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कितना भव्य है अलकनंदा क्रूज, जिसमें देव दीपावली पूजा के दौरान बैठे थे PM मोदी

अलकनंदा क्रूज में उन सारी बातों का ध्यान रखा गया है, जो किसी फाइव स्टार होटल में होती हैं
अलकनंदा क्रूज में उन सारी बातों का ध्यान रखा गया है, जो किसी फाइव स्टार होटल में होती हैं

अलकनंदा क्रूज (Alaknanda cruise) में उन सारी बातों का ध्यान रखा गया है, जो किसी फाइव स्टार होटल में होती हैं. साथ ही साथ इसे पर्यावरण-फ्रैंडली भी बनाया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 1:25 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने वाराणसी में बाबा विश्वनाथ मंदिर (Baba Vishwanath temple) पहुंचने के लिए अलकनंदा क्रूज (Alaknanda cruise) की सवारी की. तब से ही इसकी खूब बातें हो रही हैं. दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक वाराणसी में गंगा नदी और घाटों के अलावा अलकनंदा क्रूज भी काफी खास माना जा रहा है. जानिए, अस्सी घाट और राजघाट के बीच के चलने वाले इस क्रूज की खूबियां.

2000 वर्ग फीट के इस अत्याधुनिक क्रूज में उन व्यवस्थाओं का ध्यान रखा गया है जो किसी फाइव स्टार होटल में होता है. ये डबल डेकर और वातानुकूलित है. क्रूज की खिड़कियां काफी बड़ी बनाई गई हैं ताकि अंदर बैठा व्यक्ति बाहर के नजारे का पूरा लुत्फ उठा सके. यह क्रूज अस्सी घाट पर होने वाले सुबह-ए-बनारस और शाम को दशाश्वमेध घाट गंगा आरती दिखाता है.

गंगा दर्शन के लिए दुनियाभर के सैलानी और आस्तिक आते हैं- सांकेतिक फोटो




जायके के लिए यहां कई तरह के व्यंजन हैं, जिनमें स्ट्रीट फूड से लेकर काशी और दुनियाभर की डिशेज मिलती हैं. क्रूज के दूसरे फ्लोर पर अत्याधुनिक रेस्त्रां में डिमांड पर भी चीजें बन जाती हैं. साथ ही इसमें नीचे के डेक में 60 लोग और ऊपर के डेक पर 30 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. क्रूज में सारे समय भारतीय शास्त्रीय संगीत चलता रहता है.



बीते कई सालों से गंगा की सफाई पर काफी ध्यान दिया जा रहा है. नमामि गंगे के तहत गंगा को वापस शुद्ध बनाने पर फोकस किया गया. यही वजह है कि क्रूज में घाटों की सैर के दौरान किसी तरह की कोई गंदगी पानी में न मिलने पाए, इसका भी ध्यान रखा गया है. अंदर बायो-टॉयलेट बने हुए हैं. साथ ही खाने-पीने के दौरान कचरा फेंकने की सख्त मनाही है, बल्कि अंदर अलग-अलग कचरे को फेंकने के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखे हैं. इंजन को पर्यावरण के मापदंड के हिसाब से तैयार किया गया है जो कि पूरी तरह से साउंड प्रूफ है ताकि सैलानियों के आनंद में कोई खलल न पड़े.

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हर ट्रिप का चार्ज 750 रुपए और टैक्स है. इसके पैकेज को तीन हिस्सों में बांटा गया है. पहला ट्रिप सुबह सूर्योदय के वक्त होगा, दूसरा शाम को सूर्यास्त के वक्त गंगा आरती कराते हुए खत्म होगा. वहीं दोपहर के वक्त इस क्रूज को कॉरपोरेट मीटिंग या पार्टी के लिए बुक कराया जा सकता है. कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के साथ ही क्रूज सर्विस भी प्रभावित हुई थी लेकिन अब इसे सेफ्टी मानकों के साथ दोबारा खोला गया.

नीचे के डेक में 60 और ऊपर के डेक पर 30 लोगों के बैठने की व्यवस्था है


स्टार्टअप इंडिया के तहत शुरू हुए इस क्रूज को नॉर्डिक क्रूजलाइन ने बनाने में मदद दी. गंगा दर्शन के लिए दुनियाभर के सैलानी और आस्तिक आते हैं. उन्हें कोई असुविधा न हो, इसके लिए क्रूज में सारे इंतजाम हैं. सभी की सुरक्षा के लिए बोर्ड पर सुरक्षा जैकेट और लाइफगार्ड हैं. साथ ही किसी इमरजेंसी के लिए लाइफ बोट भी होती है.

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वैसे भव्यता के लिहाज से 5 क्रूज दुनिया के सबसे आलीशान क्रूज माने जाते हैं. क्रूज क्रिटिक्स (Cruise Critic's) के मुताबिक रीजेंट सेवन सीज क्रूज सबसे पॉश क्रूज है, जिसका हेड ऑफिस मिआमी, फ्लोरिडा में है. इसके बाद नंबर है क्रिस्टल क्रूज का. ये भी फ्लोरिडा से ही संचालित होता है.

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अब आता है सिल्वरसी क्रूज, जो मोनैको से चलता है. वॉशिंगटन से चलने वाला सीबोर्न क्रूज लाइन भी अपने ऐशो-आराम के लिए जाना जाता है. स्विटजरलैंड से संचालित होने वाली क्रूज सेवा है वाइकिंग ओशन सर्विस. ये भी अपनी बेहतरीन सुविधाओं के लिए जानी जाती है.
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