कहीं आपके पेट के कीड़े दिमाग तक तो नहीं पहुंच रहे हैं !

पेट में होने वाले कीड़े समस्याओं को पैदा कर आपके शरीर की संपूर्ण प्रक्रिया पर असर डालते हैं. कुछ कीड़े पेट से दिमाग तक जा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2018, 1:14 PM IST
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बच्चों के पेट में कीड़े होना आम बात है. लेकिन अगर यही कीड़े बड़ों के पेट में हो जाते हैं तो और भी खतरनाक होते हैं. पेट में कीड़े होना शरीर में छिपा हुआ ऐसा रोग है जो कि आदमी के पेट से खून में और खून से शरीर के किसी भी हिस्स्से में जा सकता है. ये कीड़े बाहर खाने पीने से पेट में जा सकते हैं या पेट में ही पैदा हो सकते हैं.



लेकिन पेट में किसी भी तरह का कीड़ा कैसे विकसित होता है? परजीवी या कीड़े की श्रेणी में टेपवर्म शामिल है. ये परजीवी किसी भी आकार का हो सकता है और कई प्रकार की समस्या उत्पन्न कर सकते हैं. कुछ कीड़े लाल रक्त कोशिकाओं को अपना आहार बनाकर एनीमिया का शिकार बना देता है. शेष कीड़े आपके भोजन का उपभोग करते है. ये आपको भूखा रखते हुए वजन बढ़ने से रोकता है. पेट के कीड़े से खुजली, चिड़चिड़ापन और यहां तक कि अनिद्रा की समस्या का भी सामना करना पड़ता है.



पत्तेदार सब्ज़ियों से या बीमार जानवर के मीट से ये कीड़े सबसे जल्दी पनपते हैं. ये कीड़े आसानी से शरीर से बाहर नहीं निकलते. इसके साथ प्रजनन करते हैं जिससे इनका संख्या में वृद्धि होती है . इनका इलाज तुरंत करना जरूरी है वरना समस्या बढ़ सकती है.





टेपवर्म क्या होते हैं
टेपवर्म खंडित कीड़े होते हैं, जो कुछ जानवरों की आंतों में रहते हैं. जानवर चारागाहों में चरते समय या दूषित पानी पीकर इन परजीवियों से संक्रमित हो सकते हैं. संक्रमित पशुओं का कच्‍चा या अधपका मांस खाने से ही ये टेपवर्म मनुष्‍यों के शरीर में प्रवेश करते हैं. हालांकि, टेपवर्म के कारण मनुष्‍यों में जो लक्षण नजर आते हैं, उन्‍हें आसानी से ठीक किया जा सकता है. लेकिन, कई बार ये काफी गंभीर भी हो सकते हैं. और कई बार ये जानलेवा भी हो सकता है. इसलिए टेपवर्म के लक्षणों को पहचानना जरूरी है ताकि आप स्‍वयं को और अपने परिवार को इसके दुष्‍प्रभावों से सुरक्षित रख पायें.







मनुष्‍यों को छह प्रकार के टेपवर्म प्रभावित कर सकते हैं. इन्‍हें उन पशुओं के जरिये पहचाना जाता है, जिसके जरिये ये मनुष्‍य के शरीर में प्रवेश करते हैं. टिनिया सेगिनाता बकरे के मांस से, टिनिया सोलिलयम  सुअर से, और डिफिलोबोट्रियम लॉटम (मछली) से इनसानी शरीर में प्रवेश करता है. टेपवर्म का जीवन तीन-स्‍तरीय होता है. अंडा, शुरुआती स्थिति जिसे लार्वा कहा जाता है, व्‍यस्‍क स्थिति में कीड़ा और अंडे देने लगता है. क्‍योंकि यह लार्वा मांसपेशियों में प्रवेश कर जाता है, इसलिए जब आप कच्‍चा या अधपका मांस खाते हैं, तो संक्रमण होने की आशंका काफी बढ़ जाती है.

यदि संक्रमित व्‍यक्ति शौच के बाद अच्‍छे से हाथ धोये बिना खाना पकाता है, तो ये वर्म उस खाने में प्रवेश कर बाकी लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं.



पेट में कीड़े होने के बहुत सारे लक्षण हो सकते हैं.



अगर आपको लगातार कब्ज़ की शिकायत रहती है या खाना पच नहीं पाता है.  दस्त का होना भी बड़ा लक्षण हो सकता है.  खाना खाने के तुरन्त बाद मल का आ जाना या मल में बलगम तथा खून आना खतरनाक स्थिति है. पेट में दर्द तथा जलन और गैस और सूजन का अनुभव या बवासीर का हो जाना. बार बार थकान होना और अत्यधिक कमजोरी में भी कीडे हो सकते हैं.

कीड़े त्वचा में प्रवेश करते हैं और खुजली को जन्म देते हैं.



इन कीड़ों से बचने के लिए कुछ मेडिकल परीक्षण तथा इलाज आवश्यक है इन परीक्षणों के बीच परम्परागत अंडाणु और परजीवी स्टूल टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण है.



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कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे जो आपको आंतों के कीड़ों से निजात दिलाएंगे-



अजवाइन

अजवाइन पेट की कई समस्याओं का रामबाण इलाज है. पेट के कीड़ों का सफाया करने के लिए भी अजवाइन लाभदायक है. एक चम्मच अजवाइन के साथ थोड़ा नमक मिलाकर मिश्रण को पानी के साथ लें. कुछ ही दिनों में पेट के सारे कीड़े मर जायेंगे.



हींग

बच्चों में कीड़ों के काटने की समस्या आम है. ज्यादा मीठा खाने से अकसर ऐसी समस्या आती है. इसका तुरंत उपचार करने के लिए बच्चे को पानी में घोलकर हींग पिला दें. इसके अलावा गुप्तांग के पृष्ठ भाग पर हींग का घोल लगा दें. बच्चे को खुजली और दर्द से राहत मिलेगी.



काला नमक

रात को सोने से पहले काले नमक का पानी के साथ सेवन आंतों के कीड़ो को मारने में असरदार है. आप चाहें तो इसे अजवाइन में मिलाकर भी ले सकते है. बच्चों को सलाद पर काला नमक छिड़ककर भी दे सकते हैं.



अनार के छिलके

ये उपाय बड़ों के लिए भी उतना ही लाभदायक है जितना बच्चों के लिए. अनार के छिलकों को सुखाकर इसका चूर्ण बना लें. दिन में 2-3 बार एक चम्मच इस चूर्ण का सेवन करें. कुछ ही दिनों में कीड़े पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगे.



नीम के पत्ते

नीम के पत्ते बहुत सी समस्याओं का उपचार करते हैं. स्वाद में कड़वे ये पत्ते स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं. नीम के पत्ते पीसकर इनमें शहद मिलाकर खाएं. इनका सेवन सुबह करने से अधिक लाभ होता है.
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