खगोलविदों को दिखी, Ring of fire galaxy, जानिए क्यों दिया गया इसे यह नाम

खगोलविदों को दिखी, Ring of fire galaxy, जानिए क्यों दिया गया इसे यह नाम
यह गैले्क्सी 11 अरब प्रकाशवर्ष दूर है जो दो गैल्क्सी के टकराने से बनी है. . (प्रतीकात्मक फोटो)

खगोलविदों में 11 अरब प्रकाशवर्ष दूर स्थित एक रिंग के आकार के गैलेग्सी मिली है जिसका नाम Cosmic ring of fire रखा गया है.

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नई दिल्ली: अंतरिक्ष जितना अथाह है, तो उसके बारे में हमारे जानकारी का भंडार भी कम नहीं हैं. दुनिया भर के टेलीस्कोप और ऑबजर्वेटरी से हमारे पास रोज बहुत से आंकड़े जमा हो रहे हैं जिसका खगोलविद (Astronomers) अध्ययन कर रहे हैं. ऐसे कुछ आंकड़ों से खगोलविदों को 11 अरब प्रकाश वर्ष पूर्व की एक अनोखी गैलेक्सी (Galaxy) देखने को मिली.

दो विशालकाय गैलेक्सी का विलय
पिछले सप्ताह खगोलविदों ने दो विशालकाय गैलेक्सी की टकराहट देखाी. इस टकराने की घटना की वजह से एक नई छल्ले या रिंग के आकार की गैलेक्सी बनी. इस तरह की गैलेक्सी आम तौर पर दिखाई नहीं देती हैं. यह अनोखी घटना पृथ्वी से 11 अरब प्रकाशवर्ष दूर हुई है.

अलग है हमारी मिल्की वे से यह गैलेक्सी



रिपोर्ट के मुताबिक इस नई गैलैक्सी में तारे हमारी मिल्की वे गैलेक्सी के मुकाबले 50 गुना ज्यादा तेज गति से बन रहे हैं.  इसे खोजने वाले खगोलविदों ने इस गैलेक्सी का नाम तक रख दिया है. उन्होंने इसका नाम कॉस्मिक रिंग ऑफ फायर (Cosmic Ring of fire) रखा है जबकि इसका आधिकारिक नाम R5519 है.



किन आंकड़ों का किया अध्ययन
यह जानकारी नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में सबसे पहले प्रकाशित हुई थी. अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने इस रिंग की खोज हबल टेलीस्कोप और हवाई स्थिति डब्ल्यू एम केक ऑब्जर्वेटरी के आंकड़ों के अध्ययन से किया है.  इन आंकड़ों में लगभग 4000 गैलेक्सी की जानकारी शामिल थी, लेकिन इसमें R5519 सबसे चमकदार पिंड था. शोधकर्ताओं की टीम ने जब इसके बारे में और अध्ययन किया तो उसे अजीब पाया.

Galaxies
इस गैलेक्सी में तारों के बनने की गति बहुत ही तेज है. (प्रतीकात्मक फोटो)


बहुत अगल है यह गैलेक्सी
शोध के प्रमुख लेखक और ऑस्ट्रेलिया की स्विनबूर्न यूनिवर्सिटी के खगोलविद तियांतियान युआन का कहना है कि यह एक बहुत ही दिलचस्प पिंड है. इससे पहले इस तरह का पिंड नहीं देखा गया है. इस गैलेक्सी में बहुत विशाल छेद है. जो दूसरी गैलेक्सी के साथ इसके टकराने से बना है.

अगल संरचना की वजह की पड़ताल
इस बारे में और जानने के लिए युआन और उनकी टीन ने यह पता लगाने की कोशिश की कि यह गैलेक्सी बनी कैसे. उन्हें लगता था कि इस गैलेक्सी की अनोखी संरचना की वजह बड़ी गैलेक्सी का टकराव नहीं था. इसके अलावा उन्होंने इसके पास G5593 गैलेक्सी भी दिखी. उन्हें लगता है कि यह गैलेक्सी 40 लाख साल पहले R 5519 से टकराई थी.

 

कैसे हुआ टकराई होंगी दोनों गैलेक्सी
शोधकर्ताओं को यह भी लगता है कि दोनों ही गैलेक्सी एक दूसरे से बहुत ही तेज गति से टकराई होंगीं. इससे डिस्क टूट गई और केंद्र से विखंडित होगी. शोध के सहलेखक केनेथ फ्रीमैन ने बताया कि इसको लिए जरूरी है कि टकराने वाली दूसरी गैलेक्सी के पास ही एक पतली रिंग हो. युआन का मानना है कि यह बहुत कम होने वाली घटना है. पहले लोगों को लगता था कि हमें युवा ब्रह्माण्ड में और ज्यादा टकराने वाली गैलेक्सी मिलेंगी और वह भी केवल इसलिए की उनके बीच टकराव बहुत होते थे. लेकिन युआन का कहना है कि ऐसा नहीं है. हम नहीं जातने कि जो रिंग अभी दिख रही है कौन सी रिंग है.

तो कैसे मिलेगा इन सवालों का जवाब
शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्हें इस रिंग के निर्माण की जानकारी के लिए और अधिक आंकड़ों की जरूरत है. उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि यह रिंग क्या अपने आप बनी या फिर टकरनाने से. उन्हें लगता है कि नासा की ओर से जल्द ही प्रक्षेपित होने वाला जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप उनकी शंकाओं के समाधान के लिए पर्याप्त आंकड़े दे सकेगा.

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