Blinking Star in Milky Way: वैज्ञानिकों को क्यों आकर्षित कर रहा है ये

मिल्की वे के केंद्र के पास स्थित तारे (Star) की चमक कम ज्यादा होती रहती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: NASA ESA and A. Riess)

Blinking Star: वैज्ञानिकों ने हमारी गैलेक्सी (Galaxy) मिल्की (Milky Way) वे के केंद्र में एक विशाल जगमगाता तारा देखा है.

  • Share this:
    हाल ही में खगोलविदों  ने हमारी गैलेक्सी (Galaxy) मिल्के वे (Milky Way) के केंद्र में एक विशाल टिमटिमाता हुए तारे (Blinking Star) को देखा है. यह तारा हमारी पृथ्वी से 25 हजार प्रकाशवर्ष दूर स्थित है. आमतौर पर मिल्क वे जैसी गैलेक्सी के केंद्र के पास में सुपरमासिव ब्लैक होल पाए जाते हैं. लेकिन यह तारा उससे काफी दूर है. इसके अलावा बहुत कम चमक पर गायब हो कर फिर चमकने वाले इस तारे का इस क्षेत्र में दिखना भी वैज्ञानकों को हैरान कर रहा है.

    इस तरह से टिमटिमाना
    टेलीस्कोप के अवलोकन बताते हैं कि VVV-WIT-08 नाम का यह तारा अपने चमक 30 तक कम हो गया है और यह लगभग आकाश से गायब हो चुका है. इसी वजह से बहुत कम पाया जाने वाला यह तारा करीब 97 प्रतिशत तक धुंधला हो जाता है  और कुछ महीनों के बाद यह अपने पूर्ववत चमक में वापस आ जाता है.

    किसने की खोज
    इस टिमटिमाते तारे की खोज कई वैज्ञानिकों ने की जिसमें कैम्ब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोनॉमी के डॉ लेग स्मिथ की अगुआई में एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ हर्टफोर्डशायर, पोलैंडकी द यूनिवर्सिटी ऑफ वरसॉ  और चिली की यूनिवरसिदाद एंड्रेस बेलो के वैज्ञानिक भी शामिल थे.

    Space, Galaxy, Milky Way, Blinking Star, Sun, Brinary Star System, VVV-WIT-08
    हमारी मिल्की वे (Milky Way) गैसेक्सी में इस तरह के तारे का अध्ययन मुश्किल काम है (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


    टिमटिमाते तारों का सिस्टम
    यह अध्ययन मंथली नोटिसेस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशित हुआ है.  इसके मुताबिक VVV-WIT-08 एक नई श्रेणी की टिमटिमाते बाइनरी तारे सिस्टम का हिस्सा हो सकता है. बाइनरी तारे केसिस्टम में एक विशाल तारे पर, जो हमारे सूर्य से 10 गुना ज्यादा बड़ा होता है, हर कुछ दशकों में गर्हण उस साथी से ग्रहण लग जाता है जो उसका चक्कर लगा रहे तारे से होता है , लेकिन यह साथी तारा अब तक दिखाई नहीं दिया था.

    ESA ने जारी की भावी अभियानों की Themes, गहरे अंतरिक्ष में जाने की है तैयारी

    ये है वजह टिमटिमाने की
    इस सिस्टम का यह अब तक अज्ञात रहा साथी तारा या एक ग्रह भी हो सकता है जो आसपास एक अपारदर्शी डिस्क से घिरी होता है. जो विशाल तारे को ढक लेती है इससे यह तारा गायब होता है और फिर दिखाई देने लगता है. इस VVV-WIT-08 की खोज, ब्रिटिश द्वारा निर्मित, चिली में स्थित विस्ता टेलीस्कोप एवं और यूरोपीय साउदर्न ऑबजर्वेटरी द्वारा संचालित विस्ता बेरिएबल्स की विया टलैक्टिया सर्वे प्रजोक्ट से हुई थी.

    Space, Galaxy, Milky Way, Blinking Star, Sun, Brinary Star System, VVV-WIT-08
    मिल्की वे जैसी घनी गैलैक्सी (Galaxy) में इस तरह के तारों के साथी खोज बहुत मुश्किल है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: NASA_ESA)


    एक अरब तारों का अध्ययन
    पिछले एक दशक से वेधशाला करीब ऐसे एक अरब तारों का अवलोकन कर रही है जिसमें तारों के चमक स्पैक्ट्रम के इंफ्रारेड हिस्से में विविधता दिखा रही है. इसी तरह के दो और विशाल तारों की भी खोज हो चुकी है जिसके आधार पर इन टिमटिमाते विशाल तोरों की एक अलग ही श्रेणी बना दी गई है जिसके खगोलविद विशेषरूप से अध्ययन कर सकें. शोधकर्ताओं ने इस संभावना की भी पड़ताल करके देखी कि कहीं कोई अज्ञात पिंड तो संयोगवश इस विशाल तारे से का सामने से तो नहीं गुजरा है. लेकिन ऐसा नहीं है.

    तारों के निर्माण में गैलेक्सी की मदद करते हैं ब्लैक होल- शोध

    कैम्ब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोनॉमी के डॉ स्मिथ का कहना है कि ऐसेबहुत से तारे मिलने की उम्मीद है. लेकिन इसमें चुनौती यह पता करने की है कि आखिर ये छिपे हुए साथी कौन हैं और विशाल तारे से दूर चक्कर लगाने के बाद आखिर उनमें डिस्क कैसे बन गई.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.