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अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिका ने फूंक दिए इतने अरब रुपए, हासिल क्या हुआ...

News18Hindi
Updated: February 29, 2020, 4:40 PM IST
अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिका ने फूंक दिए इतने अरब रुपए, हासिल क्या हुआ...
18 साल बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी होगी

अमेरिका (America) 18 साल बाद अफगानिस्तान (Afghanistan) से अपने कदम वापस खींच रहा है. 18 वर्षों तक अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान की धरती पर लड़ते रहे. अब इस शांति समझौते के साथ ही अमेरिकी सैनिकों की वहां से वापसी होगी.

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18 साल के युद्ध के बाद अफगानिस्तान (Afghanistan) शांति की ओर बढ़ रहा है. अफगानिस्तान में अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौता (US-Taliban Peace Deal) हो रहा है. पूरी दुनिया की नजरें इस शांति समझौते पर लगी हैं. इस शांति समझौते में भारत ने भी अपने प्रतिनिधि को भेजा है.

अमेरिका 18 साल बाद अफगानिस्तान से अपने कदम वापस खींच रहा है. 18 वर्षों तक अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान की धरती पर लड़ते रहे. अब इस शांति समझौते के साथ ही अमेरिकी सैनिकों की वहां से वापसी होगी. अफगानिस्तान शांति बहाली की ओर है. इस बीच एक सवाल उठता है कि इन 18 वर्षों में अमेरिका ने सिर्फ अफगानिस्तान में जंग के नाम पर कितने पैसे खर्च कर दिए और उसे 18 साल की इस जंग से क्या हासिल हुआ?

अमेरिका ने अफगानिस्तान में फूंक दिए अरबों रुपए
अफगानिस्तान से तालिबान को उखाड़ फेंकने के लिए अमेरिका ने साल 2001 में वहां घुसपैठ की थी. 9/11 हमले के बाद अमेरिका ने पूरी दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ मुहिम छेड़ दी थी. अमेरिका का मानना था कि तालिबान अपने यहां अल कायदा और उसके मुखिया ओसामा बिन लादेन को छुपाए बैठा है.



अफगानिस्तान की धरती पर अमेरिका ने अपने जांबाज सैनिकों को उतार दिए. तालिबान और अल कायदा के खिलाफ जंग में उसने अरबों रुपए फूंक दिए. आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में अमेरिका किसी भी तरह से कमजोर नहीं पड़ना चाहता था.

2010 में अमेरिका का सालाना 100 बिलियन डॉलर का खर्च
2010 से लेकर 2012 के बीच अफगानिस्तान में एक लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मौजूद थे. एक आंकड़े के मुताबिक अमेरिका को हर साल अपने सैनिकों के ऊपर करीब 100 बिलियन डॉलर यानी 72,175 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ रहे थे. उस वक्त अमेरिका अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक जंग लड़ रहा था.

हालांकि बाद में अमेरिका ने अफगानिस्तान में अपनी एक्टविटी को कम कर दिया. अमेरिकी सैनिक आतंकवादियों से सीधी लड़ाई लड़ने के बजाए अफगानिस्तान की सेना को ट्रेनिंग देने लगे. इससे अमेरिका का खर्च कम हुआ. एक आंकड़े के मुताबिक 2016 से लेकर 2018 के बीच अमेरिका हर साल अफगानिस्तान में 40 बिलियन यूएस डॉलर यानी करीब 28,870 करोड़ रुपए खर्च कर रहा था. साल 2019 में सालाना खर्च 38 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका था.

अफगानिस्तान जंग में अमेरिका ने फूंक दिए 1 ट्रिलियन डॉलर
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस के मुताबिक अमेरिका ने अक्टूबर 2001 से सितंबर 2019 के बीच 18 वर्षों में अफगानिस्तान में 778 बिलियन डॉलर यानी 5 लाख 61 हजार 521 करोड़ रुपए की रकम खर्च की. ये अफगानिस्तान में रक्षा के क्षेत्र में हुआ खर्च है. इसके अलावा अफगानिस्तान में निर्माण कार्यों को लेकर अमेरिका ने 44 बिलियन यूएस डॉलर 31,757 करोड़ रुपए खर्च किए.

इस तरह अफगानिस्तान में अमेरिका का कुल खर्च करीब 822 बिलियन डॉलर का होता है. लेकिन इसमें पाकिस्तान में हुआ खर्च शामिल नहीं है. अफगानिस्तान में होने वाले अमेरिकी ऑपरेशन के लिए अमेरिका ने पाकिस्तान को भी पैसे दिए. एक मोटे तौर पर अनुमान लगाया जाता है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अमेरिका ने करीब 1 ट्रिलियन डॉलर्स यानी करीब 72 लाख करोड़ रुपए की रकम खर्च की.

इसमें भी सैनिकों के पेंशन, मृतकों के मुआवजे और सैनिकों के दूसरे कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ा खर्च शामिल नहीं है. एक आंकड़े के मुताबिक अगर इन खर्चों को भी मिला दिया जाए तो अमेरिका ने अफगानिस्तान में करीब 2 ट्रिलियन डॉलर की रकम खर्च की है.

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First published: February 29, 2020, 4:40 PM IST
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