क्या चीन में छपवाए जा रहे हैं भारतीय नोट?

क्या चीन में छपवाए जा रहे हैं भारतीय नोट?
सेफ रहेगा आपका डिपॉजिट पैसा: इस प्रक्रिया से आपके बैंक डिपॉजिट पर कोई असर नहीं होता और वह सेफ रहता है. क्योंकि ऐसे मर्जर पहले भी हुए हैं. कोटक महिंद्रा बैंक में आईएनजी वैश्य बैंक का विलय किया जा चुका है. उस समय पैसा सेफ रहा.

चीन के अखबार 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' में एक खबर छपी जिसमें कहा गया था कि भारत समेत बहुत से देशों के नोटों की छपाई का लाइसेंस चीन को दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 17, 2018, 6:29 PM IST
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चीन का सामान भारत में धड़ल्ले से बिकता है, चाहे दिवाली के झालर हों या मोबाइल फोन्स, सब कुछ 'मेड इन चाइना' है. लेकिन जब एक तरफ सरकार 100, 50 और 10 के नए नोट मार्केट में ले आई है, चीन से एक बड़ी खबर आई है. चीन के अखबार 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' में एक खबर छपी जिसमें कहा गया था कि भारत समेत बहुत से देशों के नोटों की छपाई का लाइसेंस चीन को दिया गया है. इस खबर के मुताबिक चीन की राजधानी बीजिंग का शीचेंग जिला दुनिया का सबसे बड़ा करेंसी छपाई क्षेत्र है.

यहां 10 कारखानों में 18,000 लोग नोट छापने और सिक्के बनाने का काम करते हैं. दूसरी तरफ दुनिया की सबसे बड़ी ताकत अमेरिका है जहां पैसे छापने के सिर्फ दो कारखाने हैं और सिर्फ 1800 लोग यहां काम करते हैं. लेकिन इस खबर में यह स्पष्ट किया गया है कि 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' वाले देश इस साल चीन को अपने नोट छपवाने का लाइसेंस दे रहे हैं, जिनमें भारत भी शामिल हो सकता है.

बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव क्या है
चीनी सरकार द्वारा प्रस्तावित यह एक बिजनेस और विकास की स्ट्रेटेजी है. इसके अंतर्गत चीनी सरकार का दावा है कि वो एशिया, यूरोप और अफ्रीका के उन देशों को जोड़ने की कोशिश कर रही है जो सड़क मार्ग द्वारा एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. साथ ही समुद्री मार्ग से जुड़े देशों को भी इसमें शामिल किया गया है. यह एक संघ बनाने की कोशिश है जो एक दूसरे को आर्थिक रूप से मदद करे. चीन का उद्देश्य है कि इन प्रस्तावित देशों में वो चीन को केंद्र में रखकर बिजनेस मॉडल बनाए.



ये हैं वो देश जो 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' का हिस्सा रहे हैं




इस इनिशिएटिव में जो देश शामिल हैं वो हैं थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, भारत, पाकिस्तान, रूस, न्यूजीलैंड पोलैंड इत्यादि. इस इनिशिएटिव का मुख्य उद्देश्य है 'तीसरी दुनिया' के देशों का ऐसा संगठन जो आने वाले समय में एक विश्व शक्ति बनकर उभरे.

क्यों घातक है भारत के लिए चीन में नोट छपवाना
जब से यह खबर आई, हलचल मच गई कि क्या भारत भी चीन में अपने नोट छपवा रहा है? यदि ऐसा है तो यह भारत की सुरक्षा की दृष्टि से बहुत बड़ा खतरा है. खासकर जब भारत ने शुरू से ही अपने देश में ही नोट छपवाने की प्रथा रखी है. चीन और पाकिस्तान में बहुत भाईचारा है. चीन में भारतीय करंसी छपने से आतंकवाद को बढ़ावा देते पाकिस्तान के लिए भारतीय करंसी के गैर-कानूनी इस्तेमाल का रास्ता भी खुल जाएगा.

RBI ने किया है इस बात का खंडन
RBI ने इस बात को सिरे से नकार दिया है. डिपार्टमेंट ऑफ इकॉनोमिक अफेयर्स के सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने 13 अगस्त को एक ऑफिशियल नोटिस जारी किया. इस नोटिस में उन्होंने कहा कि भारतीय करंसी छापने में भारत के अलावा किसी भी देश को लाइसेंस नहीं दिया गया है.

"चीन में भारतीय करंसी छपने की बातें निराधार हैं. भारतीय करंसी भारत में ही छपती आई हैं और यहीं छपती रहेंगी, जिसकी अनुमति भारत सरकार और RBI ने दी होगी."

वैसे बाकी किस देश की करंसी चीन में छापी जा रही है इसकी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं मिली है. लेकिन अगर चीन के उस अखबार की रिपोर्ट को मानें तो इस साल एकाएक चीन की इन छपाई मिलों में काम बढ़ गया है. डिजिटल करंसी के चलते बीते कुछ सालों ने इन मिलों के बंद होने की नौबत आ गयी थी. वहां के कारीगर सिर्फ शादी के कार्ड वगैरह छापने में ही लगे थे. काम के अभाव में उनकी दुर्दशा हो रही थी. लेकिन इस साल की शुरुआत में अचानक कुछ बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स उन्हें मिले जिसके बाद फिर क बार उनकी मशीनें पूरे जोर-शोर से चल रही हैं.

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First published: August 17, 2018, 12:43 PM IST
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