Home /News /knowledge /

गुरु ग्रह से भी बड़े Baby Planet की खोज को वैज्ञानिक क्यों दे रहे हैं अहमियत

गुरु ग्रह से भी बड़े Baby Planet की खोज को वैज्ञानिक क्यों दे रहे हैं अहमियत

इस बाह्यग्रह (Exoplanet) को पृथ्वी के ही टेलीस्कोप से सीधे अवलोकित किया जा सकता है. (तस्वीर: हवाई यूनिवर्सिटी)

इस बाह्यग्रह (Exoplanet) को पृथ्वी के ही टेलीस्कोप से सीधे अवलोकित किया जा सकता है. (तस्वीर: हवाई यूनिवर्सिटी)

पृथ्वी से बाहर बहुत से तारों के पास ग्रहों का तंत्र (System of Planets) मिलता है. वैज्ञानिक अब तक करीब 4 हजार बाह्यग्रह हमारी गैलेक्सी में खोज चुके हैं. उनके अध्ययन कर वे हमारे अपने सौरमंडल के इतिहास को समझने का प्रयास करते हैं. हाल ही में वैज्ञानिकों को हमारे सौरमंडल (Solar System) के गुरु ग्रह के भी बहुत बड़े भारी, लेकिन नवजात ग्रह (Baby Planet) की खोज की है. बताया जा रहा है कि यह कुछ करोड़ साल पहले की बना था. इस खोज से वैज्ञानिक उत्साहित हैं क्योंकि इससे उन्हें पृथ्वी के निर्माण के समय की बहुत अहम जानकारी मिल सकती है.

अधिक पढ़ें ...

    बाह्यग्रहों (Exoplanet) की खोज के पीछे जीवन की संभावनाओं की तलाश करना ही मकसद नहीं है.  हमारे खगलोविद और वैज्ञानिक उन प्रक्रियाओं को समझना चाहते है जिनसे सौरमंडल (Solar System) और ग्रहों का निर्माण होता है. इस बारे में उन्हें बाह्यग्रहों और उनके हालातों से बहुत उम्मीदें होती हैं. उनका अध्ययन वैज्ञानिकों को पुरातन सौरमडंल आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दे सकता है. खगोलविदों को ऐसा ही एक बाह्यग्रह दिखा है जो एक तारे के सबसे युवा ग्रहों में से एक है. वैज्ञानिकों का मानना है कि गुरु (Jupiter) से भी बड़े इस युवा बाह्यग्रह के अध्ययन से पृथ्वी के शुरुआती समय की जानकारी मिल सकती है.

    कुछ करोड़ साल पहले ही बना था
    हमारे सौरमंडल के बाहर बहुत से ऐसे तारे भी हैं जिनका आज की स्थिति वैसी ही है जैसी कभी हमारे सूर्य की हुआ करती थी. ऐसे में इस तरह के तारे और उनके ग्रह वैज्ञानिकों के अध्ययन के लिए आदर्श होते हैं. वैज्ञानिकों का आंकलन है कि यह ग्रह हमारे सौरमंडल के गुरु ग्रह से कुछ गुना ज्यादा भारी है. यह ग्रह अपने  तारे के साथ कुछ करोड़ साल पहले बना था.

    पृथ्वी के टेलीस्कोप से देख सकते हैं
    इस ग्रह की खोज मनोआ की हवाई यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के छात्रों और शिक्षकों की अगुआई में शोधकर्ताओं की टीम ने की है. इस शोध को मंथली नोटेसेस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशन के लिए स्वीकार कर लिया गया है. इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और मनोआ की हवाई यूनिवर्सिटी के अर्थ साइंस विभाग के प्रोफेसर एरिक गाइडोस का कहना है कि यह शानदार खोज ऐसे ग्रहों की सूची में शामिल हुई है जिन्हें टेलीस्कोप के जरिए पृथ्वी से सीधे अवलोकित किया जा सकता है.

    अब भी बहुत गर्म है
    खगोलविदों का कहना है कि यह ग्रह इतना युवा है कि यह अपने निर्माण की उर्जा के कारण अब भी बहुत गर्म है. इसका तापमान पृथ्वी की किलोवेया ज्वालामुखी से निकलने वाले लावा के तापमान जितना है. गाइडोस ने बताया कि इस ग्रह से आने वाले प्रकाश का विश्लेषण से इसकी संरचना और इसके निर्माण के बारे में पता लगाया जा सकता है कि यह तारे के आसपास लंबी गायब हो चुकी गैस और धूल की डिस्क में कैसे बना.

    Jupiter, Earth, Solar System, Exoplanet, Baby Planet, History of earth, University of Hawaii, 2M0437b

    गुरु ग्रह से बड़ा होने के बाद भी यह बाह्यग्रह (Exoplanet) कुछ करोड़ साल पुराना ही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    तीन साल पहले देखा गया था सबसे पहले
    वैज्ञानिकों ने इस ग्रह को 2M0437b नाम दिया हैय यह पहली बार साल 1918 को माउना के पर सुबारू टेलीस्कोप से देखा गया था जिसके बाद वैज्ञानिक इस पर लगातार नजर बनाए रखे हैं. इस अध्ययन में खगोलविदों ने केक वेधशाला के नियर इन्फ्रारेज कैमरा के साथ केक 2 टेलीस्कोप के अडाप्टिव ऑप्टिक सिस्टम का उपयोग किया.

    पहली बार हमारी गैलेक्सी के बाहर खोज गया एक ग्रह- जानिए कैसे

    ग्रह होने की पुष्टि
    इन उपकरणों के जरिए खगोलविद 2M0437b ग्रह के बारे में इस बात की पुष्टि कर सके कि यह पिंड वास्तव में एक तारे का साथी है ना कि कोई सुदूर पिंड. इस अध्ययन के सह लेखक और ऑस्टिन के टैक्सास यूनिवर्सिटी में खगोलविज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ एडम क्राउस ने बताया, “केक वेधशाला से मिले खास आंकड़ों से यह पुष्टि करने में सहायता मिली कि यह धुंधला पड़ोसी अंतरिक्ष में अपने तारे के साथ घूम रहा है. अब हम इस ग्रह के कक्षा की गतिविधि का मापन भी कर सकेंगे.

    shutterstock

    इस बाह्यग्रह (Exoplanet) की अपने तारे से दूरी पृथ्वी सूर्य की दूरी से 100 गुना ज्यादा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    कितनी दूर है अपने तारे से यह ग्रह
    वैज्ञानिकों ने अपने बयान में कहा कि यह ग्रह और इसका तारा एक तारों की नर्सरी में स्थित है जिसे टॉरस क्लाउड कहते हैं. यह ग्रह हमारे सौरमंडल के ग्रहों की कक्षा की तुलना में काफी चौड़ी कक्षा में है. फिलहाल यह अपने तारे से हमारी पृथ्वी सूर्य की दूरी के सौ गुना ज्यादा दूरी पर है.  यही वजह है कि इसका अवलोकन करना आसान हो जाता है.

    जानिए जेफ बेजोस की कंपनी Blue Origin के नए स्पेस स्टेशन के बारे में

    इस अध्ययन के एक अन्य सहलेखक माइकल लियु बताते हैं कि दुनिया के दो विशालतम टेलीस्कोप, अडाप्टिव ऑप्टिक्स तकनीक और माउनाकेआ के साफ बादल वाला आसामान इस खोज के लिए काम आए. 2M0437b ग्रह की कक्षा बहुत धुंधली है इसलिए आंखों से दिखाई नहीं देती हैं.

    Tags: Earth, Jupiter, Research, Science, Solar system

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर