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बाबरी मस्जिद विध्‍वंस की जिम्‍मेदारी लेने वाले बाल ठाकरे ने कहा था, राममंदिर नहीं अयोध्‍या में बनाया जाए इनका स्‍मारक

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Updated: November 29, 2019, 11:14 AM IST
बाबरी मस्जिद विध्‍वंस की जिम्‍मेदारी लेने वाले बाल ठाकरे ने कहा था, राममंदिर नहीं अयोध्‍या में बनाया जाए इनका स्‍मारक
अयोध्‍या में राममंदिर को लेकर शिवसेना संस्‍थापक बाल ठाकरे की सोच पार्टी लाइन से बिलकुल अलग थी.

शिवसेना (Shiv Sena) संस्‍थापक बाल ठाकरे (Bal Thackeray) ने एक साक्षात्‍कार के दौरान कहा था कि मस्जिद बनाने के लिए अयोध्‍या (Ayodhya) में ही कहीं और जगह दे दी जानी चाहिए. उन्‍होंने कहा था कि कोर्ट (Court) को उपलब्‍ध सबूतों (Evidences) के आधार पर जल्‍द से जल्‍द फैसला (Decision) सुनाना चाहिए.

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  • Last Updated: November 29, 2019, 11:14 AM IST
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नई दिल्‍ली. अयोध्‍या में बाबरी मस्जिद विध्‍वंस की जिम्‍मेदारी लेने वाले शिवसेना संस्‍थापक बाल ठाकरे (Bal Thackeray) विवादित जमीन पर राममंदिर बनाने के पैरोकार नहीं थे. उन्‍होंने एक साक्षात्‍कार के दौरान पार्टी लाइन से हटकर जबाव दिया था कि अयोध्‍या (Ayodhya) में विवादित भूमि पर एक राष्‍ट्रीय स्‍मारक (National Memorial) बनाया जाना चाहिए. इसका नाम देश के पहले स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी (Freedom Fighter) मंगल पांडे (Mangal Pandey) के नाम पर रखा जाना चाहिए, जिन्‍होंने आजादी के लिए पहली बार अंग्रेजों (Britishers) के खिलाफ हथियार उठाए थे. उनका ये जवाब हर किसी को चौंकाने वाला था.

कहा था - मस्जिद के लिए अयोध्‍या में ही कहीं दे दी जाए जमीन
बाल ठाकरे ने इससे पहले रामजन्‍मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के समाधान पर कहा था कि उस जमीन पर हमारा अधिकार है. हमें वास्‍तविक राममंदिर (Ram Mandir) वाली जमीन ही चाहिए. बाबरी मस्जिद के लिए अयोध्‍या में ही कहीं और जमीन दे दी जाए. बीबीसी रेडिया की हिंदी सेवा को 2004 में दिए साक्षात्‍कार में उन्‍होंने कहा था, 'विवादित भूमि पर राममंदिर के बजाय मंगल पांडे के नाम पर राष्‍ट्रीय स्‍मारक बनाया जाना चाहिए ताकि लोग वहां आएं और उन्‍हें उस नौजवान के बारे में भी पता चले, जिसने अंग्रेजों पर पहली गोली चलाई थी. उनका ये चौंकाने वाला जवाब अगले दिन भारत के करीब हर अखबार की सुर्खी बना.

कोर्ट को उपलब्‍ध सबूतों के आधार पर जल्‍द देना चाहिए फैसला

अयोध्‍या विवाद के समाधान में हो रही देरी पर बाल ठाकरे ने कहा था कि अदालत को सबूतों के आधार पर जल्‍द से जल्‍द फैसला कर देना चाहिए. मेरा कहना है जो भी सबूत हैं, उन्‍हीं के आधार पर फैसला सुना दिया जाए. अगर हिंदू-मुस्लिमों ने कोर्ट को अपनी-अपनी तरफ से सबूत दिए हैं तो उनमें सही और गलत का फैसला कर विवाद का समाधान कर दिया जाना चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि आप मुस्लिम विरोधी हैं तो उन्‍होंने कहा, ये सही नहीं है. ये पूरी तरह से गलत आरोप है. मैं मुस्लिमों के खिलाफ नहीं हूं. बंटवारे के समय जो पाकिस्‍तान जाने वाले गए और जो यहां रह गए हैं, वे हमारे अपने हैं.

'भारतीय मुस्लिमों से नहीं बांग्‍लादेशी घुसपैठियों से है दिक्‍कत'
ठाकरे ने कहा था कि उन्‍हें घुसपैठियों से दिक्‍कत है. ये घुसपैठिए ही भारत में धर्म के नाम पर घृणा फैलाते हैं. यही लोग देश में सांप्रदायिक दंगे भी भड़काते हैं. ये घुसपैठिए मुस्लिमों को भड़काकर भग जाते हैं और गरीब मासूमों को मरने के लिए छोड़ जाते हैं. दंगों में मरने वालों का घुसपैठियों के मंसूबों से कोई लेनादेना नहीं होता. बांग्‍लादेश से लाखों मुस्लिम भारत में क्‍यों घुस रहे हैं. हम क्‍यों उनका बोझ ढोएं. ये गैरकानूनी तरीके से भारत में घुसने वाले बांग्‍लादेशी नागरिक ही भारतीय मुस्लिमों की छवि खराब कर रहे हैं. यही विदेशी घुसपैठिए उग्रवाद को बढ़ावा दे रहे हैं. भारतीय मुसलमान इसमें शामिल नहीं हैं.
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First published: November 28, 2019, 8:37 PM IST
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