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इटली और अमेरिका के हालात खतरनाक, महीनेभर में आंकड़ा दहाई से हजारों में

News18Hindi
Updated: March 24, 2020, 5:02 PM IST
इटली और अमेरिका के हालात खतरनाक, महीनेभर में आंकड़ा दहाई से हजारों में
चीन के बाद Covid-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में इटली और अमेरिका का स्थान है

दुनियाभर के देश लॉकडाउन (lock down) हो रहे हैं. घूमना-फिरना तो अलग, काम-धंधे भी लगभग बंद हैं. ऐसे में होम क्वेरेंटाइन (home quarantine) में रह रहे कईयों को ये ओवररिएक्शन भी लग रहा है.

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  • Last Updated: March 24, 2020, 5:02 PM IST
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चीन के बाद Covid-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में इटली और अमेरिका का स्थान है. यहां तक कि इटली में संक्रमण से हो रही मौतें चीन से लगभग दोगुनी हो गई हैं. ये वही दोनों देश हैं, जहां महीनेभर पहले रोज आ रहे मरीजों की संख्या दहाई में हुआ करती थी. अब रोज हजारों मरीज कोरोना पॉजिटिव हो रहे हैं. इन हालातों में भी बार-बार लोगों के मन में शक आ रहा है कि शायद हम ओवररिएक्ट कर रहे हैं.

भारत में सवा अरब से ज्यादा की आबादी पर केवल 511 मरीज और 10 मौतें कोई घबराने की बात नहीं. लेकिन इटली और अमेरिका के हालात गौर से देखें तो लॉकडाउन और क्वेरेंटाइन जैसे कदम बिल्कुल सही लगते हैं.

23 फरवरी (इसी दिन इटली में कोरोना के मरीज 100 से ज्यादा हुए) को इटली में कोरोना के 155 मामले पॉजिटिव आए. वहीं अमेरिका में 2 मार्च (इसी दिन यूएस में 100 से ज्यादा कोरोना मरीज दर्ज हुए) को 101 मामले थे. ठीक 29 दिन बाद इटली में 59 हजार मामले पॉजिटिव हो गए, वहीं अमेरिका में कुल मामले 33 हजार पार कर गए. ये आंकड़े JOHN HOPKINS CSSE के डाटा पर आधारित हैं. इसमें वायरस संक्रमण बढ़ने के दोनों ही देशों के पैटर्न लगभग मिलते-जुलते हैं.

हालात गौर से देखें तो लॉकडाउन और क्वेरेंटाइन जैसे कदम बिल्कुल सही लगते हैं




दो ही हफ्ते पहले इटली के हालात एकदम सामान्य लग रहे थे. 4 मार्च तक यहां 107 मौतें हुईं. तीसरे ही दिन ये आंकड़ा एकदम से 600 मौतों से ज्यादा हो गया. और अब कुल 6,077 मौतें हो चुकी हैं जो चीन के आंकड़े से लगभग दोगुना है. यहां के हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अस्पताल अब नए मरीजों को लेने से इनकार कर रहे हैं या फिर मरीजों की प्राथमिकता तय कर रहे हैं. संक्रमण के शिकार शहर Bergamo के एक डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली, जिसमें साफ बताया कि उनके पास मरीज ज्यादा हैं और सुविधाएं सीमित. Intensive Care Unit के डॉक्टर Dr Daniele Macchini की इस पोस्ट को Geneva University के Institute of Global Health की शोधार्थी Dr Silvia Stringhini ने अंग्रेजी में ट्रांसलेट किया, जिसके बाद WHO ने भी इसपर गौर किया.



इटली की सरकार ने वायरस को रोकने की सारी कोशिशें कीं. जैसे 23 फरवरी को ही उत्तरी हिस्से के 12 शहरों को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया. लोगों से खुद पीएम ने सोशल डिस्टेंसिंग की अपील की. मार्च 4 को देश के सारे स्कूल बंद कर दिए गए. लेकिन तब भी कोरोना संक्रमण बढ़ता ही गया. 9 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा हो गई. माना जा रहा है कि बढ़ते मामलों के बीच इटली सरकार को लॉकडाउन की बजाए कुछ और कड़े कदम उठाने चाहिए थे, जैसे चीन में लिए गए.

माना जा रहा है कि इटली ने वायरस को रोकने के लिए निर्णय तो लिए, लेकिन देर से


Chinese Red Cross के वाइस प्रेसिडेंट Sun Shuopeng के अनुसार इटली में जो हो रहा है, वो चीन झेल चुका है. हमने सबकुछ पूरी तरह से बंद कर दिया था, लेकिन इटली में अब भी ढील है. लोग सड़कों पर दिख ही रहे हैं. COVID-19 से लड़ने के लिए जरूरी है कि सारे उद्योग बंद कर दिए जाएं, सारे दफ्तर बंद हों और लोग अपने घरों से बाहर न निकल पाएं. जैसा हमने लागू किया था.

इटली ने वायरस को रोकने के लिए निर्णय तो लिए, लेकिन देर से. बता दें कि जब चीन में लोग मर रहे थे, तब संवेदना के बावजूद इटली के मिलान में एक कैंपेन चल रहा था- “Milan Doesn’t Stop”. साथ ही वहां का कैथेड्रल Duomo सैलानियों के लिए खुलवा दिया गया. लोग घूमने-फिरने लगे. इससे संक्रमण बढ़ता गया. इसके अलावा यहां के लोगों की स्मोकिंग की आदत भी एक वजह रही. माना जा रहा है कि इसकी वजह से पहले से कमजोर फेफड़े बीमारी की चपेट में आ गए.

अमेरिका में भी एकाएक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी. ये पैटर्न ठीक इटली और चीन से मिलता-जुलता है. 19 मार्च को यूएम में मामले 13 हजार पार कर गए. इटली में 13 हजार केस आने के बाद पहले आधे देश और फिर 2 दिन बाद पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया. अमेरिका में कुछ स्टेट लॉकडाउन हैं, जबकि ज्यादातर में अब भी इसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा. National Institutes of Health के डायरेक्टर Dr. Anthony Fauci के अनुसार अमेरिका में मरीज जिस रफ्तार से बढ़ रहे हैं, हालात काफी खतरनाक हो सकते हैं.

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First published: March 24, 2020, 5:01 PM IST
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