9/11 के बाद अमेरिका में अचानक बढ़ी थी नशे की लत और चर्च में लोगों की संख्या

9/11 के बाद अमेरिका में अचानक बढ़ी थी नशे की लत और चर्च में लोगों की संख्या
9/11 आंतकवादी हमले के बाद अमेरिका में सबकुछ बदल गया. लोग गम में डूब गए या डरने लगे. तब कुछ लोगों ने नशे की ओर रुख किया

9/11 आतंकवादी हमले (9/11 terrorist attack) को हुए अब 19 साल हो चुके हैं लेकिन इस हमले ने पूरी दुनिया को जहां स्तब्ध कर दिया था वहीं अमेरिका (America) में गम में डूबने वालों की संख्या बढ़ी तो भय की गिरफ्त में आने वालों की भी. तब अमेरिकियों ने इससे बचने के लिए क्या किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 11, 2020, 9:49 AM IST
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9/11 की त्रासदी आज भी झकझोर देती है. 19 साल बाद आज उसकी बरसी को याद कर दुनिया की आंखें नम हो जाती हैं. 11 सितंबर 2001 को अल कायदा के आतंकियों (terrorist) ने अमेरिका (America) के न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (World Trade Centre), पेंटागन (Pentagon) और पेंसिलवेनिया (Pennsylvania) पर एक साथ हमले किए थे.

अमेरिका की एक शांत और खूबसूरत सुबह पलक झपकते ही खून से सराबोर हो चुकी थी. सुबह 8 बजकर 46 मिनट पर हुए हमले में पूरी दुनिया कांप उठी. हमले की तस्वीरें जिसने भी देखीं वो सिहर उठा. दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश पर ये सबसे भीषण और बर्बर हमला था, जिसने समूची मानवता को शर्मिंदा कर दिया.

अलकायदा के 19 आतंकियों ने चार विमानों को हाईजैक किया और चारों को एक के बाद एक चार ठिकानों पर हमला कर आतंक का सबसे भीषण रूप दुनिया को दिखला दिया. पहला हाईजैक विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के उत्तरी टावर से टकराया. इसके कुछ देर बाद 9 बजकर 3 मिनट पर दक्षिणी टावर को भी आतंकियों ने एक विमान से भेद दिया.



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हजारों बच्चे हो गए अनाथ
इन दो हमलों के बाद भी आतंक का सिलसिला नहीं थमा. 9 बजकर 47 मिनट पर वाशिंगटन के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन पर एक विमान से हमला हुआ. पेंटागन का एक हिस्सा गिर गया. चौथा विमान शेंकविले के खेतों में गिरा दिया. इस पूरे हमले में करीब 3 हजार लोग मारे गए. ये मानवीय इतिहास के सबसे भीषण आतंकी हमलों में से एक था.

9 11 anniversary september 11 2001 terrorist attack on america new york world trade center some interesting facts
9/11 हमले में 3 हजार से ज्यादा बच्चे अनाथ हो गए


हमले के बाद की कहानी और भी झकझोर देने वाली है. हमले में मारे गए और अनाथ हुए लोगों के बारे में पता किया जाने लगा तो एक सिहरन दौड़ गई. एक आंकड़े के मुताबिक 9/11 के भीषण हमले में 3 हजार 51 बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया. एक झटके में इतने बच्चे अनाथ हो गए. इन परिवारों की त्रासदी का सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है.

लोग गम में डूब गए, कुछ ने नशे में सहारा ढूंढा
अमेरिका में इस हमले का असर लंबे वक्त तक रहा. हमले में प्रभावित लोगों को उबरने में सालों साल लग गए. इस दौरान कुछ आंकड़े इकट्ठा किए गए, जो ये बताने के लिए काफी हैं कि हमले के बाद भी लोग किस तनाव, हताशा और निराशा में जी रहे थे.

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जिन लोगों ने इस हमले में अपनों को खोया, उनकी पूरी जिंदगी बदल गई. कई लोग अपने मन को बहलाने के लिए कई दूसरी चीजों में सहारा ढूढ़ने लगे.

बढ़ गई शराब, तंबाखू और मारिजुआना की बिक्री

अमेरिका के कुछ रिसर्चर ने शोध में पाया कि 9/11 के एक हफ्ते बाद मैनहट्टन में शराब की खपत 25 फीसदी तक बढ़ गई थी. शोधकर्ताओं ने 9/11 के एक हफ्ते बाद की तुलना उसी हफ्ते में एक साल पहले से की तो पता चला कि शराब की खपत में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी. इसी तरह से तंबाकू की खपत 10 फीसदी तक बढ़ गई थी और मारिजुआना की खपत 3.2 फीसदी तक बढ़ गई थी.

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9/11 हमले के बाद चर्च जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई थी


हताश और निराश लोगों ने नशे में सुकून तलाशना शुरू कर दिया था. इस त्रासदी को भूलने के लिए लोग नशे के आदी होने लगे थे.

 चर्च जाने वाले लोगों में भी हो गई बढोतरी
कुछ लोगों ने शराब में सुकून तलाशना शुरू किया तो कुछ लोगों ने ईश्वर की शरण लेनी शुरू कर दी. 9/11 हमले के बाद हुए रिसर्च में पता चला कि चर्च जाने वालों की संख्या 20 फीसदी तक बढ़ गई. लोग हमले में मारे गए अपनों को याद कर रहे थे. उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे थे. सबसे बड़ी बात की इस त्रासदी को भुलाकर नई जिंदगी शुरू करने की दुआ कर रहे थे.
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