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सीडीसी ने कहा, सतह पर मौजूद कोरोना वायरस आसानी से नहीं फैला सकता संक्रमण

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, संक्रमित सतह से कोरोेना वायरस का फैलना उतना आसान नहीं, जितना अब तक बताया जा रहा था.

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, संक्रमित सतह से कोरोेना वायरस का फैलना उतना आसान नहीं, जितना अब तक बताया जा रहा था.

अमेरिका (US) के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की नई रिपोर्ट से राशन के बैग्‍स, डिलिवरी पैकेट्स और फर्श को बार-बार सैनेटाइज करने से थोड़ी राहत मिल सकती है. सीडीसी के मुताबिक, सतह पर मौजूद कोरोना वायरस (Coronavirus) को संक्रमण फैलाने के लिए कई तरह की चीजों की जरूरत पड़ती है.

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    अमेरिका का सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंसन (CDC) समय-समय पर कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव को लेकर दिशानिर्देश जारी करता रहता है. इस बार जारी दिशानिर्देशों में सीडीसी ने कोरोना वायरस के फैलने को लेकर दी नई जानकारी में पिछली सूचना पर स्‍पष्‍टीकरण दिया है. सीडीसी ने कहा है कि निश्चित तौर पर अगर कोई कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) व्‍यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है तो वो अपने आसपास की सतहों को संक्रमित (Infected Surfaces) कर देगा.

    अभी तक कहा जा रहा था कि इन सतहों को छूने पर संक्रमण तेजी से फैलता है. अब सीडीसी ने साफ किया है कि सतह पर मौजूद कोरोना वायरस उतनी भी आसानी से संक्रमण नहीं फैला सकता, जितना अभी तक माना जा रहा था. सीडीसी ने कहा कि इस जानकारी से उन लोगों को कुछ राहत महसूस हो सकती है, जो घर का सामान लाने या डिलिवरी के बाद बैग्‍स को सैनेटाइज करने के लिए परेशान रहते हैं या बार-बार फर्श, स्‍लैब जैसी सतहों को साफ करते रहते हैं.

    आंख, नाक और मुंह छूने के अलावा कई तरह से फैल रहा कोरोना
    सीडीसी के मुताबिक, कोविड-19 एक से दूसरे व्‍यक्ति में बहुत आसानी से फैल रहा है. सीडीसी ने अपनी वेबसाइट पर दी हुई जानकारी में कहा है कि कोविड-19 (COVID-19) को लेकर जुटाई गई अब तक की जानकारी के मुताबिक जहां ये इंफ्लुएंजा के मुकाबले तेजी से फैल रहा है. वहीं, खसरा के मुकाबले इसके फैलने की रफ्तार धीमी है और उससे कम खतरनाक है. लोग संक्रमित सतह को छूने के बाद नाक (Nose), मुंह (Mouth) या आंख (Eyes) को छूने पर कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं, लेकिन सिर्फ यही इसके फैलने (Transmission) का एकमात्र जरिया नहीं है.

    सीडीसी के मुताबिक, कोरोेना वायरस एक से दूसरेे व्‍यक्ति में करीबी संपर्क के जरियेे सबसे तेजी से फैल रहा है.


    सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंसन की एक प्रवक्‍ता क्रिस्‍टीन नॉरल्‍युंड ने कहा कि कोविड-19 मुख्‍य तौर पर एक व्‍यक्ति को दूसरे के करीबी संपर्क की वजह से सबसे तेजी से फैल रहा है. वर्जीनिया टेक में एयरोसोल साइंटिस्‍ट लिंसे मर ने कहा कि किसी सतह पर मौजूद वायरस से संक्रमित होने के लिए उसकी संख्‍या, सतह पर जिंदा रहने का वक्‍त जैसी कुछ परिस्थितियां भी जिम्‍मेदार होती हैं.

    सतह से संक्रमण फैलने के लिए इन सभी चीजों का होना है जरूरी
    डॉ. लिंसे ने कहा कि संक्रमण फैलाने के लिए सबसे पहले सतह पर पर्याप्‍त मात्रा में कोरोना वायरस का होना जरूरी है. इसके बाद किसी दूसरे व्‍यक्ति के उस सतह को छूने तक वायरस का जिंदा रहना जरूरी है. इसके बाद मान लीजिए कि सतह पर पर्याप्‍त मात्रा में वायरस मौजूद हैं और कोई व्‍यक्ति उस जगह को छू लेता है तो संक्रमण के लिए कोरोना का उस व्‍यक्ति की त्‍वचा पर तब तक जिंदा रहना जरूरी है जब तक कि वो उससे अपनी नाक, आंख या मुंह को छू नहीं लेता है.

    इसके अलावा भी कई ऐसी बातें हैं, जिनका किसी सतह पर मौजूद कोरोना वायरस से संक्रमण फैलाने में योगदान रहता है. अभी तक इसी बात का जवाब नहीं मिल पाया है कि किसी एक जगह पर वायरस की संख्‍या कम से कम और ज्‍यादा से ज्‍यादा कितनी होनी चाहिए जो उसके फैलने की दर को प्रभावित कर सकती है. द न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये कहा जा सकता है कि सतह से कोरोना वायरस का फैलना उतना आसान भी नहीं है, जितना अब तक बताया जा रहा था.

    एक शोध में बताया गया था कि सिर्फ बोलने से हवा में हजारों ड्रॉपलेट पहुंच जाते हैं, जो 8 से 14 मिनट तक वहां बने रहते हैं.


    सीडीसी ने अब भी एहतियाती कदम उठाते रहने का दिया सुझाव
    शोधकर्ता अब तक यही नहीं जान पाए हैं कि क्‍या हर तरह से बोलने, खांसने या छींकने से बनने वाली ड्रॉपलेट में बराबर मात्रा में संक्रमित कण मौजूद रहते हैं. अभी ये भी पता नहीं चल पाया है कि किसी व्‍यक्ति को संक्रमित होने और बीमार करने के लिए वायरस की कितनी मात्रा पर्याप्‍त मानी जाएगी. पिछले सप्‍ताह एक शोध में बताया गया था कि सिर्फ बोलने से हवा में हजारों ड्रॉपलेट पहुंच जाते हैं, जो 8 से 14 मिनट तक वहां बने रहते हैं. इसका सीधा मतलब है कि वायरस एक से दूसरे व्‍यक्ति के करीबी संपर्क के जरिये सबसे तेजी से फैल सकता है.

    वहीं, मार्च में द न्‍यू इंग्‍लैंड जर्नल में बताया गया था कि कोरोना वायरस आदर्श परिस्थितियों में किस सतह पर कितनी देर तक जिंदा रह सकता है. शोध रिपोर्ट के मुताबिक, वायरस सख्‍त सतह और प्‍लास्टिक पर तीन दिन तक, जबकि कार्डबोर्ड पर 24 घंटे जिंदा रह सकता है. सीडीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एहतियात बरतते हुए अब भी लोग कैरी बैग्‍स, पार्क की बेंच जैसी चीजों को सैनेटाइज करके ही इस्‍तेमाल करें.

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