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जानें कैसे होती है मिठाइयों में मिलावट, और इसे पहचानें कैसे

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

मिलावट डायरेक्ट मिठाई में नहीं, बल्कि जिस चीज़ से मिठाई बनती है. उसमें की जाती है.

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    मिठाइयों में मिलावट को अंग्रेजी में sweet Adulteration कहते हैं. आजकल मिठाइयों में मिलावट की आशंका के चलते ड्राई फ्रूट लेन-देन चलन में है. लेकिन फिर भी घर में मिठाई तो आती ही है, और परहेज करते करते भी खा जाते हैं. जानते हैं मिठाइयों में मिलावट कैसे होती है और हम उसे कैसे पहचानें. मिलावट डायरेक्ट मिठाई में नहीं, बल्कि जिस चीज़ में मिठाई बनती है. उसमें की जाती है. जैसे दूध, शहद, दालें, मेवे, चीनी वगैरह में मिलावट की जाती है. अब जानते हैं इन चीज़ों में क्या मिलाया जाता है.

    1-वर्क में एल्यूमिनियम मिलाया जाता है.
    2-दूध में पानी/यूरिया/रंग/वांशिग पाउडर मिलाया जाता है.
    3-घी में चर्बी मिलाया जाता है.
    4-मेवे में अरारोट, चीनी मिलाया जाता है.
    5-दालों में टेलकॅम पाउडर और एस्बेस्टॉस पाउडर मिलाया जाता है.

    मिलावटी मिठाई का पता कैसे करें-
    1-मिठाई हाथ में लेने पर, हाथ में रंग लग जाता है. मिठाई में सबसे रंग लाने के लिए सबसे ज्यादा मेटानिल येलो और टारट्राजाइन मिलाया जाता है. इससे किडनी डेमेज का खतरा बढ़ जाता है.

    2-मेवे में मिलावट की पहचान के लिए फिल्टर पर आयोडीन की दो बूंद डालें. इसका काला पड़ना बताता है कि इसमें मिलावट है. खोया दानेदार हो तो भी मिलावटी हो सकता है.



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    3-मिठाई पर लगे वर्क में मिलावटी होने का पता उसे जलाकर कर सकते हैं. वर्क असली होगा तो जलने पर छोटी गोलीनुमा आकृति में बन जाएगा. नकली होगा तो स्लेटी रंग का जला हुआ कागज का दिखेगा.

    4-मिठाई चख कर भी उसके बासी होने या फिर गुणवत्ता का अंदाजा लगा सकते हैं.

    5-नकली केसर पानी में डालने के बाद रंग छोड़ने लगता है. असली केसर को पानी में घंटों रख देने पर भी कोई फर्क नहीं पड़ता.

    मिठाई बनने वाले सामान में मिलावट कैसे जानें-
    मावा में स्टार्च जांचने के लिए थोड़ा मावा अलग लें. उसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर इस मिश्रण को उबालें. फिर इसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें. यदि नीले रंग की परत दिखे, तो साफ है कि उसमें स्टार्च मौजूद है.



    चावल में मिलावट की जांच के लिए दोनों हाथों से चावल को रगड़ें. इसमें पीला रंग होगा, तो हाथों में लग जाएगा. दूसरा तरीका ये भी है कि चावल को पानी में भिगोएं और उसमें सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालें. पानी का रंग बैंगनी हो जाए, तो उसमें पीला रंग मिला हुआ है.

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    शहद में चीनी और पानी मिलाया जाता है. इससे जांचने के लिए रूई के फाहे को शहद में भिगोकर उसे जलाएं. शहद में चीनी और पानी का मिला होगा तो रूई नहीं जलेगी. शुद्ध शहद चटक की आवाज के साथ जल उठेगा.



     

    दूध में पानी की मिलावट भी होती है. इसे जांचने के लिए लैक्टोमीटर से घनत्व जानकर दूध की शुद्धता जांची जाती है. शुध्द दूध का सापेक्षिक घनत्व 1.030 से 1.034 तक होता है.

    खाने की चीज़ों में मिलावट के लिए अपमिश्रण अधिनियम 1954 में बना था. (Prevention of Food Adultration Act.1954) इसके अन्तर्गत मिलावट करने वाले को पकड़े जाने पर 6 महीने की जेल हो सकती है.

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