Astronauts से जानें, आइसोलेशन में समय काटने के लिए रखें किन बातों का ध्यान

नासा चांद पर लंबे समय के लिए लोगों को भेजने की तैयारी कर रहा है.
नासा चांद पर लंबे समय के लिए लोगों को भेजने की तैयारी कर रहा है.

कोरोना वायरस के चलते भारत सहित कई देशों में लॉकडाउन के हालात हैं ऐसे में लोगों को आईसोलेशन में रहना पड़ रहा है. अंतरिक्ष यात्रियों ने इस आईसोलेश में जीवन का आनंद लेने के तरीके बताए हैं. Corona virus, Corona, Corona Lock down, Corona virus in India, Covid-19, ISS, Astronaut, Social Distancing, isolation, Health, Health Explainer, Anne Mccalin, Scott Kelley, Peggy Whitson, Chris Hadfield, Buzz Aldrin.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2020, 7:00 PM IST
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नई दिल्ली:  कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते भारत सहित कई देशों में लॉकडाउन (Lockdown)  है जबकि अन्य प्रभावित देशों में लोग अपने घर में बंद होने केलिए मजबूर हैं. लोग घर में अकेले आइसोलेशन (Isolation) में समय कैसे काटें उनके सामने यह बड़ा सवाल है. नासा के कुछ अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) ने लोगों को अकेले में जिंदगी का लुत्फ उठाने के लिए सलाह दी हैं.

4 लाख से ज्यादा संक्रमित लोग
इस समय इस वायरस से संबंधित कोविड-19 की बीमारी से दुनिया भर में 4 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 18000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. वहीं भारत में भी संक्रमित लोगों का आंकड़ा 500 के पार होते ही पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया गया है और लोग अपने घर में ही सिमट कर रह गए हैं.

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. Corona virus patients are growing fast at global level
कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.

सिर्फ घर में ही नहीं रहना है


कोरोना की वजह से लोग सिर्फ घर में ही रहने को मजबूर नहीं हैं उन्हें घर में भी अकेले ही रहने की सलाह दी गई है. लोगों से कहा गया है कि वे खुद को आइसोलेट करें यहां  तक कि हो सके तो क्वारेंटाइन भी कर लें. ऐसे में लोगों को यह एकांत परेशान कर सकता है.

एस्ट्रोनॉट वाकिफ हैं ऐसे हालातों से
लोगों की इस परेशानी का हल उन लोगों से बेहतर किसके पास हो सकता है जो पहले इस तरह के हालात से गुजर चुके हैं. ऐसा एस्ट्रोनॉट्स या स्पेस साइंटिस्ट यानि अंतरिक्ष वैज्ञानिक अनुभव करते हैं. वे महीनों तक एक ही कैप्सूल जैसे छोटे से कमरे में बंद रहते हैं और अपने परिवार वालों और दोस्तों से कभी कभार ही बात नहीं कर पाते हैं. कई बार तो उन्हें इसका मौका भी नहीं मिल पाता है.  इन वैज्ञानिकों को अकेलेपन से जूझने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाती है.

खास ट्रेनिंग मिलती है उन्हें ऐसे हालात से निपटने के लिए
इन एस्ट्रोनॉट्स को एकांत में रहने की और उस दौरान पूरी क्षमता से काम करने का खास प्रशिक्षण दिया जाता है. नासा के एस्ट्रोनॉट एनी मैकैलिन अपने नासा के ब्लॉग में लिखती हैं कि वे नासा प्रशिक्षण के दौरान सीखी हुई व्यवहारिक और संवाद क्षमताओं, खुद की देखभाल करने के लिए सिखाए गए तरीकों, लीडरशिप और फॉलोअरशिप टिप्स का इस्तेमाल करती हैं.

lock down poses several psychological challenges.s
लॉकडाउन में अकेले रहना आसान नहीं होता. इसमें व्यक्ति के सामने कई मनोवैज्ञानिक चुनौतियां आती हैं.


इन बातों का रखें ध्यान
ऐनी का कहना है, “जिम्मेदारियां लीजिए, खुद को नए वातावरण के लिए ढालिए. खुद को काम दीजिए और लक्ष्य निर्धारित कीजिए.“ यह उन लोगों को लिए ज्यादा जरूरी है जो बॉस या सीनियर पोजीशन के लोग हैं. कर्मचारियों के ले मैक्लीन का कहना है, “अपने लीडर के निर्देशों में सहयोग करें, लेकिन कुछ सही नहीं जा रहा हो या नहीं हो पा रहा हो तो सवाल पूछने से और बात करने में भी संकोच न करें.” इस माहौल में लोगों के लिए जरूरी है को लोग शांत रहने की कोशिश करें और सकारात्मक रहें. इस बारे में ऐनी कहती हैं, ”मुकाबला करने के बजाए लोगों से सहयोग करें, दूसरों की भूमिकाओं, जिम्मेदारी और उनके काम के बोझ का सम्मान करें और जवाबदेही लेने के साथ उनकी तारीफ भी करें.”
काम को हावी न होने देंवहीं इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की रियायर्ड कमांडर स्कॉट कैली अपने न्यूयार्क टाइम्स के लेख में अपने 340 दिन के आइसोलेशन का अनुभव साझा करते हुए लिखते हैं, “काम आप पर हावी हो सकता है अगर आप उसे होने देंगे तो”. ऐसा न हो  इसके लिए स्कॉट लोगों को एक शेड्यूल बनाने की सलाह देते हैं और कहते हैं कि इसके लिए लोगों को दिन भर का एक तय कार्यक्रम बनाना चाहिए, लेकिन काम को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए.असली जोखिम समझेंदूसरी तरफ एस्ट्रोनॉट क्रिस हैडफील्ड  अपने यू ट्यूब वीडियो में कहते हैं, “चीजों से डरने की जरूरत नहीं हैं. वास्तविक जोखिम को समझें.’ हैडफील्ड के मुताबिक लोगों को इसे एक मिशन की तरह लेना चाहिए. वे भी लक्ष्य निर्धारण की सलाह देते हैं. उनके मुताबिक छोटे और लंबे दोनों तरह के लक्ष्य तय करें और आने वाले संभावित व्यवधानों को ध्यान में रखते हुए काम करें. कुछ ऐसा करें जो आपने पहले कभी नहीं किया हो. जैसे कि कोई नया शौक आजमाएं. अगर आपको लगता है कि आप बीमार हैं तो खुद को आइसोलेट करें और बीमारी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लें.
लोगों को सिर्फ घर पर ही नहीं रहना है. उन्हें घर पर भी अकेले रहना है. People have to live alone in home.
लोगों को सिर्फ घर पर ही नहीं रहना है. उन्हें घर पर भी अकेले रहना है.
ये जोखिम भी समझेंआईएसएस पर जाने वाली एक्सपीडीशन 16 की पहली महिला और रिटायर्ड एस्ट्रोनॉट पेगी व्हाइटसन एक  इंटरव्यू में कहती हैं की नासा की सिखाई गई क्रू स्किल्स उनके लिए अहम साबित हुईं. इसमें टीम वर्क, ग्रुप लिविंग और टीम के उद्देश्य पहचानना शामिल थे. पैगी का मानना है की ये क्षमताएं आइसोलेशन में बहुत काम आती हैं.संवाद बहुत जरूरी हैपैगी का कहना है कि घर में एक दो दिन तो परिवार वालों के पास रहना अच्छा लग सकता है, लेकिन ज्यादा दिन तक ऐसा नहीं लगेगा. घर में लोगों से बात करना नहीं भूलें. खास बात यह है कि आपस में झगड़ा नहीं करें.  हमें लग सकता है कि हमारी बातों को हमारे घर वाले समझ रहे हैं, लेकिन कई बार हकीकत में शायद ऐसा नहीं हो. पैगी के अनुसार एक कार्य सूची बनाने से मदद मिल सकती है.
कसरत भी होती है कारगर
एक इंटरव्यू में नील आर्मस्ट्रॉन्ग के साथ चांद पर गए 90 साल के बज एल्ड्रिन बताते हैं कि कैसे वे कोरोना वायरस  को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग से निपट रहे हैं. एल्डिरिन का कहना है कि उन्होंने घर में ताला लगा दिया है और वे अंदर कैद हो गए हैं. आईसोलेशन के समय के लिए एल्ड्रिन कसरत करने सलाह देते हैं. उनका मानना है कि लोगों को इस दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए और इसके लिए उन्हें समय भी देना चाहिए.

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