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अयोध्या मामला: आजाद भारत में 68 साल से चल रही सुनवाई, अभी तक आए मात्र 2 फैसले

अयोध्या मामला: आजाद भारत में 68 साल से चल रही सुनवाई, अभी तक आए मात्र 2 फैसले

बाबरी मस्जिद (फाइल फोटो-पीटीआई)

बाबरी मस्जिद (फाइल फोटो-पीटीआई)

बाबरी मस्जिद-राम मंदिर मामले में पहला केस 1855 में दर्ज हुआ था. अभी इस विवाद को लेकर कई केस दर्ज हो चुके हैं लेकिन फैसला मात्र 2 मामलों में आया है.

    बाबरी मस्जिद-राम मंदिर मामले में पहला फैसला 1949 में आया था. लेकिन अभी तक इस मामले में कुल 2 ही फैसले आए हैं. आज एक प्रमुख मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. अयोध्या की बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि का पहला विवाद 1822 में फैजाबाद कोर्ट के कागजों में दर्ज मिलता है. इस मामले में फैजाबाद कोर्ट ने 1949 में फैसला सुनाया था. 2010 में यह मामला तब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जब इस मामले के पक्षकारों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.

    अयोध्या की बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि का पहला विवाद 1822 में फैजाबाद कोर्ट के एक अधिकारी जिनका नाम हफीजुल्लाह था ने दर्ज किया था. इसके बाद जमीन विवाद को लेकर पहला मामला 1855-56 में एक धार्मिक संस्था निर्मोही अखाड़ा, जो वैष्णव संप्रदाय से संबंधित है ने विवादित जमीन की पहचान राम जन्मभूमि बताते हुए उस पर कानूनी हक पाने के लिए सबसे पहले दावा किया.

    इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1949 में फैजाबाद सिविल कोर्ट ने कहा, तीनों ही पक्ष, यानी मुस्लिम, हिंदू और निर्मोही अखाड़ा एक साथ संपत्ति/ परिसर के एक-एक तिहाई के हिस्सेदार हैं. तीनों को ही इसके प्रयोग, रखरखाव और पूजापाठ के लिए एक-एक तिहाई हिस्से पर अधिकार है.

    इसके ठीक 61 साल बाद 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक दूसरे फैसले में करीब-करीब यही बात दोहराई. हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि 2.77 एकड़ की विवादित जमीन को तीन बराबर हिस्सों में बांट दिया जाना चाहिए. इन तीन हिस्सों में से एक हिस्सा हिंदू महासभा की संस्था राम लला विराजमान को राम मंदिर बनाने के लिए और एक-एक हिस्सा सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े को मिलेगा.

    सुप्रीम कोर्ट में अब तक क्या-क्या हुआ?
    2010: दिसंबर में अखिल भारतीय हिंदू महासभा और सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.

    2011: मई में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि की विवादित जमीन को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाना था. सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन पर पहले की व्यवस्था ही लागू रखने का आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला चौंकाने वाला था क्योंकि किसी भी पक्ष ने विवादित जमीन को बांटे जाने की मांग नहीं की थी.

    2014: अयोध्या विवाद मामले में याचिका दायर करने वालों में सबसे बुजुर्ग और सात प्रमुख मुस्लिम याचिकाकारों में से एक मोहम्मद फारुख़ का दिसंबर मे निधन हो गया.

    2016: फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी को एक पक्षकार के तौर पर पेश होने की अनुमति दी. उन्हें उस जगह पर राम मंदिर बनाए जाने की याचिका दायर की थी. यह मंदिर वहीं बनाए जाने से संबंधित थी, जहां बाबरी मस्जिद थी. जिसे 6 दिसंबर, 1992 को तोड़ दिया गया.

    2017: 21 मार्च को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने इस मामले के पक्षकारों को कोर्ट से बाहर बातचीत के जरिए आपसी सुलह से मामला सुलझाने को कहा.

    2018: 8 अगस्त को उत्तरप्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड मामले में अचानक से सामने आ गया. शिया बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उसका विवादित जमीन पर कानूनी हक है. इसके पीछे उसका तर्क यह था कि बाबरी मस्जिद को बनवाने वाला मीर बाक़ी एक शिया था.

    शिया बोर्ड, जो कि प्रमुख मुकदमें में 1989 से ही एक पक्षकार है. हालांकि इसे 1946 में फैजाबाद कोर्ट के एक आदेश से बाहर कर दिया गया था. यह भी गिरा दी गई बाबरी मस्जिद के स्थान पर राम मंदिर बनाए जाने का समर्थन करता है. जबकि शिया वक्फ बोर्ड के इस फैसले को स्वीकार करने को सुन्नी वक्फ बोर्ड तैयार नहीं है.

    2018: 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख मामले की आखिरी सुनवाई की तारीख 5 दिसंबर तय की. इसके एक दिन बाद विवादित ढांचे को गिराए जाने के 25 साल पूरे हो रहे थे. 5 दिसंबर को, तत्कालीन CJI दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और अब्दुल नज़ीर की सुप्रीम कोर्ट की एक स्पेशल बेंच ने मामले की सुनवाई की.

    सुन्नी वक्फ बोर्ड का पक्ष पेश करते हुए सीनियर वकील और कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने 2019 के लोकसभा चुनावों तक मामले की सुनवाई स्थगित की जाने की अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल की अपील को खारिज कर दिया और मामले की आखिरी सुनवाई के लिए 8 फरवरी, 2018 की तारीख तय की. 14 मार्च के बाद आज मामले की आखिरी सुनवाई होनी है.

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    Tags: Ayodhya Land Dispute, Ayodhya Mandir, Babri Masjid Demolition Case, Babri mosque demolition, Ram janam bhumi, Ram janambhumi controversy, Supreme Court, Supreme court of india

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