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जब शेयर बाजार में कमा रहा ईपीएफओ तो ब्याज दरों में कमी क्यों?

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Updated: February 23, 2018, 11:46 AM IST
जब शेयर बाजार में कमा रहा ईपीएफओ तो ब्याज दरों में कमी क्यों?
सेंट्रल पीएफ कमिश्नर वीपी जॉय ने इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को लिखी चिट्ठी में कहा था कि हैकर्स ने मंत्रालय के तहत आने वाले साझा सेवा केंद्र (CSC) की तरफ से चलाई जाने वाली वेबसाइट aadhaar.epfoservices.com से लोगों का डेटा चुरा लिया है. एनडीटीवी ने जॉय की तरफ से CSC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश त्यागी को लिखी एक 'सीक्रेट चिट्ठी' के हवाले से बताया कि खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने उन्हें खबर दी है कि EPFO की वेबसाइट को हैकर्स ने निशाना बनाया. इस वेबसाइट में सदस्यों के नाम-पते के अलावा उनकी नौकरियों का भी पूरा ब्योरा होता है.

2015 में तत्कालीन श्रम राज्य मंत्री, बंदारू दत्तात्रेय ने कहा था कि ईपीएफओ के पास ऐसे 27,000 करोड़ रुपये हैं, जो अनक्लेम्ड हैं

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  • Last Updated: February 23, 2018, 11:46 AM IST
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इंप्लाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) ने  वर्ष 2017-18 के लिए प्रोविडेंट फंड पर ब्याज दर 8.65 से घटाकर 8.55 फीसदी कर दी है. ये देशभर के पांच करोड़ अंशधारकों के लिए बड़ा झटका है. खासकर तब जबकि ईपीएफओ ने शेयर बाजार में जो धन निवेश किया था, उसके रिजल्ट अच्छे रहे हैं. हर साल शेयरों में उसके निवेश की रकम भी बढ़ रही है. हालांकि ईपीएफओ का कहना है कि शेयर बाजार में वो एक बहुत छोटा सा हिस्सा लगाता है. शेयरों में लगातार अस्थिरता बनी रहती है.

ईपीएफओ होता क्या है?
ईपीएफओ (Employee Provident Fund Organization) यानी ‘कर्मचारी भविष्य निधि संगठन’ भारत सरकार का एक संगठन है, जो अपने सदस्यों को रिटायरमेंट के बाद आय सुरक्षा देने के लिए कई योजनाएं चलाता है. हर उस कंपनी को ईपीएफओ में खुद को रजिस्टर्ड कराना होता है, जहां कर्मचारियों की संख्या 20 से अधिक हो.

कैसे बना ये संगठन 

1951 के करीब कर्मचारी भविष्य निधि अध्यादेश की घोषणा की गई. 15 नवंबर, 1951 को कर्मचारी भविष्य निधि अध्यादेश को कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952 में बदला गया, जो जम्मू और कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत में लागू हुआ. अधिनियम की धारा 5 के तहत तैयार किए गए कर्मचारी भविष्य निधि योजना को चरणों में लागू करने के बाद एक नवंबर, 1952 को पूरी तरह लागू किया गया.

कब क्या रही दरें
1952-53 में ईपीएफ की ब्याज दरें महज तीन फीसदी थीं. 1955-56 में बढ़कर ये 3.5 फीसदी हुआ. 1972-73 ये 6.00 परसेंट तक पहुंचा. 1980 और 1990 के दशक में पीएफ की ब्याज दरें दहाई में पहुंच गईं. 1988-89 से लेकर 1999-2000 तक ये दरें 12 फीसदी थीं. जो इसका सर्वोच्च ब्याज स्तर था. इसके बाद इनमें गिरावट शुरू हुई.
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दायरे में कितने संगठन?
ईपीएफओ के दायरे में आने वाले संगठनों की संख्या बढ़ रही है. 2015-16 में ईपीएफओ में 9.21  लाख पंजीकृत संगठन थे. 2016-17 में यह संख्या बढ़कर 10.2 लाख हो गई.  ईपीएफओ के पास फिलहाल पांच करोड़ सक्रिय सदस्य हैं.

ईपीएफओ कितनी योजनाएं चला रहा है?
अभी ईपीएफओ तीन योजनाएं चला रहा है. -
1- कर्मचारी भविष्य निधि योजना (EPF- Employees' Providnet Fund Scheme)
2- कर्मचारी पेंशन योजना (EPS- Employees' Pension Fund Scheme)
3- कर्मचारी जमा सहबध्द बीमा योजना (EDLI- Employees' Deposit Linked Insurance Scheme)

कर्मचारी भविष्य निधि योजना (EPF)-
1- रिटायरमेंट, त्यागपत्र और मृत्यु की दशा में जमा राशि का ब्याज के साथ भुगतान.
2- कुछ विशेष स्थितियों में जैसे गृह निर्माण, विवाह, उच्च शिक्षा के समय आंशिक निकासी.

कर्मचारी पेंशन योजना (EPS)-
1- रिटायरमेंट, विकलांग, विधवा, विधुर और बच्चों को मासिक लाभ.
2-पेंशन की राशि औसत सैलरी के आधार पर.
3- सेवा के दौरान स्थायी या पूर्ण विकलांगता के कारण नौकरी जाने पर मासिक पेंशन के भुगतान.

कर्मचारी जमा सहबध्द बीमा योजना (EDLI)-
1- सदस्य के सेवा में रहते हुए मृत्यु होने की स्थिति में उसके नॉमिनी को राशि का भुगतान.
2- कितनी राशिः 20 महीने की सैलरी के 20 गुना या जमा राशि के आधार पर (जो अधिक हो).



कितना पैसा जाता है ईपीएफओ के पास?
कंपनी आपकी बेसिक सैलरी के 12फीसदी काट कर EPF अकाउंट में जमा करती है. कंपनी अपनी तरफ से 8.33% EPS में और 3.67% आपके EPF अकाउंट में जमा करती है. इस अमाउंट पर कितना ब्याज मिलेगा यह EPFO हर साल घोषणा करता है. इसमें ईपीएस और ईपीएफ क्या है, इसे ऊपर बताया जा चुका है

ईपीएफओ के पास कितना पैसा अनक्लेम्ड?
2015 में श्रम राज्य मंत्री, बंदारू दत्तात्रेय ने EPFO के बारे में कहा था कि ईपीएफओ के पास 27,000 करोड़ रुपया ऐसा था, जिसे कोई क्लेम करने नहीं आया.

कितने कर्मचारी हैं ईपीएफओ में ?
ईपीएफओ में काम करने वाले कुल लोगों की संख्या 20,000 से अधिक है, जिसमें सभी स्तर शामिल हैं.

शेयर बाजार में जो पैसा ईपीएफओ लगा रहा है, उसके नतीजे क्या हैं?
सरकार ने एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (ईपीएफओ) की इक्विटी इनवेस्टमेंट लिमिट को जनवरी में 15 पर्सेंट से बढ़ाकर 25 पर्सेंट किया था. 2015-16 में ईपीएफओ ने 1.2 ट्रिलियन रुपये की पांच  फीसदी रकम लगाई और इससे 15 हजार करोड़ रुपए कमाए. उसके बाद से ईपीएफओ शेयर बाजार में लगातार निवेश करने वाली रकम को बढ़ा रहा है. सरकार ने भी लगातार शेयरों में उसके निवेश के बेहतर नतीजों के चलते निवेश के हिस्से में बढोतरी की है. इस साल ईपीएफओ 22,000 करोड़ रुपए शेयरों में निवेश करने जा रहा है.

 



पीएफ अकाउंट में है पांच लाख रुपए तो कितना ब्‍याज
मान लेते हैं कि आप ईपीएफ मेंबर हैं और आपके पीएफ अकाउंट में पांच लाख रुपए हैं तो आपको इस साल यानी 2017-18 में 5 लाख रुपए पर 8.55 फीसदी ब्‍याज मिलेगा. यानी आपको इस साल पीएफ डिपॉजिट पर 42,750 रुपए ब्‍याज मिलेगा.

अगर ईपीएफओ नहीं करता ब्‍याज कम करने की सिफारिश
अगर ईपीएफओ की ब्याज दरें 8.65 फीसदी ही रहतीं तो आपको पांच लाख रुपए पीएफ डिपॉजिट पर  43,250 रुपए ब्‍याज मिलता.

5 लाख रुपए की पीएफ डिपॉजिट पर आपको कितना होगा नुकसान
इस साल ईपीएफ पर ब्‍याज दर में 10 बेसिस प्‍वाइंट यानी 0.10 फीसदी की कमी से आपको 5 लाख रुपए की पीएफ डिपॉजिट पर 500 रुपए का नुकसान होगा.

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First published: February 23, 2018, 11:46 AM IST
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