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दुनिया के सबसे धनी शख्स बेजोस ने पहली नौकरी में किया था सफाई का काम

दुनिया के सबसे धनी शख्स बेजोस ने पहली नौकरी में किया था सफाई का काम

बेजोस की कई खासियतें हैं. सफल लोगों की तरह वो दूर की सोचते हैं. 90 के दशक में उन्हें लग गया था कि अब ई-मार्केटिंग कंपनियों का जमाना आने वाला है

    दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति जैफ बेजोस ने अपनी पहली नौकरी मैक्डोनाल्ड में की थी. उस समय वो 16 साल के थे. उन्हें सफाई का काम मिला. वो जमीन पर पड़े कैचप को साफ करते थे. हालांकि ये काम उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया. उन दिनों जेफ बेजोस नाना-नानी के साथ रहते थे और स्कूल में पढ़ रहे थे. छुट्टियों में उन्होंने मैक्डोनाल्ड में नौकरी कर ली. लेकिन इस नौकरी में उन्हें पहले ही दिन सफाई का ऐसा काम दे दिया गया, जिससे वो खिन्न हो गए लेकिन यहां उन्हें जो भी सीख मिली, उसे उन्होंने अागे अपनी कंपनी अमेजन में लागू किया.

    बेजोस ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि काम के दौरान मैक्डोनाल्ड के किचन में पांच गैलन केचप का कंटेनर फट गया. ये उनकी नौकरी का पहला हफ्ता था. लेकिन नए होने के कारण इस गंदगी की सफाई उन्हीं से कराई गई. हालांकि उनके पास काम करने के अलावा और कोई रास्ता भी नहीं था. बेजोस को हालांकि यहां काफी कुछ सीखने को मिला. खासकर ये आटोमेटेड सर्विस से किस तरह मदद लेनी चाहिए.

    सबसे पहले समझा था ई-मार्केटिंग का भविष्य
    बेजोस ने बाद में कम्प्यूटर इंजीनियरिंग की पढाई की और वो प्राइवेट नौकरी करने लगे. वॉलस्ट्रीट में वो तब बैंकर्स ट्रस्ट नाम की कंपनी में काफी अच्छे पद पर थे. काम के दौरान उन्हें अमेरिका में काफी घूमने का मौका मिला. उन दौरों में वो काफी लोगों से मिलते और उनकी खरीदारी को लेकर होने वाली समस्याओं के बारे में जानते. उन्हें समझ में आ गया कि इंटरनेट के इस बढ़ते दौर में ई-मार्केटिंग कंपनी का भविष्य काफी अच्छा रहेगा.

    जैफ बेजोस ने अपनी खासी नौकरी छोड़कर गैराज से शुरू की थी अमेजन


    तब हैरान हुए थे साथी
    उन्होंने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ जब अपने पेरेंट्स के घर के गैराज में अपना खुद का काम शुरू किया तो उनके नजदीकी और दोस्त काफी हैरान भी हुए. बहुतों को लगा कि वो अपना सारा पैसा डुबो देंगे. दरअसल उस समय उनके पास ज्यादा पैसा था भी नहीं. उन्होंने अपने नाना से इस नए प्रोजेक्ट्स में एक लाख डॉलर का निवेश कराया. चूंकि उनके पेरेंट्स का बचपन में ही तलाक हो गया था, इसलिए उनका शुरुआती जीवन नाना-नानी के ही साथ बीता. नाना संपन्न तो थे लेकिन एक इतना मोटा पैसा देते समय वो भी असमंजस में थे.

    बेजोस के साथियों को लगा था कि वो अपना सारा धन डूबो देंगे


    20 प्रोडक्ट बेचती थी कंपनी
    उनकी ईमार्केट कंपनी पूरी तरह से इंटरनेट बेस्ड बिजनेस करने वाली थी. ये 90 का दशक था. उस समय के लिहाजा ये बिल्कुल नया कॉन्सेप्ट था. कंपनी की शुरुआत उन्होंने घर के गैराज से की. इसका नाम अमेजन रखा. उन्होंने ऑनलाइन बेचे जा सकने वाले 20 प्रॉडक्ट्स की लिस्ट तैयार की. हालांकि उनका मुख्य फोकस किताबें बेचने पर था. क्योंकि किताबों की कीमत कम होती है और उनकी मांग कभी खत्म नहीं होती. लेकिन बाद में कई और प्रोडक्ट बेचने लगे. आज अमेजन दुनिया की सबसे बड़ी ई-कामर्स कंपनी है. ये अब हजारों-लाखों उत्पाद बेचती है.

    केवल दो हफ्ते में ही उनकी कंपनी की हर हफ्ते 20 हजार डॉलर की कमाई होने लगी. 21वीं सदी के आते ही जब डॉटकॉम का गुब्बारा फूटा तो अधिकतर ऑनलाइन कंपनियां बुरी तरह प्रभावित हुई लेकिन अमेजन और मजबूत हुआ. हालांकि उनकी कंपनी को सही मायनों में प्रॉफिट कई साल बाद वर्ष 2001 से होना शुरू हुआ.

    बेजोस ने दिखा दिया कि विजन के मामले में वो अपने समकालीन लोगों में काफी आगे हैं


    बेजोस पॉवर पाइंट प्रेजेंटेशन पसंद नहीं करते
    जेफ की कंपनी अमेजन में पावरपाइंट प्रेजेंटेशन प्रतिबंधित है. वो चाहते हैं कि कंपनी के लोग अपने आइडियाज और चीजों को छह पेज मेमो के रूप में लिखें. इसके पीछे उनका मानना है कि इससे क्रिएटिविटी बढती है. कंपनी में इसे पढ़ने के बाद इस पर चर्चा होती है. इससे ब्रेन भी मजबूत होता है.

    भावनाओं को काफी अहमियत देते हैं
    बेजोस इमोशन्स को काफी अहमियत देने वाले शख्स हैं. उनका कहना है कि इमोशन्स कोई खराब चीज नहीं है. इतिहास के बड़े आंदोलन भावनाओं के सहारे ही शुरू हो पाए. वो इस मामले में अब्राहम लिंकन, मार्टिन लूथर किंग जूनियर और जान एफ कैनेडी को आदर्श के तौर पर देखते हैं, जिन्होंने साइंस और भावनाओं के जरिए अमेरिका को इनस्पायर किया. न्यूरोलॉजिस्ट ने भी इमोशन को ब्रेन में सबसे अधिक सक्रिय देखा है.

    बेजोस ना तो पॉवरपाइंट प्रेजेंटेशन पसंद करते हैं और ना ही बुलेट पाइंट्स


    बुलेट प्वाइंट को पसंद नहीं करते
    जिस तरह बेजोस पावर पाइंट पसंद नहीं करते, उसी तरह बुलेट प्वाइंट्स में भी चीजों को पेश करने को ठीक नहीं मानते. उन्हें लगता है कि इसमें डिटेलिंग नहीं आ पाती. केवल बेजोस ही नहीं बल्कि एलन मस्क, रिचर्ड ब्रेनसन भी इसे पसंद नहीं करते, ये वो लोग भी हैं जो दुनिया के सबसे इन्सपायरिंग स्पीकर्स हैं.

    विजुअल्स को ज्यादा ताकतवर मानते हैं
    - बकौल बेजोस टेक्स्ट से ज्यादा पावरफुल विजुअल्स यानि तस्वीरें होती हैं. इसलिए वो कहते हैं कि अगर अाप स्लाइड का इस्तेमाल करते हैं तो शब्दों से ज्यादा तस्वीरों को बोलने दें.

    दुनियाभर में जिन सीईओ के लेक्चर काफी प्रेरणा देने वाले होते हैं, उनमें बेजोस भी हैं


    नाश्ते में आक्टोपस खाते हैं
    आमतौर पर वो अपने नाश्ते में ऑक्टोपस पसंद करते हैं. अपनी डिश खुद धोते हैं. सुबह उठकर आधे से एक घंटे तक वॉक जरूर करते हैं. हालांकि उन्हें तेज गुस्सा आता है. अपने गुस्से को काबू में रखने के लिए उन्होंने बीच में एक टैंपरामेंट अस्सिटेंट की नियुक्ति की थी, जो गुस्से के मौकों पर उन्हें शांत करने का काम करता था.

    Tags: Amazon, Jeff Bezos

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