पांच साल बाद ऐसा होगा आपका टीवी

आने वाले समय में आपको बहुत सारे बटन बिलकुल नहीं दबाने होंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स से आपके बहुत सारे काम हल हो जाएंगे.

News18Hindi
Updated: December 6, 2018, 11:59 PM IST
पांच साल बाद ऐसा होगा आपका टीवी
आने वाले समय में आपको बहुत सारे बटन बिलकुल नहीं दबाने होंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स से आपके बहुत सारे काम हल हो जाएंगे.
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Updated: December 6, 2018, 11:59 PM IST
टेलीविजन वर्ल्ड में ज़बरदस्त इनोवेशन हो रहे हैं. हर रोज़ टेलीविज़न कंपनियां  स्क्रीन पतले करती जा रही हैं. अब तो स्क्रीन में कर्व तक आने लगे हैं. नए फंक्शन अपग्रेड किये जा रहे हैं. डेवेलपर्स टीवी को ऐप्स के साथ जोड़ उसे अब चैनल्स तक ही सीमित नहीं रख रहे हैं. आज के स्मार्ट टीवी में वह सब है जो एक स्मार्टफ़ोन में हो सकता है.

भविष्य में स्मार्ट टीवी इससे भी ज़्यादा कलात्मक और चकित कर देने वाले होंगे. स्मार्ट टीवी लोगों की प्रवृत्तियों के बारे में और भी जागरूक होंगे और आपका टीवी देखने का अनुभव और अद्भुत होता जाएगा. दरअसल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां ऐसे स्मार्ट टीवी पर काम कर रही है, जिसे इंसान अपने दिमाग से कंट्रोल कर सकेगा.

सोचने से ही बदल जाएंगे टीवी चैनल


टीवी कंपनियां प्रोजेक्ट पर पिछले काफी समय से काम कर रही हैं और अगले साल स्विट्जरलैंड में इसका ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है. इस टेक्नोलॉजी की मदद से सिर्फ सोचकर ही टीवी पर चैनल को बदला जा सकेगा. इतना ही नहीं, सिर्फ सोचने भर से टीवी का वॉल्यूम एडजस्ट हो सकेगा.

ऐसे काम करेगा टीवी

इस टेक्नोलॉजी में ब्रेन कम्प्यूटर इंटरफेस (बीसीआई) का इस्तेमाल किया जाएगा जो व्यूअर को टीवी सेट से जोड़ेगा. इस बीसीआई में 64 सेंसर के अलावा एक आई-मोशन ट्रैकर लगा होगा. यह एक तरह का हेडसेट है. यही इंसानी दिमाग से निकलने वाली तरंगों के जरिए उनके सुझावों को समझेगा और फिर आंखों के मूवमेंट से इन सुझावों की पुष्टि करेगा. इसी की मदद से टीवी को कंट्रोल किया जाएगा. इस टेक्नोलॉजी पर काम करने के लिए वैज्ञानिक इंसानी दिमाग से निकलने वाली तरंगों को भी समझने की कोशिश कर रहे हैं. वैज्ञानिक यह पता लगा रहे हैं कि टीवी देखते समय इंसान का दिमाग क्या सोचता है और किस तरह व्यवहार करता है.
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ऐसी टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रहे हैं, जिसकी मदद से यूजर अपने दिमाग से निकलने वाली तरंगों की मदद से टीवी से बात कर सकते हैं. इस टेक्नोलॉजी से सबसे ज्यादा फायदा दिव्यांगों को होगा. सैमसंग के अलावा और भी कंपनियां ब्रेन कम्प्यूटर इंटरफेस पर काम कर रही हैं, जो मशीन के साथ बातचीत करने में इंसानों की मदद करेगी. गूगल इस तरह के ऑडियो प्रोडक्ट पहले ही बाजार में ला चुका है.



बढ़ी हुई सुरक्षा

प्रौद्योगिकी की बात आने पर सुरक्षा हमेशा चिंता का विषय होता है, और स्मार्ट टीवी अलग नहीं हैं. स्मार्ट हाउस, स्मार्टफोन और स्मार्ट टीवी जैसे तकनीकी उपकरणों की इंटरनेटवर्किंग है. 2020 तक उपकरणों की यह उन्नत कनेक्टिविटी लगभग 21 अरब वस्तुओं तक बढ़ने का अनुमान है, और यह पूर्ण डेटा सुरक्षा की गारंटी देने में सक्षम होना महत्वपूर्ण है. भविष्य में, स्मार्ट टीवी में हैकर्स के खिलाफ सुरक्षा, अतिरिक्त मैलवेयर सुरक्षा और मजबूत आधारभूत संरचनाएं बढ़ेंगी.



 

 

 

 

 

 

 

 

 

आने वाले समय में आपको बहुत सारे बटन बिलकुल नहीं दबाने होंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स से आपके बहुत सारे काम हल हो जाएंगे.

एचडीआर फोटोग्राफी से निकलता है और उच्च गतिशील रेंज के देता है. यह रेंज टीवी देखने के अनुभव को सुधारने के लिए विकसित नवीनतम तकनीक है. यह तकनीक चमकीलेपन के लिए अनुमति देती है, जिसका अर्थ है कि उजसे क्षेत्र और उजले हो जाते हैं और अंधेरे क्षेत्र गहरे हो जाते हैं. एचडीआर नियमित छवियों की तुलना में अधिक विपरीत है, यह गारंटी देता है कि आपके टीवी में हर पिक्सेल बेहतर प्रदर्शन करता है. टीवी प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रदर्शन के साथ, भविष्य में टीवी अन्य नेटवर्क उपकरणों के साथ पूरी तरह से अनुकूलित किए जा सकेंगे, साथ ही पर्सनल सेवाएं प्रदान करने और आपके देखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए. इलेक्ट्रॉनिक्स का भविष्य सुनिश्चित करता है कि वे आपको सबसे अच्छी कीमत पर उच्चतम गुणवत्ता वाले सस्ते टीवी दें.
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