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अमेरिका की सैन्य ताकत के आगे कहां टिकता है ईरान

अमेरिका से जंग के हालात में ईरान की सेना कहां तक टिक पाएगी

अमेरिका से जंग के हालात में ईरान की सेना कहां तक टिक पाएगी

अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच युद्ध जैसे हालात हैं. ऐसे में सवाल है कि ईरान दुनिया के सबसे ताकतवर सैन्य क्षमत ...अधिक पढ़ें

    अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच तनाव गहराता जा रहा है. ईरान की सेना के विदेशी यूनिट कुद्स के प्रमुख कासिम सुलेमानी (Qassim Soleimani) के अमेरिकी हवाई हमले (american airstrike) में मारे जाने के बाद भी अमेरिका ने ईरान पर एयरस्ट्राइक बंद नहीं की है. शनिवार को भी ईरानी सेना के कमांडर को निशाना बनाते हुए अमेरिका ने हवाई हमले किए हैं.

    ईरान की तरफ से कहा गया है कि वो अमेरिकी हमले का बदला लेकर रहेंगे. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात हैं. ऐसे में सवाल है कि ईरान दुनिया के सबसे ताकतवर सैन्य क्षमता वाले देश से कैसे निपटेगा? अमेरिका के सामने ईरान की सैन्य क्षमता कहां ठहरती है? ईरान किस बूते अमेरिका को खूनी बदले की धमकी दे रहा है?

    अमेरिका के सामने कितनी है ईरान की सैन्य क्षमता?
    अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर और विशालकाय सेना है. दुनियाभर के देशों की सैन्य क्षमताओं की रैंकिंग करने वाली वेबसाइट ग्लोबल फायर पावर ने अमेरिका को सैन्य क्षमता के मामले में पूरी दुनिया में नंबर वन पर रखा है. वहीं ईरान की रैकिंग 14वीं हैं. 137 देशों के सालाना रिव्यू में ईरान को सैन्य क्षमता के मामले में 14वें नंबर पर रखा गया है.

    हालांकि ईरान दूसरे तरीके से अमेरिकी हितों पर हमला कर सकता है. वो प्रॉक्सी वार और मिडिल ईस्ट में अपने साथी देशों की मदद से अमेरिका के लिए भयानक खतरे पैदा कर सकता है. दोनों देशों के बीच जिस तरह से तनाव बढ़ा है, उसमें ईरान सीधा जंग नहीं करके प्रॉक्सी वार के जरिए अमेरिका से बदला ले सकता है.

    सैन्य साजो सामान के मामले में कहीं पीछे है ईरान
    अमेरिका के सामने ईरान की सैन्य क्षमता कहीं नहीं ठहरती. ईरान अपनी सैनिक क्षमता बढ़ा रहा था लेकिन 2006 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद उसके लिए सैन्य साजो सामान और हथियारों का आयात करना मुश्किल हो गया. ईरान हथियारों के स्वदेशी निर्माण पर निर्भर है.

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    अमेरिका की सैन्य क्षमता ईरान से कई गुना ज्यादा है


    ईरान के पास कुल मिलाकर 5 लाख 23 हजार सैनिक हैं. इसमें ईरान की आर्मी, नेवी, एयरफोर्स और ईरान रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स के सभी सैनिक शामिल हैं. ईरान की आबादी 8 करोड़ से ज्यादा है. कहा जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर वो अपनी सैनिकों की संख्या में इजाफा कर सकती है. वहीं अमेरिका के पास कुल मिलाकर 1.3 मिलियन यानी 13 लाख सैनिक हैं. अमेरिका की आबादी भी ईरान से कहीं ज्यादा है. अमेरिका की कुल जनसंख्या करीब 30 करोड़ की है.

    ईरान से कई गुना ज्यादा अधिक है अमेरिका का रक्षा बजट
    रक्षा बजट के मामले में भी ईरान, अमेरिका के सामने कहीं नहीं टिक पाता. अमेरिका का रक्षा बजट ईरान से कई गुना ज्यादा है. एक आंकड़े के मुताबिक ईरान का रक्षा बजट करीब 6.3 बिलियन डॉलर है. वहीं अमेरिका का रक्षा बजट करीब 716 बिलियन डॉलर का है.

    अत्याधुनिक हथियारों के मामले में कहीं पीछे है ईरान
    एक आंकड़े के मुताबिक ईरान के पास 407 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हैं. वहीं अमेरिका के पास इससे 8 गुना ज्यादा करीब 3,318 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हैं. ईरान के पास अटैक करने वाले हेलिकॉप्टर की संख्या 100 है. वहीं अमेरिका के पास उससे 64 गुना ज्यादा 6,417 हमला करने की क्षमता रखने वाले हेलिकॉप्टर हैं. ईरान के पास 2,895 टैंक हैं. वहीं अमेरिका के पास इससे करीब 3 गुना ज्यादा 8725 टैंक हैं.

    क्या ईरान के पास मिसाइल की क्षमता है
    ईरान के पास मिसाइल क्षमता है और यही उसकी सेना की ताकत है. मिसाइल के मामले में ये अपने स्थानीय प्रतिद्वंद्वंदियों इजरायल और सऊदी अरब से कहीं आगे है. यूएस की एक डिफेंस रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की मिसाइल क्षमता मिडिल ईस्ट के देशों में सबसे ज्यादा है.

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    ईरान प्रॉक्सी वार के जरिए अमेरिका से बदला ले सकता है


    ईरान के पास ज्यादातर छोटी और मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता है. ये भी कहा जाता रहा है कि ईरान अंतरमहाद्वीपीय मारक क्षमता वाली मिसाइल टेक्नोलॉजी हासिल करने में जुटा है.  2015 में लगे प्रतिबंधों की वजह से ईरान लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल नहीं बना पाया है. हालांकि उसके पास इजरायल, सऊदी अरब और खाड़ी के देशों तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता मौजूद है.

    ईरान ने बना लिए हैं गैर पारंपरिक हथियार
    बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक तमाम तरह के प्रतिबंधों के बावजूद ईरान ने ड्रोन तकनीक वाले गैर पारंपरिक हथियार बना लिए हैं. इरान ने 2016 में IS के खिलाफ इराक में ड्रोन हमले किए थे. ईरान के ड्रोन विमान सीरिया के बेस से उड़ान भरकर इजरायल के भीतर तक घुस चुके हैं. जून 2019 में ईरान ने अमेरिका के एक सर्विलांस ड्रोन को मार गिराय़ा था. ईरान का कहना था कि उसने ईरान के एयरस्पेस नियमों का उल्लंघन किया था. प्रॉक्सी वार में अमेरिका के खिलाफ इस तरह के हथियार का इस्तेमाल कर ईरान कुछ बड़ा धमाका कर सकता है.

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    Tags: America, Iran, United States of America, World news

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