क्या ऑटिज्म का शिकार हैं ट्रंप के सबसे छोटे बेटे बैरन ट्रंप?

बैरन ट्रम्प के बारे में अमेरिकी मीडिया में काफी वक्त तक खुसपुसाहट रही कि वे ऑटिज्म का शिकार हैं
बैरन ट्रम्प के बारे में अमेरिकी मीडिया में काफी वक्त तक खुसपुसाहट रही कि वे ऑटिज्म का शिकार हैं

मेलानिया (Melania Trump) और डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बेटे बैरन ट्रम्प के बारे में अमेरिकी मीडिया (American media) में काफी वक्त तक खुसपुसाहट रही कि बैरन ऑटिज्म का शिकार (autistic child) हैं.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (American President Donald Trump) लगातार किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहते हैं. अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया (Melania Trump) के बारे में भी लोग काफी कुछ जानते हैं लेकिन इनके बेटे बैरन ट्रंप (Barron Trump) के बारे में शायद ही कोई बात की जाती है. सिर्फ 14 साल की उम्र में 5.11 फीट लंबे बैरन अपने पिता की सबसे छोटी संतान हैं. बता दें कि साल 1963 के बाद वाइट हाउस में रहने वाले बैरन पहले लड़के हैं. इससे पहले बराक ओबामा, जॉर्ज बुश और बिल क्लिंटन बेटियों के पिता थे. इनसे भी पहले आए प्रेसिडेंट्स के बेटे थे लेकिन वे सभी वयस्क थे और वाइट हाउस से बाहर रहते रहे. अब अरसे बाद बैरन यहां रह रहे हैं.

ट्रंप की दूसरी संतानों इवांका, डोनाल्ड जूनियर, एरिक और एमिली मीडिया में जब-तब आते रहते हैं लेकिन बैरन बहुत ही कम बाहर आते हैं. माना जा रहा है कि वे अभी सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं. हालांकि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से उनकी इस सबसे छोटी संतान को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जाते रहे. बैरन के बारे में लंबे वक्त तक कहा गया कि वे ऑटिस्टिक बच्चे हैं. यानी उनका मानसिक विकास पूरी तरह से नहीं हो सका है.

साल 2018 में आए इस वीडियो ने बैरन की मां मेलानिया ट्रंप को इतना भड़का दिया कि उन्होंने वकील हायर किए




बैरन पर एक वीडियो बनाई गई, जो सोशल मीडिया में वायरस हो गई. ये बात और भी बढ़ी जब ट्रंप के खिलाफ बोलने वाली एक्टिविस्ट और कॉमेडियन Rosie O’Donnell ने इस अनुमान को ट्विटर पर शेयर किया. उन्होंने कहा कि बैरन अगर ऑटिस्टिक हैं तो ये ऑटिज्म पर बात करने का सही वक्त है. साल 2018 में आए इस वीडियो ने बैरन की मां मेलानिया ट्रंप को इतना भड़का दिया कि उन्होंने वकील हायर किए. आनन-फानन वीडियो हटा लिया गया और बात फैलाने वालों ने इस अनुमान पर माफी मांगी.



लेकिन जब-तब ये बात आती रहती है कि आखिर ऑटिज्म की बात किस आधार पर कही गई थी. इसकी सबसे बड़ी वजह ये थी कि बैरन दूसरे बच्चों की तरह मीडिया में नहीं आते हैं. ट्रंप के प्रेसिडेंट बनने के बाद वे शुरुआती कुछ जगहों पर पब्लिक में आए भी तो उनके चेहरे पर डरे हुए या कुछ अलग से भाव थे. इसी को पकड़ते हुए लोगों ने उन्हें autistic, weirdo और creep कहना शुरू कर दिया. अपने बेटे के बारे में अनाप-शनाप सुनकर भड़की हुई मेलानिया ने न केवल कानूनी कार्रवाई की धमकी दी, बल्कि बैरन के लिए तर्क भी दिया.

वे सीधे कहती हैं कि किसी भी छोटे बच्चे के लिए मीडिया और कैमरे के बीच रहना आसान नहीं. ऐसे में कोई भी बच्चा डरा हुआ लग सकता है. और बच्चे के मानसिक विकास को रुका हुआ बताने वाले कोई क्वालिफाइड प्रोफेशनल नहीं जो किसी के भी बारे में कुछ भी कह सकें. मेलानिया ने ये भी कहा कि मेरे बेटे की मेंटल हेल्थ मेरे और मेरे परिवार के कनसर्न की बात है, न कि लोगों के. फर्स्ट लेडी के कड़े एक्शन के बाद वीडियो नेट से हटाया गया और चर्चाओं पर विराम लगा.

वैसे अमेरिका की फर्स्ट लेडी फुल-टाइम मां हैं, जो कई इंटरव्यूज में अपने बेटे के बारे में बताती रहती हैं. जैसे पेरेंटिंग मैगजीन (Parenting magazine) को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बैरन को अकेले खेलना पसंद है और ज्यादातर इमारतें बनाता रहता है. इमारतें बनाने के इसी शौक की वजह से जब बैरन छोटे हुआ करते थे, अपने कमरे में उन्होंने इमारतें और कारों के डिजाइन ड्रॉ कर रखे थे.

साल 1963 के बाद वाइट हाउस में रहने वाले बैरन पहले लड़के हैं


अपनी उम्र के दूसरे बच्चों से अलग बैरन को जींस या टी-शर्ट पहनना पसंद नहीं, बल्कि वे हरदम कोट-पैंट में रहते हैं. खुद मेलानिया ने एबीसी न्यूज को इंटरव्यू में कहा था कि बैरन स्वेटपैंट चाइल्ड नहीं है. शायद इसकी वजह ये भी है कि वो बिजनेस फैमिली में पला-बढ़ा. बैरन पर अपने पिता का भी असर माना जाता है.

ट्रंप के प्रेसिडेंट चुने जाने के बाद भी कई महीनों तक मेलानिया और बैरन मैनहट्टन में रहते रहे. माना जाता है कि इस दौरान भी बैरन का अपना एक पूरा फ्लोर था, जिसे बैरन का लिविंग रूम कहा जाता था. प्रेसिडेंट के परिवार का मैनहट्टन में रहना खासा कीमती था. जैसा कि सीएनएन मनी की एक रिपोर्ट कहती है कि वाइट हाउस से अलग रहने पर परिवार की सुरक्षा के लिए एक दिन का खर्च लगभग 75,564,500 रुपए रहा होगा.

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