चीन को हराने के लिए भारतीय सैनिक पहनेंगे 'नकली स्किन', अदृश्य होकर करेंगे जंग

सांकेतिक फोटो (news18 English)

सांकेतिक फोटो (news18 English)

दक्षिण कोरियाई वैज्ञानिक (South Korean scientists) ऐसी आर्टिफिशियल स्किन (artificial skin) पर काम कर रहे हैं, जिसे पहनकर सैनिक आसपास के वातावरण में 5 सेकंड के भीतर ही गायब हो जाएं.

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  • Last Updated: December 14, 2020, 11:54 AM IST
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पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन और भारत लगभग 8 महीनों से आमने-सामने हैं. चीन ने अपनी विस्तारवादी प्रवृति दिखाते हुए अतिक्रमण करने की कोशिश तो की लेकिन भारत की जांबाजी के सामने टिक नहीं सका. अब चीन तकनीक के जरिए अपने सैनिकों को मजबूत रखने की फिराक में है. लेकिन भारत भी कम नहीं. हो सकता है कि जल्द ही भारतीय सैनिक ऐसे कपड़े पहन सकें कि वे दिखाई न दें.

ये किसी साइंस फिक्शन की बात नहीं हो रही, बल्कि ऐसा सचमुच हो सकता है. दक्षिण कोरिया ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है. उन्होंने हाल ही में ऐसी cloaking skin तैयार की, जिसे पहनने के बाद सैनिक या कोई भी अपने आसपास के वातावरण में ऐसा घुलमिल जाए कि दिखाई न दे. वहां के वैज्ञानिकों की ये कोशिश वैज्ञानिक जर्नल एडवांस्ड फंक्शनल मटेरियल्स में छपी है.

थर्मल-कंट्रोल्ड कपड़ों पर साउथ कोरिया में काम जारी है- सांकेतिक फोटो


ये कोई ऐसी-वैसी स्किन या कपड़े नहीं होंगे, बल्कि पूरी तरह से अत्याधुनिक होंगे. ये थर्मल-कंट्रोल्ड होंगे और कुछ इस तरह से तैयार होंगे कि सैनिक इस पहनने के बाद थर्मल इमेजिंग कैमरा को भी देख सके. इससे सैनिकों का पकड़ाई में आना मुश्किल हो जाएगा, बल्कि वे ही उल्टे दुश्मन सेना में सेंध लगा सकेंगे. साथ ही ये काफी फ्लेक्जिबल भी होंगे ताकि सब पर फिट आ सकें.
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इस तरह की आर्टिफिशयल स्किन के पीछे एक खास विज्ञान काम करता है. इसमें पिक्सेलराइज्ड स्क्रीन होती है जो थर्मोक्रोमिक लिक्विड क्रिस्टल (टीएलसी) का इस्तेमाल करती है. टीएलसी वो तत्व है जो खास तापमान पर खास रंग में बदल जाता है. पहले से ही वैज्ञानिक इसका उपयोग हीट ट्रांसफर में करते आए हैं.

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सैनिक इसे पहनने के बाद केवल 5 सेकंड के भीतर अपने आसपास के वातावरण में घुलमिल जाता है. साथ ही साथ हमारी स्किन को छिपा देता है. यानी ये कुछ इस तरह होगा कि अगर बर्फीले इलाकों में सैनिक इसे पहनें तो बर्फ जैसे ही दिखेंगे और उनकी स्किन या कपड़ों का कोई हिस्सा नहीं दिखेगा.

ऊंचे लड़ाई के मैदान में इस तरह की आर्टिफिशियल स्किन काफी कारगर हो सकती है (Photo- news18 English)


डेली मेल में भी इस आर्टिफिशियल स्किन की खूबियां बताई गई हैं. ये कई टुकड़ों में होता है, जो आसानी से पहना जा सकता है और किसी मिशन में सैनिकों को इसे पहनने के बाद कोई असुविधा भी नहीं होती है. अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही बहुत से देशों की सेनाएं इसे ले सकेंगी. हालांकि अब तक ऐसी कोई निश्चित जानकारी नहीं आई है कि दक्षिण कोरिया और किसी देश के बीच इसे लेकर कोई करार हुआ हो.

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यूरेशियन टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में भारतीय सेना के एक अधिकारी के हवाले से आया है कि दुनिया के सबसे ऊंचे लड़ाई के मैदान में इस तरह की आर्टिफिशियल स्किन काफी कारगर हो सकती है. खासकर चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के नापाक इरादों से निपटने में ये मदद कर सकता है. हालांकि अब तक ये भी नहीं पता है कि कोरियाई वैज्ञानिकों ने क्या इस ऐसे तैयार किया है कि बेहद सर्दी में भी ये उसी तरह से काम करें.

बता दें कि फिलहाल इंडियन आर्मी के पास इस तरह की यूनिफॉर्म होती है, जो लड़ाई के मैदान में कुछ हद सैनिकों को छिपा सकें. जैसे जमीनी इलाकों में लड़ाई होने पर घास-मिट्टी से मिलती-जुलती यूनिफॉर्म रहती है, जबकि बर्फीले इलाकों में सफेद. इसके बाद भी सैनिक दिखाई देते ही हैं. तो दक्षिण कोरिया की आर्टिफिशियल स्किन वाली तकनीक मददगार हो सकेगी.

चीन पहले से ही पूर्वी लद्दाख में अपने सैनिकों को तरह-तरह की तकनीकों से लैस कर रहा है- सांकेतिक फोटो


दक्षिण कोरिया और चीन के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं. ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि वो इस तकनीक का सौदा भारत से कर ले. हालांकि अगर ऐसा न होकर चीन के साथ भी ये सौदा हुआ तो भारत शायद इसका इस्तेमाल करने से परहेज करे.

बता दें कि चीन पहले से ही पूर्वी लद्दाख में अपने सैनिकों को तरह-तरह की तकनीकों से लैस कर रहा है. इसमें -40 डिग्री तापमान पर आराम से रह पाने के लिए कपड़े, टेंट तो हैं ही, साथ ही उसने आयरन-मैन फिल्म की तर्ज पर सैनिकों के लिए खास तरह का फौलादी सूट बनाया है. ये कम तापमान पर शरीर को गर्म तो रखता ही है, साथ ही ऊंचे पहाड़ों पर बोझ लेकर चलने और लड़ाई में भी कई तरह की मदद करता है. इसे एग्जोस्केलटन सूट कहा जा रहा है.

इसमें हेलमेट, बॉडी आर्मर, कानों के लिए रक्षा कवच, प्रोटेक्टिव ग्लास, घुटनों और कुहनियों के लिए सुरक्षा कवच के साथ ही ग्रेनेड लॉन्चर, सब-मशीनगन, युद्ध में काम आने वाला चाकू, स्निपर राइफल जैसे हथियार लगे रहते हैं. इसके अलावा सूट में दिन और रात में समान तरीके से देखने का सिस्टम लगा होने का दावा किया जा रहा है.
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