जापान में PM शिंजो आबे के इस्तीफे के बाद कौन संभालेगा कुर्सी?

जापान में PM शिंजो आबे के इस्तीफे के बाद कौन संभालेगा कुर्सी?
आंत से जुड़ी बीमारी के कारण जापान के पीएम शिंजो आबे ने पद छोड़ दिया

शिंजो आबे (Shinzo Abe) सबसे लंबे समय तक जापान के प्रधानमंत्री रहे. कोरोना के दौर में जबकि कई देश आक्रामक हो रहे हैं, जापान में राजनैतिक अस्थिरता मुश्किल ला सकती है. जानिए, कौन हो सकता है वहां अगला प्रधानमंत्री.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2020, 1:07 PM IST
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जापान (Japan) के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा (PM Shinzo Abe resigns) दे दिया. वो लंबे समय से आंतों की बीमारी से पीड़ित हैं और नहीं चाहते कि इसका असर काम पर हो. 65 साल के आबे के इस्तीफा देने के साथ ही ये कयास लगने लगे कि अब जापान की सत्ता कौन संभालेगा. खासतौर पर कोरोना के दौर में जबकि कई देश आक्रामक हो रहे हैं, जापान में राजनैतिक अस्थिरता मुश्किल ला सकती है. जानिए, कौन हो सकता है वहां अगला प्रधानमंत्री.

आबे बतौर प्रधानमंत्री 7 साल 6 महीने का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. अब उनके इस्तीफे के बाद लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) में चुनाव होगा और नया पीएम चुना जाएगा. चूंकि इस्तीफा एकदम आनन-फानन में दिया गया, इसलिए जल्द से जल्द ऐसा करने की कोशिश होगी. वैसे पीएम के लिए कई लोगों के नाम मजबूत दावेदार की तरह उभरे हैं.

आबे बतौर प्रधानमंत्री 7 साल 6 महीने का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. (Photo-kremlin)




इनमें से एक हैं TARO ASO. 70 साल के ये नेता फिलहाल वित्त मंत्री हैं और उप-प्रधानमंत्री भी रहे हैं. तारो असो आबे के मंत्रिमंडल का मजबूत हिस्सा रहते आए हैं. फिलहाल चुनाव में कौन जीतेगा, ये बाद की बात है लेकिन इतना पक्का माना जा रहा है कि तारो ही अस्थायी लीडर होंगे. इससे पहले साल 2008 में भी तारो ने पार्टी का नेतृत्व किया था. हालांकि तब पार्टी की हार हुई थी और तीन सालों तक वो विपक्ष में रही थी.
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पूर्व रक्षा मंत्री SHIGERU ISHIBA को भी पीएम पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है. 63 साल के शिगेरू के बारे में ये माना जाता है कि लोग उन्हे पीएम के तौर पर पसंद करेंगे. वैसे वो खुद ही अपनी पार्टी के लोगों के बीच उतने लोकप्रिय नहीं हैं. शिगेरू काफी नर्म तौर-तरीके रखते हैं और उनके पास खेती-किसानी को दोबारा ऊंचाई पर लाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने का काफी अनुभव है.

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आबे के कार्यकाल के दौरान ही साल 2012 से अगले 6 सालों तक विदेश मंत्री के तौर पर काम कर चुके FUMIO KISHIDA के बारे भी यही कयास लग रहे हैं. हिरोशिमा के फुकिमो के बारे में कई बार ये कहा गया लेकिन जनता के बीच खास लोकप्रियता न होने के कारण वो पीछे रह गए.

हिरोशिमा के फुकिमो को जनता के बीच उतना लोकप्रिय नहीं माना जाता. (Photo- kremlin)


रक्षा मंत्री TARO KONO भी पीएम की कुर्सी संभाल सकते हैं. 56 साल के इस नेता को वैसे तो जापान की स्थानीय राजनीति में कुछ-कुछ फक्कड़ की तरह देखा जाता रहा लेकिन इनकी रक्षा नीतियां काफी सख्त और सही रहीं. जापान के बहुतेरे मंत्रियों से अलग तारो अमेरिका के Georgetown University से ग्रेजुएट हैं और अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ है. यही कारण है कि पहले वो विदेश मंत्री बतौर भी काम कर चुके हैं.

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71 साल के नेता YOSHIHIDE SUGA को भी पीएम पद का अगला दावेदार माना जा रहा है. सुगा ने जमीन से काम शुरू किया और काफी आगे पहुंचे. साल 2006 और 2007 के दौरान वो आबे के विश्वसनीय लोगों में शुमार रहे. बाद में आबे ने सुगा को चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी बना दिया, इसके बाद से वो आगे ही बढ़ते गए. वैसे उनके साथ कई विवाद भी जुड़े हुए हैं.

59 साल की SEIKO NODA ने कई बार महिला पीएम बनने की अपनी इच्छा जताई है.


जापान की राजनीति में एक और नाम भी पीएम के लिए आगे आ सकता है. SHINJIRO KOIZUMI फिलहाल पर्यावरण मंत्रालय देख रहे हैं. हालांकि पीएम की कुर्सी और उनके बीच एक ही फासला है, वो है उनका कम उम्र होना. शिंजिरो की उम्र अभी 39 साल है इसलिए उन्हें इतने बड़े का जिम्मा देने में बहुत लोग झिझक सकते हैं. वैसे इन्हें भी आबे की तरह से नीतियों के लिए जाना जाता है.

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एक और नाम भी है, जो पीएम की कुर्सी तक पहुंच सकता है. 59 साल की SEIKO NODA ने कई बार महिला पीएम बनने की अपनी इच्छा जताई है. नोडा ने महिला सशक्तिकरण के लिए काफी काम किया और वो लगातार आबे के मजबूत क्रिटिक के तौर पर सामने रहीं. हालांकि साल 2018 में वो पार्टी लीडर बनने-बनते चूक गईं क्योंकि वो उतनी लोकप्रिय नहीं.
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