ब्लैकहोल किस गति से घूम रहे हैं, वैज्ञानिकों ने निकाला यह पता करने का तरीका

ब्लैकहोल किस गति से घूम रहे हैं, वैज्ञानिकों ने निकाला यह पता करने का तरीका
ब्लैकहोल की स्पिन की गति नहीं निकाली जा सकती थी, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसका तरीका निकाल लिया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ब्लैक होल (Black Hole) की स्पिन (Spin) की गति का सीधे पता लगाना लगभग असंभव है, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसका अप्रत्यक्ष तरीका निकाल लिया है.

  • Share this:
नई दिल्ली: ब्लैकहोल (Black Hole) के ब्रह्माण्ड (Universe) की ऐसी चीज है जिसके बारे में हमें सीधे-सीधे कभी कोई जानकारी नहीं मिली. अब तक हमें उनके बारे में जो भी पता चला, वह उनके आसपास की गतिविधियों से ही पता चल सका है. अभी तक ब्लैकहोल के घुमाव यानि कि स्पिन (Spin) की गति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन खगोलविदों ने इस बात का पता लगा लिया है कि हमारी गेलेक्सी में जो ब्लैकहोल स्थित है वह कितनी तेजी से घूम रहा है.

 किस ब्लैकहोल के स्पिन की गति निकाली
जीस ब्लैकहोल की स्पिन की गति निकाली गई है उसका नाम 4U1543-4 है जो एक तारे का चक्कर लगा रहा है और यह हमारी पृथ्वी से लगभग 24700 प्रकाशवर्ष दूर है. यह हमारे सूर्य से 9.4 गुना बड़ा है और यह एक सुपरमासिव ब्लैकहोल नहीं है.

स्पिन होता है ब्लैकहोल का विशेष गुण
ज्यादातर भौतिकविदों का मानना है कि ब्लैकहोल जब एक बिंदु पर सिमट आते हैं तो वे सभी तीन बातों को छोड़ एक से होते हैं. ये तीन बातें हैं उनका भार (Mass), उनका आवेश (Charge) और उनका घुमाव (Spin). वैसे तो ब्लैकहोल सैद्धांतिक तौर पर धनात्मक और ऋणात्मक आवेश वाले हो सकते हैं यदि वे केवल न्यूट्रॉन और प्रोटोन से ही बने हों तो, लेकिन ब्रह्माण्ड में संभवतः उनका आवेश शून्य होता है. लेकिन अब तक शोधकर्ताओं के लिए ब्लैकहोल का घुमाव यानि उनकी स्पिन को नापना बहुत मुश्किल काम था. लेकिन अब ऐसा लगता है कि शोधकर्ताओं को इस मामले में भी सफलता मिल गई है.



Back Hole
अब तक ब्लैक होल की सारी जानकारी उसके आसपास की गतिविधि से ही हासिल की जा सकी हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


आसपास के बादलों ने की मदद
वैसे तो अंतरिक्ष में अन्य मौजूद पिंडों के जैसे ब्लैकहोल भी अपनी धुरी पर घूमते हैं यानि की स्पिन करते हैं. लेकिन ग्रहों और तारों के जैसे उनकी स्पिन को सीधी तरह से  नापा नहीं जा सकता है. इसके लिए खगोलविद प्रोक्सीज (Proxies) पर निर्भर करते हैं. यह पदार्थ का वह बादल होता है जो ब्लैकहोल के इवेंट होरइजन की ठीक बाहर ब्लैकहोल का चक्कर लगा रहा होता है.  इवेंट होराइजन वह क्षेत्र होता है जिसके आगे प्रकाश सहित हर पदार्थ को ब्लैकहोल खुद के अंदर खींच लेता है. ये पदार्थ के बादल केवल उस ब्लैकहोल की स्पिन के प्रभाव से ही घूमते हैं,  यह पदार्थ कितनी तेज घूम रहा है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ब्लैक होल का कोणीय आवेग क्या होगा यानि कि स्पिन की गति या  क्या होगी.

जानिए कैसे 12 अरब साल पुराने संकेत से पता लगी डार्क युग की रोचक कहानी

तो इस मामले में कैसे पता चली गति
24700 प्रकाशवर्ष दूर के बादल आसानी से और स्पष्टता से दिखाई नहीं देंने वाले थे. इसलिए खगोलविदों के पास यह विकल्प नहीं था कि वे इवेंट होराइजन के पास के इन बादलों का पूरा सर्किट देखकर स्पिन का पता लगा पाते. इसके बजाए खगोलविदों ने इवेंट होराइजन के पास से आने वाली एक्स विकिरणों की चमक को मापा. ये विकिरण उस धूल और गैस से आ रही थीं जो इवेंट होराइजन के पास बहुत तेज गति से घूम रहीं थीं. इसी चमक से उनकी गति का पता चल सका. इससे उस ब्लैकहोल की स्पिन की गति का भी अंदाजा हो गया.

Black hole
ब्लैकहोल वैज्ञानिकों के लिए हमेशा से ही चुनौती रहे हैं.


कैसे प्रदर्शित होता है ब्लैकहोल का मान
खगोलविद ब्लैकहोल की स्पिन की गति को -1 और 1 के बीच की संख्या से प्रदर्शित करते हैं. जो ब्लैकहोल नहीं घूमते हैं उनकी गति 0 a* मानी जाती है. जबकि उनकी अधिकतम गतियां -1a* और 1 a* तक जाने लगती है. जब ब्लैकहोल तेजी से घूमता है, तब उसका इवेंट होराइजन सिमटने लगता है और अपनी चरम अवस्था में पहुचने लगता है. कोई भी ब्लैकहोल इतनी तेजी से  नहीं घूम सकता कि उसका इवेंट होराइजन ही गायब हो जाए.

इस ब्लैकहोली की स्पिन वैज्ञानिकों ने 0.67 निकाली. यह मान 059 से लेकर 0.82 तक हो सकता है अगर त्रुटियों की संभावनाओं को शामिल किया जाए तो.  फिर भी वैज्ञानिकों ने स ब्लैकहोल की स्पिन का साधारण मान निकाला है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज