क्यों मंगल की सतह के नीचे जीवन की तलाश कर रहे हैं वैज्ञानिक

क्यों मंगल की सतह के नीचे जीवन की तलाश कर रहे हैं वैज्ञानिक
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि मंगल की सतह के नीचे जीवन होने की ज्यादा संभावना है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ताजा शोध में वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि मंगल ग्रह (Mars) पर वहां की सतह के दो मीटर नीचे जीवन के अनुकूल (Possibility of Life)हालात होने की सबसे ज्यादा संभावना है.

  • Share this:
इन दिनों दुनिया के कई देशों का ध्यान मंगल ग्रह (Mars) के अभियानों पर है इस महीने चीन (China) और यूएई (UAE) ने मंगल के लिए अपने अंतरिक्ष यान भेजे. चीन ने उसके साथ एक रोवर भी भेजा है. अगस्त में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) भी अपना एक और रोवर मंगल के लिए प्रक्षेपित करने जा रहा है. इस समय तक मंगल ग्रह पर जितने भी अध्ययन हुए उनसे यही पता चला है कि मंगल पर जीवन होने (Possibility of life) के संकेत नहीं हैं. लेकिन ताजा शोध में वैज्ञानिकों का मानना है कि मंगल ग्रह की सतह के नीचे जीवन के संकेत हो सकते हैं.

मंगल पर जीवन के हालात बहुत प्रतिकूल लेकिन...
वैसे तो वैज्ञानिक इस बात पर सहमत हैं कि फिलहाल मंगल ग्रह पर इंसानों के रहने क हालात बिलकुल अनुकूल नहीं हैं. लेकिन वैज्ञानिकों ऐसे संकेत लगातार मिलते रहे हैं काफी पहले मंगल पर जीवन रहा होगा.  मंगल की सतह के नीचे काफी मात्रा में पानी होने की भी संभावना पाई गई है. ऐसे वैज्ञानिकों को लगता है कि मंगल की सतह पर जीवन के लिए हालात भले ही बहुत प्रतिकूल हों, लेकिन हो सकता है कि सतह के नीचे जीवन हो.

जीवन को यह हालात दे सकते हैं अनुकूलता
हाल में साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित अध्ययन दर्शाता है कि मंगल की सतह के नीचे जीवन की अनुकूलता के हालात होने की ज्यादा संभावना है. सतह के नीचे हालात कम विपरीत है और वहां पानी होने के संकेत भी मिल चुके हैं. इसके अलावा शोध का दावा है कि सतह पर लगातार गैलेक्टिक कॉस्मिक रेज (GCRs) जीवन के लिए जरूरी ऊर्जा प्रदान करने का काम कर सकती है.



कैसे किया गया अध्ययन
इस अध्ययन में कई न्यूमेरिकल मॉडल्स को शामिल किया गया है. अंतरिक्ष अभियानों के वर्तमान आंकड़ों के अलावा पृथ्वी की गहरी गुफाओं में पाए गए इकोसिस्टम इसमें शामिल किए गए हैं. इससे उस जीवन की प्रक्रिया का पता चला जो सतह के नीचे पनप सकती है. इससे यह भी पता चला कि ऐसे जीवन के  बारे में मंगल पर उतरने वाले इंसान भी पता लगा सकते हैं. इस हिस्से का बारे में अभी तक अन्वेषण नहीं किया गया है, लेकिन वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ने भविष्य में होने वाले अभियानों के जरिए मंगल की सतह के नीचे अन्वेषण कर सकेंगे.

Mars
अभी तक मंगल पर केवल कुछ अंतरिक्ष यान ही उतरे हैं लेकिन वहां कोई इंसान नहीं गया है. . (प्रतीकात्मक तस्वीर)


एक रोवर इसी के अध्ययन के लिए
यूरोपीय स्पेस एजेंसी और रूसी रोसकोसमोस मंगल की सतह और उसके नीचे का अध्ययन करने के लिए रोवर भेजने की योजना बना रहे हैं. यह योजना टल गई थी क्योंकि इसे आगे की टेस्टिंग की जरूरत थी. अब इसे दो साल बाद भेजा जाएगा.

क्या मंगल पर जाने के लिए कितना सही होगा शुक्र ग्रह के रास्ते से जाना?



गौरतलब है कि नासा का पर्सिवियरेंस का मंगल पर एक प्रमुख लक्ष्य मंगल की सतह और उसके नीचे का अध्ययन कर यह जानना भी है कि क्या वहां कभी इतिहास में जीवन रहा था. इसके अलावा पर्सिवियरेंस मंगल की सतह के नीचे पानी के स्रोतों की खोज भी करेगा. जिससे वहां इंसानों के पहुंचने पर पानी उपलब्ध हो सके.

MARS
मंगल की सतह पर जीवन के अनुकूल हालात नहीं हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


कब प्रक्षेपित किया जाएगा रोवर
अबूधाबी की NYU के स्पेस साइंस सेंटर के वैज्ञानिक दिमित्र अत्री ने एक बयान में कहा, “मंगल की सतह के दो मीटर की गहराई जैसे कठोर वातावरण में जीवन के बारे में विचार करना ही अपने आप में उत्साहित करता है. जब रोजोलिंद फ्रैंकलिन रोवर एक्सोमार्स मिशन में सतह पर खुदाई करेगा, वह वहां सूक्ष्मजीवन ढूंढने में पूरी तरह से सक्षम होगा और इस मामले में अहम रोशनी डाल सकेगा. यह रोवर साल 2022 में प्रक्षेपित किया जाएगा.

मंगल ग्रह पर दिखाई दिए खिसकते हुए रेत के टीले, बदली वैज्ञानिकों की ये धारणा



मंगल पर जीवन के संभावना के लिए यूं ही जोर नहीं दिया जा रहा है. वैज्ञानिकों को इस बात के ठोस संकेत मिले हैं कि कभी मंगल पर जीवन के अनुकूल हालात थे. इसके अलावा वहां जीवन के अनुकूल हालात पैदा करने और कुछ इलाकों को रहने लायक बनाने पर भी शोध चल रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading