जानें पूर्व प्रधानमंत्रियों को कब तक मिलती हैं कौन सी सुविधाएं और सुरक्षा

जानें पूर्व प्रधानमंत्रियों को कब तक मिलती हैं कौन सी सुविधाएं और सुरक्षा
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

जानिए जब एक प्रधानमंत्री का कार्यकाल खत्म होता है तो फिर उसे कितनी पेंशन, स्टाफ और सुविधाएं मिलती हैं और उसकी सुरक्षा की स्थिति क्या रहती है और ये सुविधाएं उसे कब तक मिलती रहती हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 26, 2019, 1:11 PM IST
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एनडीए सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा स्तर घटा दिया है. अब उन्हें जेड प्लस सेक्यूरिटी दी जाएगी. करीब तीन महीने पहले उनके स्टाफ को भी 14 से घटाकर पांच कर दिया गया था. आइए जानते हैं कि नियमानुसार पूर्व प्रधानमंंत्री किन सुविधाओं के हकदार होते हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रिटायर होने के बाद से नई दिल्ली के तीन, मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित बंगले में रह रहे हैं. ये बंगला पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पास था. ये लंबा चौड़ा आवास है, जिसमें काफी बड़ा लान और पेड़-पौधे हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री होने के नाते मनमोहन सिंह को पहले पांच साल तो खास सुविधाएं दी गईं, लेकिन नियमानुसार अब उसमें से कुछ सुविधाएं खत्म हो गई हैं. सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव हो गया है. पहले उन्हें और उनकी पत्नी गुरशरण कौर को एसपीजी सुरक्षा मिलती थी लेकिन अब उन्हें जेड प्लस सुरक्षा हासिल होगी.



क्या सुविधाएं रिटायर प्रधानमंत्री को मिलती हैं



पूर्व प्रधानमंत्रियों को केबिनेट मंत्री के बराबर की सुविधाएं मिलती हैं, जो ये हैं
- 20,000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन
- नई दिल्ली के लुटियंस जोन में आजीवन मुफ्त आवास
- आजीवन नि:शुल्क चिकित्सा सहायता
- 14 लोगों का सचिव स्टाफ (पहले पांच साल तक)

पूर्व प्रधानंत्री मनमोहन सिंह ने पत्र के जरिए कई बार पीएमओ से स्टाफ में कटौती नहीं करने का अनुरोध किया था लेकिन ये बात मानी नहीं गई


- छह घरेलू स्तर के हवाई टिकट (एग्जीक्यूटिव क्लास) एक साल में
- पूरी तरह फ्री रेल यात्रा
- पांच साल तक ऑफिस का पूरा वास्तविक पूरा खर्च
- एक साल तक ही एसपीजी सुरक्षा, उसके बाद सुरक्षा में भी कटौती की जाती है
- ज़िंदगीभर के लिए मुफ्त बिजली और पानी
- पांच साल के बाद: एक निजी सहायक और एक चपरासी, कार्यालय खर्च के लिए सालाना 6,000 रुपये.

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किन प्रधानमंत्रियों की सुविधाएं बढ़ीं थीं
- प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के बाद केवल पांच साल के लिए 14 लोगों का सचिव स्टाफ की अनुमति है. लेकिन वाजपेयी सरकार ने भूतपूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और गुजराल दोनों को इसमें विस्तार करने की अनुमति दी थी.

पूर्व प्रधानमंत्रियों को कैबिनेट मिनिस्टर के बराबर सुविधाएं दी जाती हैं


नरसिंहराव ने बनाए थे पूर्व प्रधानमंत्रियों के लिए नए नियम
पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव (1991-1996) के कार्यकाल के दौरान, यह निर्णय लिया गया था कि सभी पूर्व पीएम पद छोड़ने के बाद पांच साल के लिए कैबिनेट मंत्री के बराबर लाभ के हकदार होंगे. उसके बाद सुविधाओं में कटौती कर दी जाएगी. हालांकि, तब से एक अलिखित नियम है कि पूर्व प्रधानमंत्रियों के अनुरोध पर यह लाभ बढ़ा दिया जाता है.

पूर्व राष्ट्रपति को ये सुविधाएं मिलती हैं
- 1.5 लाख रुपए मासिक पेंशन (7वें वेतन आयोग के बाद)
- राष्ट्रपति अनुमोदन अधिनियम के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति को सचिवीय कर्मचारियों और कार्यालय के लिए 60,000 सालाना रुपये तक खर्च करने का प्रावधान है.
- जिंदगी भर के लिए किराया मुक्त तैयार घर वो भी 8 कमरों का लगभग.

पूर्व राष्ट्रपति को ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं


- 2 लैंडलाइन, एक मोबाइल फोन, ब्रॉडबैंड और इंटरनेट कनेक्शन
- मुफ्त बिजली और पानी
- कार और ड्राइवर
- नि:शुल्क चिकित्सा सहायता और पूरे भारत में प्रथम श्रेणी टिकट से ट्रेन और हवाई जहाज यात्रा एक व्यक्ति के साथ.
- 5 लोगों का व्यक्तिगत स्टाफ और मुफ़्त वाहन सभी सुविधाओं के साथ
- दिल्ली पुलिस की सिक्यूरिटी और 2 सेक्रेटरी

कहां रहते हैं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, 10, राजाजी मार्ग लुटियंस दिल्ली में रहते हैं. ये आठ कमरे का दो मंजिला विला है, जो 11,776 वर्ग फुट में फैला हुआ है. इसमें पहले एपीजे अब्दुल कलाम रहते थे.

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