एम थंबीदुरई: छात्र राजनीति से AIADMK और लोकसभा के डिप्टी स्पीकर तक का सफर

लोकसभा के डिप्टी स्पीकर एम थंबीदुरई को हार्ट अटैक के चलते चेन्नई में अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी एंजियोप्‍लास्‍टी की गई है.

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Updated: December 5, 2018, 10:06 PM IST
एम थंबीदुरई: छात्र राजनीति से AIADMK और लोकसभा के डिप्टी स्पीकर तक का सफर
एम. थम्बीदुरई (Photo: PTI)
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Updated: December 5, 2018, 10:06 PM IST
लोकसभा के डिप्टी स्पीकर और अन्नाद्रमुक दल (AIADMK) के नेता  एम थंबीदुरई हार्ट अटैक के चलते चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं. खबरों के मुताबिक, उनकी एंजियोप्‍लास्‍टी की गई है. अन्नाद्रमुक पार्टी के संस्‍थापक सदस्‍यों में से एक थंबीदुरई तमिलनाडु की करूर सीट से सांसद भी हैं. वह चार बार सांसद  और 1985 से 1989 तक लोकसभा उपाध्यक्ष भी रहे हैं.

स्टूडेंट एक्टिविस्ट और यूथ वर्कर
एम. थम्बीदुरई मार्च 1998 से अप्रैल 1999 में भारत सरकार में कानून मंत्री रह चुके हैं. थम्बीदुरई ने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1965 में की थी.

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थम्बीदुरई ने 18 की उम्र से ही छात्र राजनेता के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था. साल 1965 में वह Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) पार्टी से जुड़े. वह मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में उनका पहला साल था.

हिंदी विरोधी आंदोलन में थम्बीदुरई
थम्बीदुरई ने 1965 में हिंदी विरोधी आंदोलन में भाग लिया था. जिसमें वे गिरफ्तार भी हुए थे. DMK पार्टी के लिए उन्होंने 1967 और 1971 में नगरपालिका और विधानसभा चुनावों के लिए बूथ स्तर पर काम किया. साथ-साथ यूनिवर्सिटी और कॉलेज में राजनैतिक प्रचार भी किया करते थे.
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थम्बीदुरई को एआईएडीएमके की पहली पीढ़ी में शुमार किया जाता है. क्योंकि जब 1972 में पार्टी एमजी रामचंद्रन से अलग हुई तो वे पहले से पार्टी में काम कर रहे थे. थम्बीदुरई 1977 में तमिलनाडु के ज़िले/नगर पालिका से विधायक भी रहे.

(Photo: PTI)


8वीं, 9वीं, 12वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा और थम्बीदुरई
एम. थम्बीदुरई करूर (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से पहली बार 1984 में 8वीं लोकसभा के लिए 'संसद सदस्य के रूप में' चुने गए थे.  1985 से 1989 तक भी बतौर लोकसभा के डिप्टी स्पीकर काम कर चुके हैं. फिर उसके बाद धर्मपुरी से चुने गए. जिसके बाद वह 9वीं लोकसभा, 12वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा के लिए भी चुने जाते रहे.

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एम थंबीदुरई कोंगू वेल्लारा कम्युनिटी से हैं. इस कम्युनिटी की आबादी तमिलनाडु के पश्चिमी जिलों में बहुसंख्यकों में शुमार होती है. इस कम्युनिटी को कोंगू नाडु भी कहा जाता है. इन लोगों की आबादी कोयंबटूर, तिरुप्पर, एरोड, करूर, नामक्कल, सालेम और डिंडिगल जिले के उत्तरी हिस्सों अधिक है. इसी कम्युनिटी की आबादी का कुछ हिस्सा धर्मपुरी, कृष्णागिरी और कर्नाटक के ज़िले हिरियूर में भी रहता है.

(Photo: PTI)


एआईएडीएमके के नेता और लोकसभा
थंबिदुराई ने तमिलनाडु में करूर (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से 2014 के लोकसभा चुनावों में चुनाव लड़ा था. बाद में उन्हें संसद के सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया. वह 2009 से लोकसभा में एआईएडीएमके के नेता के रूप में काम कर रहे हैं.

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जब निर्विरोध चुने गए
अगस्त 2014 में थम्बीदुरई लोकसभा उपाध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने गए थे. उन्हें कांग्रेस समेत सभी प्रमुख दलों ने समर्थन दिया था. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने उनके सम्मान में कहा था कि वह एक शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और कृषिविद् भी रहे हैं.

(Photo: PTI)


बता दें कि अन्नाद्रमुक के लोकसभा में 37 सांसद हैं और वह भाजपा और कांग्रेस के बाद सदन में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है. भाजपा के लोकसभा में 279 सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस के 44 सांसद हैं.

चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में थंबीदुरई से मिलने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीसामी और डिप्‍टी सीएम ओ पन्‍नीरसेल्‍वम उनसे मिलने जाएंगे. थंबीदुरई का जन्म 15 मार्च 1947 को हुआ था.

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