पीएम मोदी और अमित शाह के मुश्किल वक्त में अरुण जेटली ने दिया था साथ

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Updated: August 24, 2019, 6:42 PM IST
पीएम मोदी और अमित शाह के मुश्किल वक्त में अरुण जेटली ने दिया था साथ
अरुण जेटली बीजेपी के दिग्गज नेताओं में से रहे

नब्बे के दशक के बाद अरुण जेटली (Arun Jaitley) बीजेपी के ताकतवर नेता बनकर उभरे. आडवाणी ने उन्हें आगे बढ़ाया और पीएम मोदी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां दीं...

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अरुण जेटली (Arun Jaitley), सुषमा स्वराज और प्रमोद महाजन बीजेपी के ऐसे नेता रहे हैं, जो नब्बे के दशक के बाद बीजेपी (BJP) में ताकतवर बनकर उभरे. कमोवेश इन सभी नेताओं ने आपातकाल (emergency) के दौरान छात्र राजनीति में हिस्सा लिया और कांग्रेस विरोधी लहर का हिस्सा बने.

इन नेताओं को हिंदुत्ववादी ब्रिगेड के युवा नेताओं की पंक्ति में रखा गया. ये कह सकते हैं कि आडवाणी ने इन नेताओं को विशेष तौर पर मौका दिया और राजनीति में आगे बढ़ाया. ये नेता उदारवाद के बाद के काल के बीजेपी के दिग्गज नेताओं में से रहे.

ये बहुत दुखद है कि कुछ वर्ष पहले बीजेपी की सबसे काबिल नेताओं की पंक्ति में से पहले प्रमोद महाजन चले गए और पिछले एक महीने के दौरान पहले सुषमा स्वराज और फिर अरुण जेटली. प्रमोद महाजन के जाने के बाद अरुण जेटल ही बीजेपी के मुख्य रणनीतिकार हुआ करते थे.

अरुण जेटली को आडवाणी ने राजनीति में आगे बढ़ाया

अरुण जेटली की खासियत ये रही है कि बीजेपी के दो सबसे ताकतवर नेताओं के साथ उनके बराबर के मधुर संबंध रहे. आडवाणी की राजनीति को करीब से देखते हुए उन्होंने बीजेपी में अपनी जगह बनाई तो नरेंद्र मोदी को राजनीति में आगे बढ़ाने से लेकर उनकी प्रधानमंत्री की दावेदारी के पैरोकारी करने में वो आगे रहे.

arun jaitley journey in poltics associates of lal krishna advani to narendra modi and amit shah
लालकृष्ण आडवाणी के साथ अरुण जेटली


2001 में गुजरात में केशुभाई पटेल की सरकार डगमगा रही थी. दिल्ली में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर बैठक चल रही थी. उस वक्त भी अरुण जेटली ने नरेंद्र मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाए जाने का समर्थन किया था.
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जेटली ने पीएम मोदी के सबसे मुश्किल वक्त में दिया साथ
यहां तक की 2002 के गुजरात दंगों के बाद भी तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सामने अरुण जेटली ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव किया था. उस वक्त दिल्ली में अरुण जेटली गुजरात संभाल रहे नरेंद्र मोदी के गिनचुने भरोसेमंद दोस्तों में से एक थे.

जेटली के चैंबर में अक्सर दिखते थे अमित शाह
अरुण जेटली के पीएम मोदी के साथ अमित शाह से भी आत्मीय संबंध रहे. जिस वक्त सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस में अमित शाह को गुजरात जाने पर पाबंदी लगाई गई थी, अरुण जेटली ने न सिर्फ उनकी कानूनी मदद की थी, बल्कि उस वक्त वो अमित शाह के नजदीकी दोस्तों में से एक थे.

उस वक्त अरुण जेटली राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे. अमित शाह को अक्सर उनके चैंबर में आते-जाते देखा जाता था. उन्होंने हर तरीके से अमित शाह की मदद की थी.

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अरुण जेटली ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अहम जिम्मेदारी निभाई


अमित शाह चाहते थे जेटली पटना से चुनाव लड़ें
2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत के साथ मिली जीत में मोदी और शाह के साथ अरुण जेटली का भी बड़ा योगदान था. हालांकि अरुण जेटली को अमृतसर की सीट से हार मिली थी. अमरिंदर सिंह के हाथों शिकस्त चौंकाने वाला था.

सिर्फ पंजाब ही ऐसा राज्य था, जहां कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था. अरुण जेटली की हार पर मीडिया से बात करते हुए एक बार अमित शाह ने कहा था कि पता नहीं वो पंजाब क्यों गए. मैं तो चाहता था कि वो पटना से लड़ें और मोदीजी बनारस से. ताकि पूरे पूर्वी इलाके में लहर बन जाए.

2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान काफी तेज चर्चा चली थी कि पटना साहिब सीट से अरुण जेटली को उतारा जाएगा. शत्रुघ्न सिन्हा की पार्टी से नाराजगी को देखते हुए उनकी सीट जेटली को दिए जाने की बात चल रही थी. लेकिन आखिर में शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब से जीते और अरुण जेटली अमृतसर सीट से हार गए.

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जेटली को मिली अहम जिम्मेदारी
हालांकि हार के बाद भी अरुण जेटली को भारी भरकम मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली. वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, कॉरपोरेट अफेयर्स से लेकर उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार संभाला. उस वक्त बीजेपी की सेंट्रल लीडरशिप से नाराज अरुण शौरी कहा करते थे कि सरकार को ढाई लोग मिलकर चला रहे हैं. ऐसा कहकर वो जेटली पर भी तंज कस रहे होते थे.

राजनीति में अरुण जेटली जैसा विनम्र व्यक्ति मिलना मुश्किल है. शायद इसलिए उनके सभी पार्टियों में दोस्त रहे. अनबन का एक ही किस्सा मशहूर है और वो है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ. अरविंद केजरीवाल ने उनपर घोटाले के गंभीर आरोप लगाए थे. इस पर जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया. केजरीवाल को माफी मांगनी पड़ी. उनके निधन पर दिल्ली के सीएम ने ट्वीट किया- जेटलीजी के निधन से देश को बड़ा नुकसान हुआ है.

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First published: August 24, 2019, 4:49 PM IST
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