जानिए एक चूहे ने कैसे जीत लिया बहादुरी के लिए गोल्ड मेडल

चूहे (Rat) को कंबोडिया (Cambodia) में अपने करियर (Career) में शानदार काम करने के लिए यह अवार्ड मिला. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
चूहे (Rat) को कंबोडिया (Cambodia) में अपने करियर (Career) में शानदार काम करने के लिए यह अवार्ड मिला. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

मगावा (Magawa) नाम के एक पालतू अफ्रीकी चूहे (Rat) ने कंबोडिया (Cambodia) में 39 लैंडमाइन (Landmines) का पता लगाया जिससे उसे यूके की एक वेटनरी चैरिटी ने गोल्ड मेडल दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2020, 5:28 PM IST
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आमतौर पर बहादुरी (Bravery) के पुरस्कार सैनिकों (Soldiers) को मिलते हैं. कई बार आम इंसानों को भी इस बहादुरी दिखाने के लिए खास तरह के अवार्ड दिए जाते हैं भारत में तो बच्चों के लिए भी बहादुरी के अवार्ड दिए जाते हैं. लेकिन किसी चूहे (Rat) को बहादुरी के लिए गोल्ड मेडल (Gold medal) दिए जाने का वाक्या आपने शायद ही सुना होगा. लेकिन एक अफ्रीकी चूहे को गैलेंटरी अवार्ड (Gallantry Award) दिया गया है. उसे यह पुरस्कार कंबोडिया (Cambodia) में लैंडमाइन्स (landmines) खोजने के लिए दिया गया है.

कंबोडिया में किए काम पर मिला अवार्ड
इस चूहे को यह अवार्ड अपनी खास बहादुर सेवाओं के लिए दिया गया है जिसके तहत इसने कंबोडिया में अपने शानदार करियर में बड़ी संख्या में लैंडमाइन्स और विस्फोटित न हो पाए विस्फोटक पदार्थों को सूंघ कर पता लगाने में मदद की.

लैंडमाइन्स ढूंढने का जोखिम भरा काम
मगावा नाम का इस अफ्रीकी चूहे ने कुल 39 लैंडमाइन्स और 28 अविस्फोटित विस्फोटक पदार्थों का खोजा था जिसकी वजह से यूके की एक वेनटरी  चैरिटी संस्था (PDSA) ने गोल्ड मेडल का अवार्ड दिया. प्रेस एसोसिएशन के मुताबिक मगावा को एपोपो नाम की चैरिटी ने प्रशिक्षित किया था और यह टॉप के हीरो चूहों में था.



कितना बड़ा इलाका
चैरिटी के अनुसार चूहे ने करीब 20 फुटबॉल के मैदान के इलाके जो कि 141 हजार वर्ग मीटर का इलाका था, साफ करने में उल्लेखनीय योगदान दिया. यह एक चूहे के लिहाज से बहुत ही बड़ा क्षेत्र होता है. केवल 1.2 किलो का यह चूहा न केवल लैंडमाइन्स को सूंघ कर ढूंढने में सक्षम है बल्कि उसका वजन भी इतना कम है कि उसके लैंडमाइन पर आ जाने से भी विस्फोट नहीं हुआ.
कितनी देर मेंऐसे उच्च प्रशिक्षित चूहे पूरे टेनिस कोर्ट को केवल 30 मिनट में ही सूंघकर साफ बता सकते हैं कि वहां कोई विस्फोटक पदार्थ है या नहीं.  वहीं इस काम के लिए इंसानों का बम डिटेक्टर्स के साथ चार दिन का समय लगता है और उसके साथ ही इस काम में जोखिम बहुत ज्यादा होता है.10 करोड़ साल पुराना है दुनिया का सबसे पुराना Sperm, जानिए कैसे मिला येकंबोडिया के लोगों की समस्या पर ध्यानयह पहली बार है कि PDSA के 7 साल के लंबे इतिहास में एक कुतरने वाले जानवर ने ऐसा अवार्ड जीता है. इस खबर से कंबोडिया में रहने वाले लोगों की प्रमुख समस्या पर लोगों का ध्यान गया है जो कंबोडिया और वहां के आसपास में लैंडमाइन्स के बीच अपना जीवन जोखिम में डालकर रह रहे हैं.कितना समय लगता है तैयार होने मेंAPOPO बेल्जियम  में पंजीकृत चैरिटी संस्था है जो तंजानिया में काम करती है. यह संगठन सात साल के मगावा जैसे चूहों और कुतरने वाले जानवरो को 1990 से तैयार करती है. एक चूहे को प्रशिक्षित करने और बम स्निफिंग स्क्वाड में शामिल होने में एक साल का समय लगता है.


कंबोडिया में लैंडमाइन्स
लैंडमाइन्स और युद्ध के विस्फोटक अवशोषों ने बहुत सारे कंबोडिया निवासियों की जान ली है.  कंबोडिया माइन विक्टिम इंफोर्मेशन सर्विसेस के आंकड़ों के मुताबकि साल 1979 से 19684 लोग इन मान्स की वजह से अब तक मारे जा चुके हैं. कंबोडिया में अब भी बहुत सारे माइन्स बिखरे पड़े हैं

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APOPO ने कुतरने वाले जीवों का उपयोग कर इस तरह की माइन्स साफ करने के अभियान कई देशों में चलाया है जिसमें अंगोला, मोजाम्बीक, थाईलैंड, लाओस और वियतनाम शामिल हैं. इन जानवरों के उपयोग का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इनसे कोई खतरा नहीं होता क्योंकि ये इतने भारी नहीं होते जिससे की लैंडमाइन्स में विस्फोट हो जाए.
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