचे, सब्जी बेची. किसी तरह इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. सउदी जाने का ट्रेंड चल रहा था सो वो भी निकल गया. पैसे कमाने की लत अब आदत बन चुकी थी. सात साल बाद लौटा तो पहुंचा मायानगरी के राज्य महाराष्ट्र.

1980 का दशक था. उसने पहले फर्जी पासपोर्ट बनाने का काम शुरू किया. काम चलता रहा. 1991 में उसको मुंबई पुलिस ने इसी फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया. मगर ये जेल दौरा उसके लिए फायदेमंद साबित हुआ. एक साथी कैदी ने उसे बताया कि हर्षद मेहता शेयर घोटाले के बाद बाजार में स्टैंप की कमी हो गई है. तेलगी को कथित तौर पर जानकारी मिली कि लोग पुराने शेयर ट्रांसफर सर्टिफिकेट से रेवेन्यू स्टांप निकाल रहे हैं और उन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं.

गर्लफ्रेंड पर उड़ा देता था 'करोड़ों'!
बताया जाता है कि मुंबई की फेमस बार गर्ल तरन्नुम खान तेलगी की गर्लफ्रेंड थी. तेलगी ने तरन्नुम का डांस देखते हुए एक रात में 93 लाख रुपये उड़ा दिए थे. 300 एमबीए कर चुके लड़कों को नौकरी पर रखा था. फर्जी स्टैंप छापने के लिए तेलगी ने नासिक की सरकारी टकसाल से पुरानी और खारिज हो चुकी मशीन भी नीलामी में खरीदी. इनसे स्टांप पेपर पर आसानी से सुरक्षा चिन्ह (सिक्योरिटी मार्क्स) छप जाते थे.

1992 से 2002 के बीच तेलगी पर अकेले महाराष्ट्र में 12 मामले दर्ज किए गए. 15 और मामले देश के अन्य राज्यों में दर्ज किए गए. मगर उसकी सरकार, अधिकारियों और सिस्टम में ऐसी पैठ थी कि उसका धंधा चलता रहा. 2001 में जाकर कहीं उसकी गिरफ्तारी हो सकी. पूछताछ में उसने कई पुलिस अधिकारी और नेताओं के नाम लिए थे. जांच में सबसे दिलचस्प रूप से एक असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर दिलीप कामथ का नाम आया. मात्र 9000 रुपये सैलरी वाले इस शख्स की प्रॉपर्टी करीब 100 करोड़ रुपये की पाई गई थी. इसी तरह एक क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर वशिष्ट अंदाले की संपत्ति 50 करोड़ की पाई गई थी.हाल में तेलगी तब विवादों में घिरा था जब पूर्व डीआईजी (कारावास) डी रूपा ने आरोप लगाया था कि जेल प्रशासन जेल में उसे सुविधाएं देता था. तेलगी को कोर्ट ने स्टांप पेपर घोटाला के मामले में 2007 से 30 साल तक सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. स्टांप पेपर घोटाले में अब्दुल करीम तेलगी को साल 2006 में 30 के कठिन कारावास की सजा सुनाई गई और 202 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया. इसके अलावा इस घोटाले में शामिल अब्दुल करीम तेलगी के सभी साथियों को 6-6 साल की सजा सुनाई गई.

स्टांप पेपर घोटाले पर बनी फिल्म लेकिन नहीं हो सकी रिलीज
अब्दुल करीम तेलगी और उसके द्वारा किया गया स्टांप पेपर घोटाला इतना बड़ा था कि बॉलीवुड ने इस पर 'मुद्रांक (द स्टैम्प) नाम से एक फिल्म बनाई. यह फिल्म 2008 में बनकर तैयार हो गई थी लेकिन अब्दुल करीम तेलगी ने इसकी रिलीज पर रोक लगाने के लिए केस फाइल कर दिया.

उस वक्त तेलगी ने कहा था कि फिल्म में जो भी तथ्य दिखाए गए हैं वो उस पर चल रही कानूनी कार्रवाई में खलल डाल सकते हैं. यह फिल्म आज तक रिलीज नहीं हुई है.

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First published: December 31, 2018, 4:07 PM IST
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