पृथ्वी की वह जगह जहां से दिखता है तारों का सबसे अच्छा नजारा

पृथ्वी की वह जगह जहां से दिखता है तारों का सबसे अच्छा नजारा
वैज्ञानिकों को अंटार्कटिका का डोम ए पठार अंतरिक्ष अवलोकन के लिए टेलीस्कोप लगाने के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ जगह लगती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पता लगाया है कि पृथ्वी (Earth) पर अंटार्कटिका (Antarctica) के एक पठार ही वह सर्वश्रेष्ठ जगह है जहां से तारों का सबसे साफ तौर पर अवलोकन (Stargazing) किया जा सकता है.

  • Share this:
चांद तारे (Stars) दुनिया में लोगों को शुरू से ही आकर्षित करते रहे हैं. उन्हें आकाश (Sky) में निहारने का शौक रखने वाले लोग (Stargazers) ऐसी जगह की तलाश में रहते हैं जहां से वे रात को साफ आसमान देख सकें. आमतौर पर ऐसी जगह ऊंचाइयों पर होती है जहां हवा, प्रदूषण न हो और आसामान साफ दिखे. नए अध्ययन ने खगोलविदों के लिए पृथ्वी (Earth) पर ही ऐसी जगह खोज निकाली है जहां रात को आसमान में तारों के सबसे बढ़िया नजारा (Best View) दिखता है जो पृथ्वी पर और कहीं नहीं दिखाई देता है.

कहां है यह जगह
मजेदार बात यह है कि यह जगह किसी ऊंची पर्वत श्रृंखला पर नहीं बल्कि अंटार्कटिका (Antarctica) का एक पठार (Plateau) है जिसे डोम ए कहते हैं. चीन, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी (UBC) के शोधकर्ताओं की एक टीम ने इस पर अध्ययन किया है कि पृथ्वी से तारों का नजारा सबसे बढ़िया कहां दिखाई देता है. यह शोध नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

क्यों चुनी गई यह जगह
शोधकर्ताओं का दावा है कि डोम ए दुनिया की सबसे ठंडी और आम लोगों से सबसे दूर जगहों में से एक है. यह जगह रात को तारे देखने के लिए सबसे साफ नजारा देती है. इसकी वजह के बारे में शोध बताता है कि इसकी ऊंचाई, कम तापमान, लंबे समय तक के लिए अंधेरा रहना ऐसे कारण है जो उसे तारों के अवलोकन के लिए सर्वोचित बनाते हैं. इस जगह का वायुमंडल काफी स्थिर है.



क्या फायदा होगा यहां टेलीस्कोप लगाने से
शोध में सलाह दी गई है कि इस जगह पर यदि टेलीस्कोप लगाया जाए तो यहां के कई धुंधले पिंडों का भी अवलोकन किया जा सकता है. वहीं दूसरी जगह, जैसे कम ऊंचाई और मैदानी इलाकों में वायुमंडल की हलचल से से व्यवधान मिलता है जिससे टेलीस्कोप की क्वालिटी में अंतर आ जाता है. वायुमंडल की इसी हलचल की वजह से तारों में टिमटिमाहट दिखाई देती है. इसकी वजह से जो व्यवधान होता है, उसके प्रभाव की मापन को ही दृष्टिबोध यानि seeing कहते हैं.

क्या ब्रह्माण्ड से भी पुराना है ये तारा? जानिए इस पहेली की कहानी

क्यों साफ है यहां का वायुमंडल
यूबीसी के खगोलविद बिन मा, जो कि इस शोध के प्रमुख लेखक भी हैं, ने कहा, “डोम ए के ऊपर वायुमंडल की पतली परत है जिसकी वजह से वहां टेलीस्कोप रखना कम चुनौतीपूर्ण होगा. इससे साफ वायुमंडल मिलेगा. यहां प्रदूषित वायु नहीं मिलती है और धूल के  होने की तो कतई संभावना नहीं है क्योंकि पूरा इलाका बर्फ से ढंका है.

अभी ये जगह हैं खगोलविदों की पसंद की
शोधकर्ताओं ने पाया कि अंटार्किटिका अवलोकन के लिए उपयुक्त है क्योंकी वहां का मौसमी हालाता सूखे रहते हैं. यहां पर वाष्प नहीं होता है. हवा में पानी के कण मौजूद रहने से परेशानी इसलिए होती है क्योंकि ये कण प्रकाश को अवशोषित कर लेते हैं, खासतौरपर इंफ्रारेड वेवलेंथ वाले प्रकाश को. फिलहाल खगलोविदों को ऊंचाई और भूमध्यरेखा के पास वाले चिली और हवाई जैसे क्षेत्रों से अवलोकन करने में सहूलियत होती है.

Antarctica में मिला पानी के अंदर मीथेन का रिसाव, जानिए कितना खतरनाक है ये

इस जगह की उपयुक्तता होने के बाद भी यहां टेलीस्कोप होने की वजह स्पष्ट है. यहां पर इंसान के लिए रहना बहुत मुश्किल है. यहां वैज्ञानिक कुछ समय के लिए तो आ सकते हैं, लेकिन लंबे समय के लिए नहीं. इसके अलावा यहां पर एक वेधशाला बनाना बहुत खर्चीला होगा और उससे भी समस्याकारक यहां पर उसका रखरखाव करना होगा. वैसे भी अब वैज्ञानिक अंतरिक्ष में ही टेलीस्कोप ले जाने की तैयारी कर रहे हैं नासा अपने वेब (Webb) इंफ्रारेड टेलीस्कोप जल्दी ही प्रक्षेपित करने जा रहा है जो अंतरिक्ष में रहकर इंफ्रारेड तरंगों का अवलोकन करेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading