9 साल बाद अमेरिकी धरती से ISS जा रहे हैं Astronauts, इन वजहों से भी है यह खास

9 साल बाद अमेरिकी धरती से ISS जा रहे हैं Astronauts, इन वजहों से भी है यह खास
9 साल से अमेरिका की धरती से कोईअंतरिक्ष यात्री ISS नहीं गया था

अमेरिका (USA) की धरती से 9 साल बाद अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) को ISS पर भेजा जा रहा है. इसके लिए पहली बार निजी क्षेत्र से सेवाएं ली जा रही हैं.

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नई दिल्ली: अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री (Astronauts) अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरने जा रहे हैं.  यह उड़ान कई मायनों में अहम है. पिछले 9 साल में पहली बार हो रहा है कि अमेरिका की ही धरती से अंतरिक्ष यात्री अतरिक्ष में उड़ान भरेंगे. अमेरिका में कोरोना वायरस की वजह से चल रहे लॉकडाउन के बीच यह उड़ान नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर  27 मई को भरने जा रही है.

कोरोना वायरस के असर के बीच होगी यह उड़ान
इस उड़ान का कोरोना वायरस का भी असर हुआ है. यह पहली ही बार है कि अमेरिका में अंतरिक्ष की ओर कोई यात्री जा रहे होंगे जब देश में लॉकडाउन की स्थिति है. लोगों को खास तौर पर हिदायत दी है कि वे अपने इस उड़ान का उत्साहवर्धन घर ही से करें. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जरूर फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से इस उड़ान के गवाह बनेगे, लेकिन आमजनों से निवेदन किया गया है कि वह इस उड़ान का लाइव टेलीकास्ट ही घर से देखें.

पहली बार निजी कंपनी आयोजित कर रही है अंतरिक्ष यात्रा
यह उड़ान एक लिहाज से इसलिए भी खास है कि इसका पूरा ओयोजन अमेरिका की एक निजी कंपनी कर रही है. इस तरह से पहली बार अंतरिक्ष यात्री निजी क्षेत्र के सहयोग से अंतरिक्ष में जा रहे हैं. इसमें एलोन मस्क की स्पेस एक्स कंपनी यह इतिहस रचने जा रही है.



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पहली बार यह काम कोई निजी कंपनी कर रही है.


पहले ही निजी क्षेत्र को दिया जा चुका था काम
यह क्रू ड्रैगन ISS के लिए फॉल्कन 9 रॉकेट से रवाना होगा. नासा का यह व्यवसायिक कार्यक्रम अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासनकाल में शुरू हुआ था. इसके उद्देश्य अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए निजी क्षेत्र के द्वारा अंतरिक्ष यान विकसित करना था.

9 साल से अब तक क्यों नहीं
यह अमेरिका की धरती से अंतरिक्ष यात्रियों की उड़ान 9 साल बाद की जा रही है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के पहले हिस्सों को 22 साल पहले अंतरिक्षमें भेजा गया था. तब से केवल अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और रूसी स्पेस एजेंसी रोसकोस्मोस ने ही वहां अंतरिक्ष यात्री पहुंचाए हैं. नासा ने अपने मशहूर शटल अभियानों के तहत वहां अंतरिक्ष यात्रियों को पहुंचाया था. शटल कार्यक्रम के यान बहुत ही बड़े, जटिल थे. लेकिन इनकी कीमत 135 यात्राओं के लिए 200 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी जिसमें दो बहुत खतरनाक दुर्घटनाएं भी शामिल हैं. इन्ही दुर्घटनाओं के कारण अमेरिका ने यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया था.

तब से रूसी यानों से ISS जा रहे हैं अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री
पिछली बार अमेरिका में 21 जुलाई 2011 को अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित किया गया था. इसके बाद अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों ने रूसी भाषा सीखी और ISS तक का सफर कजाकिस्तान से रूसी सुयोज रॉकेट से तय किया. इस दौरान इस संयुक्त अभियान पर दोनों देशों के बीच हुए तनावों का कोई असर नहीं हुआ. लेकिन यह केवल अस्थायी व्यवस्था थी. नासा ने दो निजी कंपनियों, बोइंग और स्पेस एक्स को अपने शटल यान का विकल्प बनाने का ठेका दिया. अब 9 साल बाद एलन मस्क की  स्पेस एक्स कंपनी इस उड़ान के लिए तैयार है.

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ISS की शुरुआत 1998 में हुई थी.(प्रतीकात्मक फोटो)


फॉल्कन रॉकेट अमे भारतीय समयानुसार 28 मई की सुबह 2.03 पर अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाएगा. इसमें अनुभवी अंतरिक्ष यात्री 49 वर्षीय रॉबर्ट बेनकेन और 53 वर्षीय डगलस हर्ले सफर करेंगे.

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