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क्या है रेड कॉर्नर नोटिस की ताकत, क्या इससे पकड़ा जा सकेगा चोकसी

News18Hindi
Updated: December 13, 2018, 12:37 PM IST
क्या है रेड कॉर्नर नोटिस की ताकत, क्या इससे पकड़ा जा सकेगा चोकसी
मेहुल चोकसी (फाइल)

इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस में ताकत तो होती है लेकिन इतनी भी नहीं कि अपराधी को गिरफ्तार कर प्रत्यर्पित किया जा सके

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  • Last Updated: December 13, 2018, 12:37 PM IST
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पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से हजारों करोड़ का लोन लेकर भागे मेहुल चाेकसी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है. हालांकि चोकसी ने एंटीगुआ सरकार के कॉमनवेल्थ एग्रीमेंट के खिलाफ वहां अदालत की शरण ली है. लेकिन अब रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने से क्या होगा. ये नोटिस क्या करता है. क्या इससे चोकसी को भारत लाया जा सकेगा.

आइए जानते हैं कि रेड कॉर्नर नोटिस होता क्या है. जब इंटरपोल यानि इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन (इंटरपोल) ने इसे जारी करता है तो उसका क्या मतलब होता है. हालांकि इसी मसले में इंटरपोल ने नीरव मोदी के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किया हुआ है. वैसे हम आपको ये बता दें कि इंटरपोल केवल रेड कॉर्नर नोटिस ही नहीं बल्कि आठ अलग तरह के नोटिस जारी करता है. हर नोटिस के रंग अलग होते हैं.

रेड कॉर्नर नोटिस से क्या होता है?
रेड कॉर्नर नोटिस एक ऐसे व्यक्ति को ढूंढने और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने का अनुरोध है,जिसे आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया है. लेकिन सिर्फ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति दोषी है. ये दुनिया में होने वाले अपराध पर अलर्ट भी करते हैं.



रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के पीछे इंटरपोल का मुख्य उद्येश्य सदस्य देशों की पुलिस को सतर्क करना होता है ताकि संदिग्ध अपराधियों को पकड़ा जा सके या खोये हुए व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके. ध्यान रहे कि रेड कॉर्नर नोटिस किसी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ़्तारी वारंट नही होता है.



रेड कॉर्नर का मतलब ये नहीं कि गिरफ्तारी पक्की है  

यह नोटिस वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी या उनके प्रत्यर्पण को हासिल करने के लिए जारी किया जाता है. रेड कार्नर नोटिस की मदद से गिरफ्तार किये गए अपराधी को उस देश भेज दिया जाता है जहां उसने अपराध किया होता है. वहीं उस पर उस देश के कानून के हिसाब से मुकदमा चलता है और सजा दिलाई जाती है.

जिस व्यक्ति के खिलाफ “इंटरपोल” ने रेड कार्नर नोटिस जारी किया है; इंटरपोल उस वांछित व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए किसी सदस्य देश को मजबूर नहीं कर सकता है.

 



इंटरपोल कितनी तरह के नोटिस जारी करता है –

लाल नोटिस
प्रत्यर्पण या समान कानूनी कार्रवाई के लिए अपराध करने वाले व्यक्तियों के स्थान और गिरफ्तारी की तलाश करना.

पीला नोटिस
गायब व्यक्तियों, अक्सर नाबालिगों, या उन लोगों की पहचान करने में सहायता के लिए जो खुद को पहचानने में असमर्थ हैं.

नीला नोटिस
अपराध के संबंध में किसी व्यक्ति की पहचान, स्थान या गतिविधियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी एकत्रित करने के लिए.



काला नोटिस
अज्ञात शवों पर जानकारी लेने के लिए.

हरा नोटिस
अपराध करने वाले व्यक्तियों के बारे में चेतावनियां और सूचना प्रदान करने के लिए जिनके अन्य देशों में इन अपराधों को दोहराने की संभावना है.

नारंगी नोटिस
किसी घटना, किसी व्यक्ति, ऑब्जेक्ट या प्रक्रिया को चेतावनी देना, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकता है.

नोटिस - संयुक्त राष्ट्र (छोटे नोटिस)
इंटरपोल-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद विशेष सूचना

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समितियों के टारगेट पर जो समूह और व्यक्ति होते हैं उनके लिए जारी किया जाता है.

बैंगनी नोटिस
अपराधियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मॉडस ऑपरंडी, वस्तुओं, उपकरणों और छिपाने के तरीकों पर जानकारी प्राप्त करने या प्रदान करने के लिए.

कितने भारतीयों के नाम आए इंटरपोल में -
जनवरी 2008 और 15 सितंबर, 2010 के बीच इंटरपोल ने 338 भारतीय नागरिकों के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए थे. इससे पहले, इंटरपोल ने 2001 और 2007 के बीच दुनिया भर में भारतीयों के खिलाफ 495 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए थे. लाल कोने वाले भारतीयों के खिलाफ नोटिस इंटरपोल, दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन, 188 सदस्य राष्ट्र है. यह सीमा पार पुलिस सहयोग की सुविधा प्रदान करता है. इंटरपोल के आंकड़ों ने भारत को अपराध-निर्यात करने वाले राष्ट्रों के बड़े लीग में डाल दिया. 7,858  व्यक्तियों की सूची में से 369 भारतीय हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका (321), चीन (216), पाकिस्तान (160), यूके (58), कनाडा (9 8), ऑस्ट्रेलिया (24), सऊदी अरब (27) और व्यक्तियों को जारी नोटिस की तुलना में यह एक बड़ी संख्या है.


जो भारतीय इंटरपोल में पकड़ा गया
सिगरेट तस्करी के लिए यूके में चार साल की कारावास की सेवा के लिए अनुपस्थिति में सजाए जाने के बाद इंटरपोल सूची में रहने वाले एक भारतीय व्यक्ति को शिकागो शहर के ओहारे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया था क्योंकि वह भारत की उड़ान भरने वाला था.

39 वर्षीय अनिस गुलाम्रास वोहोरा "इंटरपोल लुकआउट" सूची में थे और शिकागो सीमा शुल्क और सीमा संरक्षण (सीबीपी) के अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया.

क्या है इंटरपोल
इंटरपोल (The International Criminal Police Organization) अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन है. इसके 192 सदस्य देश हैं. इसे इसलिए बनाया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिस को मजबूत किया जा सके. इंटरपोल की स्थापना का सबसे पहला विचार 1914 में मोनाको में आयोजित पहली अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस कांग्रेस में हुआ था. इसकी स्थापना 1923 में अंतरराष्ट्रीय अपराध पुलिस आयोग' के रूप में की गयी थी. इस संगठन को 1956 में “इंटरपोल” के नाम से जाना जाने लगा. इंटरपोल का मुख्यालय लियोन, फ्रांस में स्थित है और इसके वर्तमान चेयरमेन "मेन्ग होंगवेई" हैं.

इंटरपोल के क्या काम हैं?
इंटरपोल 192 सदस्य देशों में पुलिस को अंतरराष्ट्रीय अपराध से लड़ने के लिए मिलकर काम करने में सक्षम बनाता है. यह मुख्य रूप से इन तीन प्रकार के अपराधों के लिए अपनी पुलिस विशेषज्ञता और क्षमताओं का इस्तेमाल करता है.
1. काउंटर-आतंकवाद
2. साइबर अपराध
3. संगठित अपराध
इंटरपोल सभी सदस्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों जैसे संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के साथ मिलकर काम करता है ताकि अंतरराष्ट्रीय अपराध से मुकाबला किया जा सके.

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First published: December 13, 2018, 12:35 PM IST
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