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कौन है जो सीमा पर बना रहा है भारतीय जवानों को निशाना?

एक स्नाइपर बंदूक से 100 से 200 मीटर की दूरी से ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

एक स्नाइपर बंदूक से 100 से 200 मीटर की दूरी से ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

एक स्नाइपर बंदूक से 100 से 200 मीटर की दूरी से ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

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    जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा से लगे इलाके में  बीते हफ्ते में चार जवान स्नाइपर की गोली से शहीद हो चुके हैं. सोमवार को एक सैनिक शहीद हो गया जबकि एक अन्य जख्मी हो गया था. पाकिस्तानी स्नाइपर्स भारतीय जवानों को निशाना बना रहे हैं.

    एक पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, पुलवामा और श्रीनगर में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच स्टैंड-ऑफ शूट-आउट के बाद तीन जगहों पर पाए गए कारतूस के मामलों की जांच में खुलासा हुआ कि वे "एम 4 कार्बाइन थे" जो एक टेलीस्कोपिंग स्टॉक के साथ एक हल्की स्नाइपर राइफल होती है.

    एम 4 कार्बाइन राइफल को पहले भी आतंकवादियों से बरामद किया जा चुका है और सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में आतंकवादी कमांडर समीर टाइगर के पास भी इसे देखा गया था.

    किस शूटर का हाथ
    पहले स्नाइपर हमलों के पीछे जिस शूटर का हाथ है उसे आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के कासिम भाई के रूप में पहचाना गया है. कासिम पुलवामा के त्राल से संचालन करता है. दो स्नाइपर हमलों के पीछे इसी का दिमाग है. कासिम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन वह हमेशा दो विदेशी आतंकवादियों के साथ रहता है और उन्हें एम 4 राइफल को संभालने में एक मास्टर कहा जाता है.



    रिपोर्ट में बताया गया है कि चार एम 4 स्नाइपर्स हाल ही में उत्तरी कश्मीर से घाटी में घुसपैठ कर लाए गए हैं. इन्हें दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और शोपियां जिलों में तैनात किया गया है. कश्मीर में यह पहली बार है जब आतंकवादियों ने स्नाइपर्स का सहारा लिया है. हथियारों को बेहतर करने के अलावा, यह मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा भी है.

    बुरहान वानी बाकी आतंकियों के साथ. (File Photo)


    स्नाइपर कौन होता है
    स्नाइपर एक अचूक निशानेबाज़ होता है. दुनिया के कई देशों की सेनाएं अपने श्रेष्ठतम निशानेबाज़ों को स्नाइपर बनाती हैं. अचूक निशानेबाज़ या स्नाइपर जहां भी होते हैं आतंक मचा कर रखते हैं. अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि ये स्नाइपर बेहद चालाक होते हैं. उसने अपने हमलों के दौरान बहुत ज़्यादा सबूत नहीं छोड़ते हैं. अचूक निशाने और भाग निकलने में कामयाबी को लेकर कहा जा रहा है कि या तो ये स्नाइपर सेना से संबंधित होते हैं या फिर किसी ख़ुफ़िया एजेंसी से संबंधित. आमतौर पर स्नाइपर को निशाने के अलावा अपने आप को छिपाने की कला भी आती है.

    स्नाइपर बंदूक कितनी कारगर
    एक स्नाइपर बंदूक से 100 से 200 मीटर की दूरी से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. दक्षिण कश्मीर में पहाड़ियों के ऊपर स्थित शिविरों की रक्षा करने वाली चौकियों पर हमला करने के लिए आसानी से उपयोग किया जा सकता है.

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