क्या है ये Black Hole से ज्यादा रहस्मयी Quasar, खगोलविद क्यों हैं इससे परेशान

क्या है ये Black Hole से ज्यादा रहस्मयी Quasar, खगोलविद क्यों हैं इससे परेशान
यह क्वासर उस समय का है जब ब्ह्माण्ड में बिग बैंग को हुए ज्यादा समय नहीं हुआ था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वैज्ञानिकों ने ऐसा क्वासर (Quasar) खोजा है जो ब्रह्माण्ड (Universe) की शुरुआत में बना था. इस बात ने उनको परेशान कर दिया है.

  • Share this:
नई दिल्ली: अंतरिक्ष की कई खोजें हमारी ब्रह्माण्ड (Universe) के बारे में अब तक हासिल की गई जानकारी को चुनौती देती रहती हैं. ऐसी ही एक खोज हाल ही हुई है. खगोलविदों (Astronomers) ने एक बहुत बड़े क्वासर (Quasar) की खोज की है. इसके बारे में कहा जा रहा है कि यह हमारे ब्रह्माण्ड के शुरुआत में मौजूद था. लेकिन इसका उस समय होना वैज्ञानिकों को हैरान कर रहा है.

शुरी से ही पहेली रहे हैं क्वासर
इस क्वासार में एक ऐसा ब्लैकहोल है जिसका भार हमारे सूर्य से 1.5 अरब गुना ज्यादा है. पहले इसे J1007+2115 नाम दिया गया था. हाल ही में खोजा गया यह क्वासर अपने समय के दो ज्ञात क्वासरों में से एक है. क्वासर ब्रह्माण्ड के सबसे ऊर्जावान पिंड (Objects) होते हैं. उनकी पहली ही खोज से खगोलविद यह जानने को उत्सुक हैं कि वे ब्रह्माण्ड के इतिहास में सबसे पहले कब आए थे.

क्या होते हैं ये क्वासर
क्वासर के बारे में वर्तमान में वैज्ञानिकों में यह मत है उन्हें सुपरमासिव ब्लैकहोल से शक्ति मिलती है. जब ये ब्लैकहोल अपने आसपास के सारे पदार्थों, जैसे धूल, गैस, तारे वगैरह,  को अपने भीतर समेट लेते हैं, तब वे बहुत ही ज्याद मात्रा में ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं. यह ऊर्जा इतनी ज्यादा होती है कि इनकी चमक के आगे पूरी गैलेक्सी की चमक फीकी पड़ जाती है.



सबसे पुराना क्वासार
इस क्वासर को एक हवाई संस्कृति के आधार पर पोनियोआएना नाम दिया गया है जिसका मतलब होता है, “अनजाने स्रोत से घूमती हुई शानदार चमकीली वस्तु.” पोनियोआएना को ऊर्जा देने वाले इस सुपरमासिव ब्लैकहोल ने इस क्वासर को सबसे दूर का क्वासर बना दिया है. इसी वजह से यह सबसे पुराना ज्ञात क्वासर है. जिसके ब्लैकहोल में एक अरब से ज्यादा सौरभार (Solar mass) है.

Black hole
सुपरमासिव ब्लैकहोल की पराकाष्ठा पर ही क्वासर का जन्म होता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


उम्र ने किया हैरान
नए शोध के मुताबिक पोनियोआएना से आने वाले प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में 13.02 अरब साल लगे. इसके प्रकाश ने अपनी यात्रा बिगबैंग के शुरू होने के 7 करोड़ साल बाद शुरू की थी.यह शोध एस्ट्रोफिजिक्स जर्नल लेटर्स में प्रकाशित हुआ है. इसकी प्रमुख लेखक और एरीजोना यूनिवर्सिटी की स्टीवर्ड ऑबजर्वेटरी में रिसर्च एसोसिएट जिन्यी यांग का कहना है कि यह इस तरह की सबसे पुरानी विशालकाय चीज है जो हम जानते हैं. वह बहुत ही कम समय में इतना विशाल पिंड गया जो हम देख रहे हैं.

240 साल पुराना है ये तारा, फिर भी खगोलविद क्यों कह रहे हैं इसे Baby

वैज्ञानिक क्यों हुए परेशान
यह सवाल खगोलविदों और वैज्ञानिकों को लंबे समय से परेशान कर रहा है कि ब्रह्माण्ड की इतनी कम उम्र में ही इतना विशाल ब्लैकहोल कैसे बन गया. इस शोध के सहलेखक जियाओहुई फैन का कहना है कि यह खोज ब्रह्माण्ड के निर्माण और ब्लैक होल के सिद्धांत के बारे में हमारी अब तक की जानकारी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है.

अब तक की बनी धारणाओं को मिली चुनौती
अभी तक जितने भी कॉस्मोलॉजिकल (ब्रह्माण्डविज्ञान संबंधी) मॉडल्स बनाए गए हैं उनके मुताबिक बिग बैंग के बाद इतने कम समय में एक छोटे तारे के सिमटने के बाद बने ब्लैकहोल से क्वासर का विकसित होने नामुमकिन है. इसके बजाय कई शोधकर्ताओं का कहना है कि यह क्वासर बिगबैंग के एक करोड़ साल बाद दस हजार सूर्यों के भार वाले ब्लैकहोल से शुरू हुआ होगा.

Black Hole
अब तक केवल दो ही इतने पुराने क्वासर देखे जा सकते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


क्या हुआ था बिग बैंग के बाद
दरअसल आज अभी तक के अध्ययन के अनुसार, बिगबैंग की घटना के बाद परमाणु एक दूसरे से बहुत दूर-दूर थे और एक दूसरे से अंतरक्रिया नहीं कर पाते थे. इसी वजह से तारे और गैलेक्सी भी बनना शुरू नहीं हुए थे. तारों और गैलेक्सी का बनना रीआयनाइजेशन युग (Reionization Epoch) में शुरु हुआ जो बिग बैंग के 4 करोड़ साल बाद का समय था.

 क्या हुआ उस युग में
बिगबैंग के समय ब्रह्माण्ड बहुत ही ठंडा था क्योंकि उस समय प्रकाश और तारे नहीं थे. पहला तारा और गैलेक्सी बनने में 3 से 4 करोड़ साल का समय लगा उसके बाद ब्रह्माण्ड में गर्मी फैली. इस गर्मी से आयनीकरण प्रक्रिया के कारण हाइड्रोजन अणु  की इलेक्ट्रॉन अलग होने शुरू हुए. लेकिन यह प्रक्रिया केवल कुछ करोड़ साल तक ही चल सकी.

ब्लैकहोल किस गति से घूम रहे हैं, वैज्ञानिकों ने निकाला यह पता करने का तरीका

पोनियोआएना और उसके जैसा दूसरा क्वासर दोनों ही रिआयनाइजेशन युग में पाए गए हैं. इसके अध्ययन से हमें उस युग में हुए सुपरमासिव ब्लैकहोल, विशाकाय गैलेक्सी के निर्माण के बारे में भी जानकारी मिल सकती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज