मंगल पर खेती करना कितना है मुमकिन, जानिए इस सवाल पर क्या कहता है ये शोध

शोधकर्ताओं को  लगता है कि नियंत्रित हालातों में मंगल (Mars) पर खेती (Agriculture) नामुमकिन नहीं है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
शोधकर्ताओं को लगता है कि नियंत्रित हालातों में मंगल (Mars) पर खेती (Agriculture) नामुमकिन नहीं है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

मंगल की ऊपरी सतह की मिट्टी में पौधों के लिए बहुत से पोषक तत्व हो सकते हैं जिनमें नाइट्रोजन, पौटेशियम और फॉस्फोरस शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 6:13 AM IST
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इस साल बहुत बार हमें मंगल (Mars) पर इंसानी बसाहट (Human Colonization) के बारे में बातें सुनने को मिली हैं. नासा (NASA) की साल 2024 तक दो लोगों को चंद्रमा (Moon) तक पहुंचाने की तैयारी जोरों पर हैं जिसमें एक महिला यात्री भी होगी. इसके साथ ही नासा 2028 तक चंद्रमा पर एक बेस कैम्प बनाने की तैयारी कर रहा है. लोग चंद्रमा पर प्लॉट खरीद ही रहे हैं. लेकिन मंगल ग्रह पर ही बसाने के उपाय खोजने की बात करने वालों की कमी नहीं है. इसपर कई तरह के शोध भी चल रहे हैं. इसी दिशा में एक शोध ने इस बात की पड़ताल की है कि मंगल ग्रह पर खेती (Agriculture) कैसे की जा सकती है.

मंगल पर जा पाना नामुमकिन नहीं
मंगल ग्रह पर जब बहुत से लोग जाने लगेंगे (जो कि अब नामुमकिन कतई नहीं लगता) तब वहां रहने वालों को बहुत सारी खाद्य सामग्री की जरूरत पड़ेगी. पृथ्वी से इतनी तादात में सामान ले जाना महंगा और खतरनाक भी होगा. ऐसे में जरूरी होगा कि मंगल ग्रह पर ही खाद्य उत्पादन की व्यवस्था विकसित करनी होगा. ऐसे सिस्टम को बड़ी मात्रा में मिट्टी और पानी की जरूरत होगी.

खेती के मिट्टी के मिश्रण
इकारस जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया (UGA) के शोधकर्ताओं ने कई तरह की कृत्रिम मिट्टी के मिश्रण तैयार किए हैं जो मंगल की मिट्टी की तरह हैं.  इस मिट्टी  में क्ले, नमक और अन्य पदार्थों का मिश्रण है जो मंगल ग्रह पर ही उपलब्ध होंगे. शोधकर्ताओं ने इस मिट्टी के नमूनों का इस लिहाज से अध्ययन किया कि वे मंगल की सतह पर कितने उपजाऊ होंगे.



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मंगल (Mars) की मिट्टी (soil) खेती के लिए कितनी उपयुक्त है इसके लिए शोधकर्ताओं ने सिम्यूलेशन्स का सहारा लिया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


मंगल पर उर्वरता का सवाल
UGA में जियोलॉजी के डॉक्टोरल उम्मीदवार और इस अध्ययन के प्रमुख लेखिका लॉरा फैकरेल ने बताया, “मंगल के इन मिश्रण नमूनों के खनिज और नमक की मात्रा को सिम्यूलेट करने से हमें वहां कि मिट्टी की उर्वरता के बारे में जानकारी मिल सकती है. पोषण, लवणता, पीएच ऐसे कारक हैं जो किसी मिट्टी को उर्वर बनाते हैं. और मंगल की मिट्टी के स्पैक्ट्रम का अध्ययन कर हम जान सकते हैं क्या वह मिट्टी उर्वरता के योग्य है या नहीं. अगर नहीं तो क्या संभव समाधान हो सकता हैं जिससे वह मिट्टी उर्वर बन सके.

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मंगल के लिए यह हो रही है तैयारी
किसी को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि मंगल पर बसाहट को लेकर किसी तरह के ख्याली पुलाव या शोध किए जा  रहे हैं. स्पेस एक्स के मालिक एलोन मस्क मंगल को लेकर बहुत गंभीर हैं. उनकी मंगल में कॉलोनी बाने की महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं. इस योजना के मुताबिक साल 2050 तक करीब दस लाख लोगों को लाल ग्रह की सतह तक पहुंचा दिया जाएगा. इसके लिए बड़े पैमाने पर खेती की भी जरूरत होगी. जिसमें मंगल में खेती के लिए आधारभूत संरचना के साथ उत्पादन पद्धतियों का विकास करना हो. मस्क का इरादा हर 26 महीने में दस हजार मंगलवासियों को मंगल पर भेजने का है. इन बातों के बाद भी हकीकत यह है इनके लिए शोधों पर पैसा खर्च किया जा रहा है.

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मंगल (Mars) पर खेती (Agriculture) संभव होने से वहां पर कॉलोनी बनाना संभव हो सकेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


कई सवालों के नहीं मिले हैं जवाब
फिलहाल मंगल पर बहुत ही पतला वायुमंडल और कम तापमान है. मंगल की ऊपरी सतह की मिट्टी में पौधों के लिए बहुत से पोषक तत्व हो सकते हैं जिनमें नाइट्रोजन, पौटेशियम और फॉस्फोरस शामिल हैं.  लेकिन केवल इतना ही काफी नहीं है. क्या तत्व पौधों को वास्तव में मिल सकेंगे जैसे पृथ्वी पर मिलते हैं, यह भी एक सवाल है. ऐसे कई सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं.

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और जरूरी सूक्ष्मजीवी
इसके अलावा मिट्टी में जरूरी बैक्टीरया और अन्य सूक्ष्मजीवी उस मिट्टी में कैसे आंगे जिनसे पौधों को पोषण मिलने की प्रक्रिया पूरी होती है. शोधकर्ताओं का कहना है की यह मंगल पर पूरी तरह से संभव है. मंगल पर खेती की क्षमता एक अहम पहलू और इस विषय पर और गहराई से शोधकार्य होना तय है. वहीं इस अध्ययन के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन से पृथ्वी के उन किसानों को मदद मिल सकती है जिन्हें चुनौती पूर्ण हालातों में खेती करनी होती है.
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