World Disability Day: क्यों मनाया जाता है, कब हुई शुरुआत और कैसे बना शब्द Handicap

World Disability Day: क्यों मनाया जाता है, कब हुई शुरुआत और कैसे बना शब्द Handicap
सांकेतिक तस्वीर

Handicap शब्द ‘hand in cap’ से बना. 20वीं शताब्दी में hand in cap नाम का गेम था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2018, 5:14 PM IST
  • Share this:
हर साल 3 दिसंबर को वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे यानी अन्तर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस मनाया जाता है. इसे हर साल मनाने का लक्ष्य शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के प्रति समाज के रवैये में बदलाव लाना है.

साल 1976 में संयुक्त राष्ट्र आम सभा की तरफ साल 1981 को वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे के रूप में घोषित किया गया था. 1992 से इसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत हुई. साल 2007 तक इस दिन को "International Day of Disabled Persons" कहा जाता था.

ये भी पढ़ें- 20 मिनट तक हिलती रही धरती, किसी को नहीं चला पता



डिसेबिलिटी डे और यूएन
इस दिन यूएन की तरफ से खास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. संयुक्त राष्ट्र ने दिव्यांगों के लिए 2030 तक के लिए एजेंडा तैयार किया है, जिसमें उनकी कोशिश है कि रफ्तार भरी ज़िंदगी में कोई भी पीछे न छूटे.

इस बार भी संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हर बार की तरह विशेष भाषण सभा होगी. जिसमें कई देशों के प्रतिनिधी, संस्था अध्यक्ष, राष्ट्रीय और राजकीय कानून निर्माता हिस्सा लेते हैं. इस सभा दिव्यांगों की बेहतरी के लिए किए जा रहे कामों पर चर्चा होती है.

ये भी पढ़ें- जब बना था दुनिया का सबसे बड़ा इंद्रधनुष



कब और कैसे बना Handicap शब्द
Handicap शब्द की शुरुआत के बारे में ये भी कहा जाता है कि इसे 15वीं-16वीं शताब्दी में इंग्लैंड में पुराना योद्धाओं की वजह से किंग Henry VII के दौर में चलन में आया. क्योंकि योद्धा, युद्ध के बाद शारीरिक अक्षमता की वजह से रोज़मर्रा की ज़रुरतें पूरी नहीं कर पा रहे थे.

इसलिए वे गलियों में भीख मांगने के मकसद से हाथ में कैप (cap in hand) लेकर चलते थे. जिसे किंग हेनरी VII ने लीगल करार कर दिया था, क्योंकि राजा ने उस दौर में महसूस किया कि वे कोई नौकरी कर सकने के हाल में नहीं हैं.

ये क़िस्सा भी है मशहूर
ये शब्द 1653 के बाद चलन में आया. शब्द बनने की बात करें तो Handicap शब्द ‘hand in cap’ से बना. 20वीं शताब्दी में hand in cap नाम का गेम था, जिसे लोग खेला करते थे. इस खेल में लोग एक-दूसरे से चीज़ें बदला करते थे. माना जाता है ये शब्द 1653 के बाद गेम ‘hand in cap’ को शॉर्ट कर उसी के नाम से बना. Handicap शब्द का मतलब 1915 तक शारिरिक अक्षमता से जुड़ा नहीं था.

ये भी पढ़ें- छोटी झपकियों से बेहतर होती है याददाश्त



Handicap शब्द का डेवलपमेंट
-1653 में ये शब्द एक खेल को बयां करता था.
-1754 से इसे घोड़ों की रेस में इस्तेमाल किया गया.
-1833 में भी स्पोर्टिंग वर्ल्ड में इस्तेमाल किया गया.
-1915 में पहली बार हैंडीकैप का इस्तेमाल शारीरिक रूप से अपंग बच्चों के लिए किया गया.
-1950 से हैंडीकैप टर्म को व्यस्क और दिमागी रूप से अक्षम लोगों के लिए भी इस्तेमाल किया गया.

1980 के दशक में अमेरिका की डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने विकलांगो के लिए Handicapped की जगह Differently Abled शब्द के इस्तेमाल पर जोर दिया. ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में शब्द disabled 20वीं शताब्दी के आखिर में आया.

ये भी पढ़ें- मंगल ग्रह पर हो सकती है जीवनदायी ऑक्सीजन



विकलांग से दिव्यांग
दिसंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में विकलांग को दिव्यांग नाम दिया. प्रधानमंत्री के सुझाव के बाद हिंदी भाषा में विकलांग की जगह ‘दिव्यांग’ चलन में है.

भारत में कितने दिव्यांग
2001 की जनगणना के मुताबिक, भारत में लगभग 21 मिलियन (2.1 करोड़) से ज्यादा दिव्यांग थे. जिसमें से 12.6 मिलियन पुरुष व 9.3 मिलियन महिलाएं थी. उस समय ये तादाद देश की कुल आबादी की 2.1 फीसद बताई गई थी.

ये भी पढे़ं-
जी-20 समिट के बारे में हर वो बात जो आप जानना चाहते हैं...
पहली बार वोट डालने वाले हैं तो ऐसे घर बैठे बनवाएं वोटर आईडी कार्ड
इस शख्स ने सेंटिनल द्वीप के आदिवासियों को दिए थे नारियल, बताई पूरी कहानी
 खालिस्तानी हिट लिस्ट- जानिए कौन थे खालिस्तानी आंदोलन के बड़े नेता
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading