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बाल ठाकरे ने सचिन तेंदुलकर को दे डाली थी सख्‍त चेतावनी, 'बॉम्‍बे' का भी किया था विरोध

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Updated: November 29, 2019, 11:16 AM IST
बाल ठाकरे ने सचिन तेंदुलकर को दे डाली थी सख्‍त चेतावनी, 'बॉम्‍बे' का भी किया था विरोध
शिवसेना संस्‍थापक बाल ठाकरे को सचिन तेंदुलकर का महाराष्‍ट्र को लेकर एक बयान नागवार गुजर गया था. इसके बाद उन्‍होंने सचिन को काफी खरी-खोटी सुनाई थी.

शिवसेना के संस्‍थापक बाल ठाकरे (Bal Thackeray) मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के एक बयान से गुस्‍से में आ गए थे. इसके बाद उन्‍होंने दिग्‍गज क्रिकेटर को धमकी भरे लहजे में चेतावनी दी थी. साथ ही उनके खिलाफ शिवसेना (Shiv Sena) के मुखपत्र सामना में ओपन लेटर भी लिख डाला था. दरअसल, सचिन ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कह दिया था कि मुंबई (Mumbai) सभी भारतीयों की है.

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नई दिल्‍ली. क्रिकेट और क्रिकेटर्स से खासा लगाव रखने वाले शिवसेना संस्‍थापक बाल ठाकरे (Bal Thackeray) ने एक बार भारत के दिग्‍गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को सख्‍त लहजे में चेतावनी दे डाली थी. दरअसल, एक प्रेस कांफ्रेंस में सचिन से पूछा गया था कि क्या मुंबई (Mumbai) सिर्फ मराठियों की है तो उन्‍होंने कहा था, मैं पहले भारतीय हूं. इसके बाद महाराष्ट्रियन हूं. मुंबई सभी भारतीयों की है. सचिन की यह बात बाल ठाकरे को नागवार गुजर गई. उन्‍होंने मास्टर ब्लास्टर की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि सचिन राजनीति के मामले में बयानबाजी न करें. वह यहीं नहीं रुके. उन्‍होंने शिवसेना (Shiv Sena) के मुखपत्र 'सामना' में सचिन तेंदुलकर के नाम ओपन लेटर लिखा.

लिखा, जीभ को बैट बनाकर मराठियों को ठेस पहुंचाना बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा
बाल ठाकरे ने सामना में लिखा था कि सचिन क्रिकेट (Cricket) ही खेलें. वह राजनीति की पिच पर बल्लेबाजी की कोशिश भी ना करें. तीखी भाषा का इस्‍तेमाल करते हुए उन्‍होंने लिखा, 'क्रिकेट की पिच पर तूने जो कमाया है, उसे राजनीति की पिच पर मत गंवा. फिलहाल मैं ऐसा प्रेमपूर्ण संकेत तुझे तेरे भले के लिए दे रहा हूं. तुम्हारे चौके छक्के पर लोग तालिया बजाते हैं, लेकिन मराठी जनमानस के न्याय अधिकार के मुद्दे पर अपनी जीभ को बैट बनाकर मराठियों (Maratha) को ठेस पहुंचाओगे तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.' उन्‍होंने लिखा कि खिलाड़ियों को देश के लिए खेलना चाहिए, लेकिन आजकल क्रिकेटर सिर्फ अपने लिए खेलता है. मराठी मानुस ने महाराष्ट्र (Maharashtra) को जब हासिल किया तब तुम्हारा जन्म भी नहीं हुआ होगा.

बाल ठाकरे ने बॉलीवुड डायरेक्‍टर मणिरत्‍नम की फिल्‍म बॉम्‍बे से नाराजगी की अमिताभ बच्‍चन को बताई थी अजीब वजह.


बाबरी मस्जिद की ली थी जिम्‍मेदारी, मणिरत्‍नम ने दंगों पर बनाई थी फिल्‍म
महाराष्‍ट्र ही नहीं पूरे देश में बाल ठाकरे को अपने तीखे तेवर के लिए पहचाना जाता था. यूपी के अयोध्‍या (Ayodhya) में बाबरी मस्जिद विध्‍वंस के बाद दिसंबर, 1992 और जनवरी, 1993 में मुंबई में भी भयंकर दंगे (Riots) हुए थे. इनमें करीब 700 लोगों की मौत हुई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे. तब बाल ठाकरे ने खुले तौर पर इसकी जिम्‍मेदारी लेते हुए कहा था, 'अगर अयोध्‍या के कारसेवक शिवसैनिक थे तो मुझे उन पर गर्व है.' दंगों के करीब तीन साल बाद 1995 में बॉलीवुड डायरेक्‍टर मणिरत्‍नम (Mani Ratnam) ने दंगों पर एक फिल्‍म बनाई. उन्‍होंने फिल्‍म का नाम 'बॉम्‍बे' (Bombay) रखा. इस फिल्‍म में शिवसैनिकों को लोगों की हत्‍या और लूटपाट करते दिखाया गया था.

बॉम्‍बे रिलीज नहीं होने देने की बाल ठाकरे ने बताई थी चौंकाने वाली वजहबाल ठाकरे ने फिल्‍म देखने के बाद कहा कि वह 'बॉम्‍बे' को मुंबई में रिलीज नहीं होने देंगे. फिल्‍म के वितरक अमिताभ बच्‍चन (Amitabh Bachchan) के बाल ठाकरे से अच्‍छे संबंध थे. वह शिवसेना संस्‍थापक से मिलने गए और उनसे पूछा कि क्‍या उन्‍हें शिवसैनिकों को दंगाई के तौर पर दिखाने के कारण बुरा लगा तो उन्‍होंने चौंकाने वाला जवाब दिया. उन्‍होंने कहा कि मुझे शिवसैनिकों को दंगाई दिखाना बुरा नहीं लगा, बल्कि फिल्‍म में मेरे किरदार को दंगों पर अफसोस जताते हुए दिखाने पर मुझे ऐतराज है. उन्‍होंने कहा कि मैं कभी किसी चीज पर दुख नहीं जताता हूं. बाद में 'बॉम्‍बे' रिलीज हुई और हिट साबित हुई.

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First published: November 28, 2019, 7:23 PM IST
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