अपना शहर चुनें

States

भारत के एस्ट्रोसैट ने देखा ‘ब्रह्माण्ड का डायनासोर’, जानिए क्यों कहा गया ऐसा

एस्ट्रोसैट (Astrosat) ने इस तारापुंज (Star Cluster) में बहुत से पराबैंगनी तारे हैं जो दुर्लभ होते है. (तस्वीर: NASA ESA G. Piotto)
एस्ट्रोसैट (Astrosat) ने इस तारापुंज (Star Cluster) में बहुत से पराबैंगनी तारे हैं जो दुर्लभ होते है. (तस्वीर: NASA ESA G. Piotto)

भारतीय एस्ट्रोसैट (Astrosat) ने दुर्लभ तारों वाला ताराकुंज (Globular Star Cluster) देखा है जिसे ब्रह्माण्ड का डायनासोर (Dinosaur of Universe) कहा जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 24, 2021, 10:28 AM IST
  • Share this:
भारत का पहला बहुल तरंगदैधर्य अंतरिक्ष उपग्रह (Multi-Wavelength Space Satellite) एस्ट्रोसैट (Astrosat) पिछले साल सितंबर में अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था. तब से वह ब्रह्माण्ड की कई गुत्थियों को सुलझाने में खगोलविदों की मदद कर चुका है. इसी कड़ी में अब खगोलविदों ने हमारी गैलेक्सी मिल्की वे (Milky Way) में एक विशाल अजीब से गोलाकार तारासमूह (Globular Cluster) की खोज की है. ऐसे तारों (Stars) को पाया गया है जो ब्रह्माण्ड (Universe) में बहुत ही कम देखे गए हैं. इस तारापुंज को ब्रह्माण्ड का डायनासोर (Dinosaur of Universe) कहा गया है.

खास तरह के तारे
भारत के विज्ञान और तकनीकी विभाग ने इस खोज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस तारा समूह में बहुत कम पाए जाने वाले ऐसे तारे हैं जो गर्म पराबैंगनी विकरणों से चमकते हैं. इन तारों का केंद्र एक तरह से पूरा खुला हुआ है जिससे वे बहुत ही गर्म तारे बन गए हैं. ये तारे सूर्य जैसे तारों के अंतिम अवस्था में हैं.  फिर भी अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन तारों का जीवन कैसे समाप्त होता है क्योंकि इनमें से बहुत से तारे अभी अपने शुरुआती दौर में अवलोकित नहीं किए जा सके हैं जो कि उनके अध्ययन के लिए बहुत अहम है.

खगोलविदों  की प्रयोगशाला
पुराने गोलाकार तारापुंजों को ब्रह्माण्ड का डायनासोर कहा जाता है. ये खगोलविदो के लिए बहुत ही विशेष किस्म की लैबोरेटरी मानी जाती हैं जहांवे तारों के जन्म से लेकर उनकी मृत्यु तक की सभी अवस्थाओं का अध्ययन कर सकते है. इसके लिए अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप से ली गईं तस्वीरें बहुत ही उपयोगी साबित होती हैं.



, India, Astrosat, satellite, globular star cluster, hot UV-bright stars, Dinosaur of Universe, Star, star cluster
अध्ययन में इस तारापुंज (Star Cluster) के बहुत से पराबैंगनी चमकीले तारे की विशेषताओं की जानकारी हासिल की जा सकी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: NASA ESA and S Casertano)


तारों का तुलनात्मक अध्ययन
एस्ट्रोसैट के साथ भारत के विज्ञान और तकनीकी विभाग के इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स के खगोलविदों ने गर्म पराबैंगनी चमकीले तारों को तुलनात्मक रूप से ठंडे लाल विशाल और प्रमुख तारों से अलग किया जो इन तस्वीरों में धुंधली दिखती हैं. इस अध्ययन की पड़ताल  द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशन के लिए स्वीकार कर ली गई हैं.

जानिए ब्रह्माण्ड के बारे में क्या नई बातें बता रही है दो बड़ी गैलेक्सी की खोज

तारों के गुणों की पड़ताल
वैज्ञानिकों की इस टीम में IIA के दीप्ती एस प्रभु, अन्नापूर्णी सुब्रमण्यम और स्नेहलता साहू शामिल थे. टीम ने UVOT आंकड़ों के साथ हबल टेलीस्कोप, गीगा टेलीस्कोप अंतरिक्ष अभियानों और धरती पर प्रकाशीय अवलोकनों का उपयोग किया. शोधकर्ताओं ने इस गोलाकार तारापुंज में करीब 34 पराबैंगनी चमकीले तारे खोजे. आंकड़ों से टीम ने इन तारों के सतह के तापमान, चकम और त्रिज्याओं जैसे गुणों का पता लगाया.

, India, Astrosat, satellite, globular star cluster, hot UV-bright stars, Dinosaur of Universe, Star, star cluster
इन पराबैंगनी चमकीले तारों (UV Bright Stars) में एक खास अवस्था नहीं होती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


तारों के गुणों से यह कोशिश
टीम के सदस्य सुब्रमण्यम  ने बताया कि पराबैंगनी चमकीले तारों में से एक हमारे सूर्य से 3000 गुना ज्यादा चमकीला है, जबकि उसकी सतह का तापमान एक लाख केल्विन है. तारों के गुणों को खगोलविदों ने सैद्धांतिक मॉडलों के साथ हर्ट्जस्प्रंग-रसल आरेख, जिसे एचआर डायग्राम भी कहा जाता है, में रखा जिससे उनके पूर्व तारों और उनके भविष्य में होने वाले विकास का पता चल सके.

जानिए कैसे नासा के खगोलविदों ने पता लगा लगाई सुपरनोवा की उम्र

अध्ययन में पाया गया कि कि ज्यादातर तारे हॉरिजोंटल ब्रांच तारों वाली सौर अवस्था से निकले हैं जिसमें बाहरी परत नहीं के बराबर होती है. इसी वजह से तारे के जीवन की अंतिम प्रमुख अवस्था से नहीं गुजरते हैं जिसे एसिम्प्टोटिक जायंट अवस्था कहते हैं. वे सीधी ही मृत अवशेष या सफेद बौने तारे बन जाते हैं. एस्ट्रोसैट के जरिए अब तक 800 खगोलीय स्रोतों से 1166 अवलोकन किए हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज