लाइव टीवी

कोरोना वायरस के खतरे के बीच रूस में उभर रहा है नया राजनीतिक सितारा

News18Hindi
Updated: March 27, 2020, 12:42 AM IST
कोरोना वायरस के खतरे के बीच रूस में उभर रहा है नया राजनीतिक सितारा
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन कोरोना वायरस को रोकने के लिए तेजी के साथ प्रयास कर रहे हैं

मॉस्को के मेयर को कोरोना के खिलाफ देश भर में चल रहे प्रयासों का इंचार्ज बनाया गया है. लेकिन उन्हें पुतिन प्रशासन की तरफ से मदद नहीं मिल रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2020, 12:42 AM IST
  • Share this:
त्रासदियों के बीच मिली जिम्मेदारियां या तो आपको हीरो बनाती हैं या विलेन. कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के बीच कुछ ऐसी ही जिम्मेदारी अपने कंधों पर लिए हुए हैं रूस की राजधानी मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन. सर्गेई को देश में कोरोना वायरस से निपटने के लिए बनाई गई मुख्य टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

माना जा रहा है कि अगर वो इस जिम्मेदारी को निभाने में फेल हुए तो राजनीतिक करियर पतन की तरफ जा सकता है क्योंकि इस वक्त हजारों रूसी लोगों की जिंदगी का जिम्मा उनके कंधों पर है. रूसी अखबार मॉस्को टाइम्स में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक सर्गेई को ये जिम्मेदारी इसलिए सौंपी गई है क्योंकि पुतिन उन्हें इसके लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार मानते हैं. लेकिन कहानी इतनी आसान नहीं है.

पुतिन के स्टेटमेंट का किया विरोध
रूस के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक कोरोना का संक्रमण देश में कम तेजी के साथ फैला है. हालांकि सरकारी आंकड़ों पर संदेह जताने वालों की कमी नहीं है और कहा जा रहा है कि संक्रमितों और मृतकों की संख्या कहीं ज्यादा है.





मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थितियां उतनी अच्छी हैं नहीं जितनी दिखाई जा रही हैं. 17 मार्च को राष्ट्रपति पुतिन ने देश के लोगों को भरोसा दिलाया था कि स्थितियां नियंत्रण में हैं. पुतिन का कहना था कि रूस बीमारी के मास स्प्रेड को रोकने के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम है.

लेकिन इसके बाद मॉस्को के मेयर सोब्यानिन राष्ट्रपति पुतिन को सार्वजनिक रूप से चेताते नजर आए. सोब्यानिन ने कहा कि आगे गंभीर स्थिति पैदा होने वाली है. उनका कहना है कि बीमारों की संख्या कहीं ज्यादा है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा वास्तविक नंबर तो इस धरती पर कोई नहीं जानता.

सोब्यानिन के बयानों का असर कह सकते हैं कि दो दिनों के भीतर रूस में बहुत तेजी के साथ कोरोना के नए मामले सामने आए. कह सकते आंकड़ों में ज्यादा पारदर्शिता आई. व्लादिमिर पुतिन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नेशनल वोटिंग रोक दी है. पुतिन ने देश में एक हफ्ते के लिए लॉक डाउन घोषित कर दिया है.

मॉस्को में तैयारियां बेहतर
अगर रूस में कोरोना के खिलाफ तैयारियों का जिक्र किया जाए तो निश्चित रूप से मॉस्को में तैयारियां ज्यादा बेहतर हैं. इसके पीछे कोई और नहीं बल्कि सोब्यानिन ही हैं. उन्होंने देश की सरकार और अन्य शहरों के प्रशासन से आगे जाकर योजनाएं बनाई हैं. और यही कारण है कि अगर न्यूयार्क और लंदन जैसे वैश्विक शहरों से तुलना की जाए तो मास्को में संक्रमण के बेहद कम मामले सामने आए हैं.

अब जबकि उन्हें कोरोना के खिलाफ राष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपी गई है तो माना जा है कि वो अन्य शहरों के प्रशासन को भी तेजी के साथ तैयारियों के लिए तैयार करेंगे. उनकी देखरेख में टेस्टिंग की गाइडलाइन तय की जा रही है. साथ ही अस्पतालों की व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण किया जा रहा है. अस्पतालों में बेड और वेंटिलेटर की संख्या पर नजर रखी जा रही है.

लेकिन इन सारी तैयारियों में रूस की सरकार का सपोर्ट सोब्यानिन को मिलना बेहद जरूरी है. मॉस्को टाइम्स के लेख के मुताबिक रूस की केंद्र सरकार अभी पूरी तरह तैयार नहीं दिख रही है. ना ही सरकार सोब्यानिन द्वारा दिए जा रहे निर्देशों पर ध्यान दे रही है.

सोब्यानिन ने आदेश जारी किए थे कि देशभर में 65 साल से ऊपर के सभी बुजुर्ग अपने घरों में ही रहें. उनके आदेशों की प्रशंसा प्रधानमंत्री मिखाइल मिश्तुतिन ने की लेकिन जब क्रेमलिन से इसके लिए संदेश जारी किया तो कहा गया ये आदेश राष्ट्रपति के दफ्तर से आया है.

moscow orders all over 65 years age to stay in home but rule do not apply on 67 yaers old valdimir putin

अब सोब्यानिन के सामने ये चैलेंज है कि वो अपना काम पूरा करके दिखाते हैं या नहीं. क्योंकि पुतिन सरकार की तरफ से उन्हें जिम्मेदारी सौंप तो दी गई है लेकिन सहयोग नहीं मिल रहा है. सोब्यानिन देश में एक लोकप्रिय नेता हैं लेकिन सरकार के सहयोग के बिना कोरोना जैसी महामारी से लड़ पाना आसान नहीं है.

पुतिन को सार्वजनिक तौर पर चेतावनी देने के बाद सोब्यानिन को ही जिम्मेदारी सौंप दी गई है. लेकिन ये यह जिम्मेदारी एक तरफ जहां उनके लिए कांटों भरा ताज है तो दूसरी तरफ अगर वो  कामयाब हो जाते हैं तो भविष्य में रूस में एक बड़े राजनीतिक चेहरे का उदय हो सकता है.
ये भी देखें:

coronavirus : जानें कैसे राशन की दुकानों और स्‍टोर्स से भी फैल सकता है संक्रमण, न लगाएं भीड़

coronavirus : जानें कैसे लोगों की जिंदगी, व्‍यवहार और सोच को स्‍थायी तौर पर बदल देगा संक्रमण

Coronavirus: अगर घर में हैं पालतू जानवर तो संक्रमण से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां

Coronavirus: क्‍या यहां-वहां मंडराती मक्खियां भी फैला सकती हैं संक्रमण

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 26, 2020, 11:04 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर