पहले गांधी के मुरीद थे अमित शाह, तब मोदी ने दी थी इस महापुरुष को पढ़ने की सलाह

1989 से 2014 के बीच शाह ने गुजरात राज्य विधानसभा और विभिन्न स्थानीय निकायों के लिए 42 छोटे-बड़े चुनाव लड़े. वो एक भी चुनाव में नहीं हारे. फिलहाल वह राज्यसभा सदस्य हैं.

News18Hindi
Updated: October 22, 2018, 12:46 PM IST
पहले गांधी के मुरीद थे अमित शाह, तब मोदी ने दी थी इस महापुरुष को पढ़ने की सलाह
अमित शाह (File Photo)
News18Hindi
Updated: October 22, 2018, 12:46 PM IST
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह का आज जन्मदिन है. उन्हें मौजूदा भारतीय राजनीति का चाणक्य माना जाता है. गुजरात में लालकृष्ण अाडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव प्रचार का जिम्मा संभालने के साथ अपने राजनीतिक कौशल की शुरुआत करने वाले शाह ने फिर कभी पीछे मुडकर नहीं देखा.

1. समृद्ध व्यापारी परिवार से ताल्लुक 
अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में एक व्यापारी के घर हुआ था. वे गुजरात के एक रईस परिवार से ताल्लुक रखते हैं. राजनीति में आने से पहले वो गुजरात के मनसा में प्लास्टिक के पाइप का पारिवारिक बिजनेस संभालते थे. पेशे से वो स्टॉक ब्रोकर भी थे.

ये भी पढ़ें - आखिरी किताब में स्टीफन हॉकिंग ने बताया- यूं हो सकता है धरती का विनाश 

2. तब शाह केवल 17 साल के थे 


वो बहुत कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए. 1982 में जब वो कॉलेज में थे. उन्हीं दिनों उनकी मुलाकात नरेंद्र मोदी से हुई. तब शाह केवल 17 साल के थे. इस तरह मोदी और शाह के बीच रिश्तों के 37 साल हो चुके हैं. 1983 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े. 1986 में वो भाजपा में शामिल हुए. 1987 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का सदस्य बनाया गया.

गोवा, भाजपा, अमित शाह, गठबंधन घटक दल, राजनीति हालात, नेताओं से चर्चा Goa, BJP, Amit Shah, Alliance Component Team, Political Conditions, Discussion with Leaders
file photo

Loading...

3.  दो दिग्गजों का चुनाव प्रचार संभाला
शाह को पहला बड़ा राजनीतिक मौका 1991 में मिला, जब लालकृष्ण आडवाणी को गांधीनगर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ना था. इस चुनाव प्रचार का जिम्मा अमित शाह ने संभाला. फिर उन्होंने 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव प्रचार का जिम्मा संभाला.

 ये भी पढ़ें - कहां गया नेताजी की आजाद हिंद फौज का खजाना?

4. पहला विधानसभा चुनाव 
अमित शाह ने सबसे पहले 1997 में गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट से उप चुनाव जीता. इस तरह उनके सक्रिय राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई. छह साल बाद वो गुजरात सरकार में गृह मंत्री बन गए. 2010 तक उन्होने ये जिम्मेदारी संभाली.

5. उत्तर प्रदेश में बदली भाजपा की तस्वीर
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों से दस महीने पहले शाह को भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया, तब प्रदेश में भाजपा की केवल दस सीटें थीं. जब चुनाव परिणाम आए तो भाजपा ने यूपी में 71 सीटें हासिल की. प्रदेश में भाजपा की ये अब तक की सबसे बड़ी जीत ‌थी. इस जीत से उनका कद पार्टी में इस कदर बढ़ा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष का पद प्रदान किया गया.

इससे पहले अमित शाह ने ग्वालियर में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित किया. जहां उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जमकर तारीफ़ की थी
अमित शाह की पहली मुलाकात नरेंद्र मोदी से 37 साल पहले हुई थी. तब ये दोनों के रिश्ते लगातार बरकरार हैं


6. एक भी चुनाव नहीं हारा
1989 से 2014 के बीच शाह ने गुजरात राज्य विधानसभा और विभिन्न स्थानीय निकायों के लिए 42 छोटे-बड़े चुनाव लड़े. वो एक भी चुनाव में नहीं हारे. फिलहाल वह राज्यसभा सदस्य हैं. यानी राज्यसभा उनके लिए 43वां चुनाव था.

 ये भी पढ़ें - McDonald's का बर्गर तो ख़ूब खाया, कभी सोचा है कैसे बना इसका Logo

7. मां के बहुत करीब रहे हैं 
वो अपनी मां के बहुत करीब थे. यहां तक कि अगर वो पार्टी की किसी बैठक या प्रोग्राम से रात में देर से भी आते थे तो मां जग रही होती थीं, तब वो चाहे कितने भी थके जरूर होते थे लेकिन एक घंटे मां के साथ जरूर बैठते थे. उनकी मां का निधन वर्ष 2010 में हुआ. इसके कुछ दिनों बाद ही उन्हें जेल जाना पड़ा.



8. मां थीं गांधीजी की भक्त 
अमित शाह की मां महात्मा गांधी की प्रशंसक थीं. उनसे अमित शाह को भी गांधी को पढने का शौक जागा. लेकिन जब उनके कॉलेज के दिनों में नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई तो उन्होंने उनसे कहा, 'तुम गांधी को पढ़ते रहो लेकिन साथ ही विवेकानंद को भी पढो. ये तुम्हारी विचार प्रक्रिया को विस्तृत फलक देगा.'

 ये भी पढ़ें - अमृतसर हादसा: क्‍या इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ड्राइवर बचा सकता था 60 लोगों की जान? जानें यहां

9. तब पांच घंटे से भी कम सोते थे 
जब अमित शाह को उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रभारी बनाया गया, तो उनके बारे में कहा जाता था कि वो अपने काम इतने जबरदस्त तरीके से इनवॉल्व हुए कि पांच घंटे से भी कम सोया करते थे.

Chhattisgarh News
अमित शाह को बीजेपी का चाणक्य कहा जाता है. पार्टी के कुछ लोग कहते हैं कि उनका दिमाग बहुत तेज काम करता है


10. आधुनिक चाणक्य 
भारतीय जनता पार्टी के नेता उनके दिमाग के जबरदस्त कायल हैं. पिछले चार सालों में उन्होंने पूरी पार्टी का ढांचा और कार्यशैली जिस तरह बदली है और जिस तरह लगातार एक्टिव रहते हैं, उससे उन्हें आधुनिक चाणक्य कहा जाने लगा है. बीजेपी के उनके गुजरात के करीबी कहते हैं कि उनका दिमाग मशीनगन की तरह तेज चलता है.

 ये भी पढ़ें - दादा थे हिन्दू, बेटे का नाम प्रयाग- ऐसी है #MeToo में घिरे एमजे अकबर की कहानी
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर