क्या 9 साल बाद पृथ्वी के पास से गुजरने वाला क्षुद्रग्रह 2068 में टकरा जाएगा?

एपोफिस (Apophis) क्षुद्रग्रह (Asteroid) के बारे में कहा जा रहा है कि वह हर बार ज्यादा पास से गुजर रहा है और 2068 में वह पृथ्वी (Earth) से टकरा जाएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
एपोफिस (Apophis) क्षुद्रग्रह (Asteroid) के बारे में कहा जा रहा है कि वह हर बार ज्यादा पास से गुजर रहा है और 2068 में वह पृथ्वी (Earth) से टकरा जाएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

एपोफिस (Apophis) क्षुद्रग्रह (Asteroid) की गणना बताती है कि 2029 में पृथ्वी (Earth) के पास से गुजरने के बाद यह 2068 में पृथ्वी से सीधे टकरा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 7:58 PM IST
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अंतरिक्ष से क्षुद्रग्रह (Asteroid), उल्कापिंड (Meteorite) और धूमकेतु (Comet) जैसे खगोलीय पिंड (Astronomical Objects) हर महीने पृथ्वी (Earth) के पास से गुजरते (Flyby) हैं, लेकिन इनमें से कोई भी पृथ्वी से सीधे नहीं टकराता (Colloids) है. ऐसा नहीं है कि अब तक एक भी ऐसा पिंड पृथ्वी से टकराया नहीं हैं. बल्कि कई छोटे पिंड तो पृथ्वी की ओर गिरते भी रहते हैं लेकिन वे पृथ्वी की सतह पर पहुंचने से काफी पहले ही जलकर खत्म हो जाते हैं. एक क्षुद्रग्रह के बारे में  अनुमान लगाया जा रहा है कि यह लगभग 50 साल बाद पृथ्वी से सीधे टकरा सकता है.

बुराई के इस देवता पर रखा गया नाम
यदि किसी पिंड का नाम मिस्र के अराजकता और बुराई के देवता के नाम पर रखा जाए तो इस इसे खतरनाक ही माना जाएगा. वैज्ञानिकों ने एक क्षुद्रग्रह का नाम एपोफिस-99942 (Apophis-99942) रखा है. कहा जा रहा है कि यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी की ओर आ रहा है और यह पृथ्वी से साल 2068 में टकरा सकता है. यह किसी ज्यातिषी की भविष्यवाणी या विज्ञान फंतासी की कहानी नहीं बल्कि वास्तिवक विज्ञान का आंकलन है.

नासा ने इसे रखा है इस श्रेणी में
इस 400 मीटर के पिंड को नासा ने नियर अर्थ एस्ट्रोरॉइड की श्रेणी में रखा है. वैसे तो विज्ञान से संबंधित आंकड़े भी कई बार सटीक नहीं निकलते हैं, लेकिन न तो यह मान कर नहीं चला जा सकता है कि ये आंकड़े सही होंगे और तो यह भी मानकर नहीं चला जा सकता है कि यह आंकड़े गलत ही होंगे.



पहले भी गुजर चुका है पृथ्वी के पास से
ऐसा नहीं है कि यह क्षुद्रग्रह पहली बार पृथ्वी की ओर आ रहा है. साल 2004 में जब इसी क्षुद्रग्रह की खोज डेविड जे थोलेन और उनकी टीम ने पहली बार की थी, तब भी इसको लेकर काफी बातें हुई थी.  कई वेधशालाओं और शुबारू टेलीस्कोप के अवलोकनों के जरिए खगोलविदों ने यह आंकलन किया था कि यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से साल 2029 में गुजरेगा.

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पृथ्वी की ओर क्षुद्रग्रह (Asteroid), उल्कापिंड (Meteorite) और धूमकेतु (Comet) जैसे खगोलीय पिंड आते रहते हैं. ( फाइल फोटो)


क्या कहता है ताजा आंकलन
ताजा आंकड़े दूसरी कहानी कहते हैं. इन के अनुसार यह क्षुद्रग्रह यारकोव्सकी त्वरण (Yarakovsky Acceleration) से गुजरा है. यह एक हल्का से बल है जो सूर्य के प्रकाश द्वारा खगोलीय चलायमान पिंडों पर लगता है. इस बल का अहसास हमें नहीं होता है, लेकिन इस बल की  वजह से यह पिंड पृथ्वी के निकट आ जाएगा और उससे टकरा जाएगा.

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उससे पहले एक बार और पृथ्वी के पास से गुजरेगा
लेकिन ऐसा नहीं है कि यह साल 2029 में ही पृथ्वी से टकरा जाएगा. उस समय यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के काफी पास से गुजरेगा. पहले इसके साथ टकराव की संभावना 2.7 प्रतिशत आंकी गई थी.  यह निश्चित है कि वह पृथ्वी के इतने पास से गुजरेगा कि इस पृथ्वी से ही देखा जा सकेगा,लेकिन फिर भी इससे किसी किस्म की कोई परेशानी नहीं होगी. नासा का कहना है कि यह अंटलांटिक महासागर के ऊपर से गुजर कर अमेरिका के पास से भी होते हुए जाएगा.

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आमतौर पर पृथ्वी (Earth) के पास क्षुद्रग्रह (Asteroid) ही गुजरते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


लेकिन साल 2068 में
असल चिंता यह नहीं है, लेकिन साल 2017 के आंकड़ों और अन्य कारकों को शामिल करने पर  यह पता चलता है कि इस क्षुद्रग्रह के साल 2068 में पृथ्वी से टकराने की संभावना 150 में एक है. (1/150)  यह पिछले अनुमानों की तुलना में ज्यादा सटीक है. जहां इस अनुमान की तारीख, बल और दूरी के लिहाज से त्रुटी की संभावना है. यह निश्चित रूप से माना जा सकता है कि एपोफिस केवल पृथ्वी के पास से नहीं गुजरेगा. ऐसे में वह कैसे गुजरेगा और कितना छू कर गुजरेगा इसका और सटीक आंकलन होने में काफी समय है.

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क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने का खौफ नया नहीं हैं. बहुत सी घटनाओं ने लोगों में दहशत फैलाने का काम किया है जबकि बड़े टकराव बहुत ही कम हुए हैं. सबसे बड़ी घटना लाखों साल पहले तब हुई थी जब मैक्सिकों  में एक क्षुद्रग्रह टकरने पृथ्वी के वातावरण में ऐसा बदलाव आया कि डायनासोस की प्रजाति ही साफ हो गई थी. लेकिन आकाशीय विनाशकारी पिंडों को लेकर किवदंतियां अधिक हैं.
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